नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी बल्लेबाज रोहित शर्मा ने वनडे क्रिकेट में अपने भविष्य और 2027 ICC पुरुष क्रिकेट विश्व कप को लेकर अपनी प्रेरणा के बारे में बात की है। टेस्ट और टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद भी रोहित 50 ओवर के प्रारूप में खेल रहे हैं और उनका कहना है कि वनडे क्रिकेट में अभी उनके कुछ लक्ष्य अधूरे हैं। उन्होंने कहा कि जब तक कोई खिलाड़ी खेलता रहता है, तब तक उसके सामने कुछ न कुछ हासिल करने के लिए जरूर होता है।वेस्टइंडीज के खिलाफ भारत की तीन मैचों की वनडे सीरीज से पहले JioStar से बातचीत में रोहित ने वनडे क्रिकेट में खेलते रहने के पीछे की अपनी सोच साझा की। उन्होंने कहा कि उनके मन में कभी यह विचार नहीं आएगा कि उनका काम पूरा हो गया है। उनके मुताबिक, खेलते रहने के दौरान हमेशा आगे देखने और कुछ नया हासिल करने की इच्छा बनी रहती है।
रोहित ने कहा, "मेरे मन में कभी यह ख्याल नहीं आएगा कि मेरा काम पूरा हो गया है। जब तक आप खेल रहे होते हैं, तब तक हमेशा आगे देखने के लिए कुछ न कुछ होता है। और मैं विश्व कप का इंतजार कर रहा हूं, यह देख रहा हूं कि मेरे लिए आगे क्या है।"रोहित का यह बयान ऐसे समय आया है जब भारतीय टीम 2027 में होने वाले वनडे विश्व कप की तैयारी की दिशा में आगे बढ़ रही है। 50 ओवर का यह टूर्नामेंट दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में आयोजित किया जाना है। रोहित के लिए यह विश्व कप उनके वनडे करियर का एक और बड़ा लक्ष्य हो सकता है।
रोहित शर्मा ने मई 2025 में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा की थी। इसके बाद उन्होंने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से पहले ही संन्यास ले लिया था। 2024 में भारत के टी20 विश्व कप जीतने के बाद रोहित ने इस प्रारूप से विदाई ली थी। हालांकि उन्होंने वनडे क्रिकेट में अपना सफर जारी रखा।50 ओवर के प्रारूप में रोहित का लंबा और सफल करियर रहा है। वह भारतीय वनडे टीम के प्रमुख बल्लेबाजों में शामिल रहे हैं और कप्तान के तौर पर भी टीम का नेतृत्व कर चुके हैं। 2023 वनडे विश्व कप में भारतीय टीम ने फाइनल तक का सफर तय किया था। हालांकि फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उसे हार का सामना करना पड़ा था।
इसके बाद रोहित की कप्तानी में भारत ने 2024 टी20 विश्व कप का खिताब जीता। इस जीत के बाद उन्होंने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया। टेस्ट से संन्यास के बाद उनके अंतरराष्ट्रीय करियर में वनडे क्रिकेट ही एकमात्र प्रारूप बचा है। ऐसे में 2027 विश्व कप को लेकर उनकी टिप्पणी उनके वनडे करियर के अगले चरण को लेकर महत्वपूर्ण मानी जा रही है।रोहित ने अपने बयान में किसी निश्चित व्यक्तिगत लक्ष्य का विस्तृत उल्लेख नहीं किया, लेकिन उन्होंने साफ किया कि उनके लिए खेलते रहने का मतलब नए लक्ष्य तलाशते रहना है। उनका कहना है कि किसी खिलाड़ी के लिए यह सोचना कि उसने सब कुछ हासिल कर लिया है, उसके खेलते रहने के दौरान संभव नहीं है। हर मैच और हर सीरीज अपने साथ नया अवसर लेकर आती है।
वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज भी भारतीय टीम के लिए महत्वपूर्ण है। सीरीज से पहले रोहित की उपलब्धता और उनका अनुभव टीम के लिए अहम पहलू रहेगा। वनडे क्रिकेट में उनके अनुभव का इस्तेमाल टीम युवा खिलाड़ियों के साथ संतुलन बनाने में कर सकती है।रोहित लंबे समय से भारतीय बल्लेबाजी की महत्वपूर्ण कड़ी रहे हैं। वनडे क्रिकेट में उनकी बल्लेबाजी शैली खास तौर पर पावरप्ले के दौरान टीम को तेज शुरुआत देने के लिए जानी जाती है। बड़े स्कोर बनाने की उनकी क्षमता और लंबे समय तक क्रीज पर टिके रहने का अनुभव भारतीय टीम के लिए उपयोगी रहा है।अपने करियर में रोहित ने वनडे क्रिकेट में कई बड़ी पारियां खेली हैं। उन्होंने 2019 विश्व कप में पांच शतक लगाकर रिकॉर्ड बनाया था। वनडे क्रिकेट में तीन दोहरे शतक लगाने वाले वह इकलौते बल्लेबाज हैं। उनका 264 रन का स्कोर भी वनडे इतिहास की सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारियों में शामिल है।
रोहित के लिए 2027 विश्व कप का इंतजार इसलिए भी खास हो सकता है क्योंकि यह उनके करियर का अगला बड़ा विश्व कप होगा। 2023 में भारत को फाइनल तक पहुंचाने के बाद अब उनकी नजर अगले विश्व कप पर है। हालांकि विश्व कप तक उनकी उपलब्धता, फॉर्म और टीम में भूमिका भविष्य के प्रदर्शन और चयन पर निर्भर करेगी।भारतीय क्रिकेट में इस समय पीढ़ीगत बदलाव भी जारी है। कई युवा खिलाड़ियों को वनडे टीम में अवसर दिए जा रहे हैं। ऐसे में रोहित का अनुभव युवा खिलाड़ियों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है। टीम प्रबंधन आने वाले समय में उनकी भूमिका को लेकर परिस्थितियों के अनुसार फैसला करेगा।
रोहित के बयान से यह भी स्पष्ट होता है कि उन्होंने फिलहाल वनडे क्रिकेट को लेकर अपने करियर का कोई अंतिम समय तय नहीं किया है। उन्होंने 2027 विश्व कप की ओर देखने की बात कही है, लेकिन अंतिम रूप से टीम में उनका चयन और टूर्नामेंट में भागीदारी आने वाले वर्षों के प्रदर्शन पर निर्भर करेगी।वनडे क्रिकेट में बने रहने के पीछे रोहित की प्रेरणा सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं है। उनके अनुसार, खेलते हुए हमेशा आगे बढ़ने और कुछ हासिल करने की गुंजाइश रहती है। यही सोच उन्हें 50 ओवर के प्रारूप में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रही है।
वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज से पहले रोहित का यह बयान भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों के लिए भी महत्वपूर्ण है। टेस्ट और टी20I से विदाई लेने के बाद उनका वनडे करियर अब 2027 विश्व कप की दिशा में आगे बढ़ रहा है। हालांकि टूर्नामेंट अभी दूर है, लेकिन रोहित ने अपनी नजर इस बड़े आयोजन पर होने की बात स्पष्ट कर दी है।फिलहाल रोहित शर्मा का पूरा ध्यान वनडे क्रिकेट पर है और वह आने वाली सीरीज में अपनी भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं। उनका कहना है कि जब तक वह मैदान पर खेलते रहेंगे, तब तक उनके सामने नए लक्ष्य बने रहेंगे। 2027 विश्व कप उनके लिए क्या भूमिका लेकर आएगा, यह आने वाले समय में उनके प्रदर्शन और टीम की योजनाओं से स्पष्ट होगा।
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