भारत अफगानिस्तान मुकाबले पर पाकिस्तान की कंपनी का कब्जा
भारत अफगानिस्तान मुकाबले
स्पोर्ट्स : भारत और अफगानिस्तान के बीच होने वाली टी20 इंटरनेशनल सीरीज को लेकर मीडिया राइट्स से जुड़ी खबरों ने क्रिकेट फैंस का ध्यान खींचा है। सोशल मीडिया पर चर्चा है कि अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (ACB) ने भारत के खिलाफ सीरीज के मीडिया अधिकार पाकिस्तान की कंपनी को दे दिए हैं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार भारत में इस सीरीज के डिजिटल अधिकार FanCode के पास हैं और मुकाबलों का प्रसारण भारतीय दर्शक इसी प्लेटफॉर्म के जरिए देख सकेंगे।
भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज सितंबर 2026 में खेली जानी है। यह मुकाबले दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में आयोजित किए जाएंगे। सीरीज को लेकर दोनों देशों के क्रिकेट बोर्ड तैयारियों में जुटे हुए हैं।
पाकिस्तानी कंपनी को अधिकार देने की चर्चा क्यों?
दरअसल, अफगानिस्तान क्रिकेट से जुड़े मीडिया अधिकारों को लेकर अलग-अलग क्षेत्रों के लिए अलग-अलग कंपनियों के साथ समझौते किए जाते हैं। किसी एक देश या क्षेत्र के लिए अधिकार अलग हो सकते हैं। इसी वजह से पाकिस्तान से जुड़ी किसी कंपनी के नाम की चर्चा सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर बहस शुरू हो गई।
भारत में कहां देख सकेंगे मुकाबले?
भारत में इस टी20 सीरीज के डिजिटल स्ट्रीमिंग अधिकार FanCode के पास हैं। दर्शक मोबाइल, वेब और अन्य डिवाइस पर मुकाबले देख सकेंगे। इसके अलावा कुछ वितरण साझेदारों के जरिए भी लाइव स्ट्रीमिंग उपलब्ध कराई जाएगी।
अफगानिस्तान के लिए बड़ी सीरीज
भारत जैसी मजबूत टीम के खिलाफ खेलना अफगानिस्तान क्रिकेट के लिए हमेशा बड़ी चुनौती और अवसर रहा है। अफगान टीम ने पिछले कुछ वर्षों में टी20 क्रिकेट में अपनी पहचान बनाई है और राशिद खान, रहमानुल्लाह गुरबाज, इब्राहिम जादरान जैसे खिलाड़ियों के दम पर वह बड़ी टीमों को चुनौती देती रही है।
प्रसारण को लेकर बढ़ रहा है मुकाबला
क्रिकेट के मीडिया अधिकारों की दुनिया में अब अलग-अलग प्लेटफॉर्म और कंपनियां अपनी पकड़ मजबूत करने में लगी हैं। छोटे क्रिकेट बोर्ड भी अपनी सीरीज के अधिकार बेचकर कमाई बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में कई बार अलग-अलग देशों के लिए अलग-अलग ब्रॉडकास्ट पार्टनर चुने जाते हैं।
भारत-अफगानिस्तान टी20 सीरीज को लेकर फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि भारतीय दर्शक इसे FanCode पर लाइव देख सकेंगे। मीडिया राइट्स को लेकर चल रही चर्चाओं में क्षेत्रीय अधिकारों की भूमिका अहम होती है।