चंडीगढ़: पंजाब में पहली बार आयोजित होने वाली हॉकी एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में पाकिस्तान की टीम के हिस्सा लेने का रास्ता साफ माना जा रहा है। भारत की मौजूदा खेल नीति के तहत बहुपक्षीय अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पाकिस्तान के खिलाड़ियों और टीमों की भागीदारी पर सामान्य प्रतिबंध नहीं है। इसी नीति के आधार पर पाकिस्तान की हॉकी टीम एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में हिस्सा ले सकती है। पंजाब सरकार पहले ही इस प्रतिष्ठित हॉकी टूर्नामेंट की मेजबानी की घोषणा कर चुकी है।

भारत और पाकिस्तान के बीच राजनीतिक और कूटनीतिक संबंधों में तनाव के बावजूद अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं को लेकर भारत का रुख द्विपक्षीय मुकाबलों से अलग रहा है। हाल में भारत ने 2027 में पाकिस्तान में प्रस्तावित दक्षिण एशियाई खेलों में हिस्सा लेने पर भी सैद्धांतिक सहमति जताई है। यह नीति बहुपक्षीय खेल आयोजनों को द्विपक्षीय संबंधों से अलग रखने की दिशा को दर्शाती है।
पहली बार पंजाब करेगा मेजबानी
पंजाब सरकार ने 2026 में घोषणा की थी कि राज्य पहली बार एशियन चैंपियंस ट्रॉफी हॉकी टूर्नामेंट की मेजबानी करेगा। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इसे पंजाब की खेल संस्कृति के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया था। पंजाब लंबे समय से भारतीय हॉकी को कई बड़े खिलाड़ी देता रहा है और अब यहां एशिया की प्रमुख टीमों के बीच अंतरराष्ट्रीय मुकाबले देखने को मिलेंगे। टूर्नामेंट में भारत और पाकिस्तान के संभावित मुकाबले को लेकर सबसे ज्यादा उत्सुकता है। दोनों देशों के बीच हॉकी की पुरानी प्रतिद्वंद्विता रही है और जब भी दोनों टीमें मैदान पर आमने-सामने आती हैं तो मुकाबले पर दुनिया भर के हॉकी प्रशंसकों की नजर रहती है।
भारत-पाकिस्तान मुकाबले पर रहेंगी नजरें
पंजाब सरकार से जुड़ी पूर्व घोषणाओं में भारत-पाकिस्तान के हाई-वोल्टेज मुकाबले का भी जिक्र किया गया है। पाकिस्तान की भागीदारी होने पर यह मुकाबला टूर्नामेंट के सबसे बड़े आकर्षणों में से एक हो सकता है। भारत इससे पहले भी अपनी धरती पर आयोजित एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में पाकिस्तान की टीम की मेजबानी कर चुका है। 2023 में चेन्नई में आयोजित प्रतियोगिता के लिए पाकिस्तान स्पोर्ट्स बोर्ड ने अपनी राष्ट्रीय हॉकी टीम को भारत आने की एनओसी जारी की थी। उस टूर्नामेंट में भारत और पाकिस्तान सहित छह एशियाई टीमें शामिल हुई थीं।
बहुपक्षीय टूर्नामेंट और द्विपक्षीय खेल में अंतर
भारत-पाकिस्तान खेल संबंधों को समझने में बहुपक्षीय प्रतियोगिता और द्विपक्षीय सीरीज का अंतर महत्वपूर्ण है। एशियन चैंपियंस ट्रॉफी किसी एक देश के साथ द्विपक्षीय सीरीज नहीं बल्कि एशियाई स्तर का अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट है। इसलिए इसमें भागीदारी संबंधित खेल महासंघों और सरकारी मंजूरियों के तहत तय होती है। हालांकि पाकिस्तान की टीम की यात्रा के लिए जरूरी प्रशासनिक प्रक्रियाएं, वीजा और सुरक्षा संबंधी मंजूरियां अलग विषय हैं। इसलिए 'भागीदारी पक्की' कहने के बजाय आधिकारिक टीम सूची और अंतिम यात्रा मंजूरी तक इसे भारत की नीति के तहत पाकिस्तान की भागीदारी का रास्ता साफ होने के रूप में लिखना अधिक सटीक होगा।
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