न्यूजीलैंड की परिस्थितियां भुवनेश्वर को आएंगी रास, नई गेंद से चुनौती की उम्मीद
टीम इंडिया को मिलेगा अनुभव का फायदा
स्पोर्ट्स डेस्क : भारत और न्यूजीलैंड के बीच टी20 सीरीज में अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की वापसी चर्चा का प्रमुख विषय है। करीब चार साल बाद भारतीय टी20 टीम में चुने गए भुवनेश्वर से नई गेंद के साथ प्रभावी प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है। न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में उनकी स्विंग गेंदबाजी भारत के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है। भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने उनके अनुभव की अहमियत बताई है, जबकि न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सैंटनर ने भी माना है कि स्थानीय परिस्थितियां इस अनुभवी गेंदबाज के अनुकूल हो सकती हैं।
हालांकि, भुवनेश्वर की वापसी पर रोहित शर्मा के किसी खास निजी संदेश या सोशल मीडिया पोस्ट की पुष्टि उपलब्ध विश्वसनीय विवरणों में नहीं मिली है। इसलिए उनके नाम से कोई बयान जोड़ना उचित नहीं होगा। वापसी से जुड़ी एक अलग टिप्पणी में पूर्व भारतीय बल्लेबाज सदगोपन रमेश ने रोहित शर्मा और विराट कोहली का उदाहरण दिया था। उनका आशय था कि प्रदर्शन और फिटनेस बनाए रखने वाले खिलाड़ियों के लिए उम्र अकेला पैमाना नहीं होनी चाहिए। यह रमेश की टिप्पणी थी, रोहित का भुवनेश्वर को भेजा संदेश नहीं।
भुवनेश्वर को न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज के लिए भारतीय दल में शामिल किया गया है। श्रृंखला 22 अक्टूबर से शुरू होने के लिए निर्धारित है। शुरुआती दो मुकाबले क्राइस्टचर्च में 22 और 24 अक्टूबर को रखे गए हैं। इसके बाद 27 अक्टूबर को वेलिंगटन, 30 अक्टूबर को ऑकलैंड और एक नवंबर को हैमिल्टन में मैच निर्धारित हैं। इस दौरे में अनुभवी खिलाड़ियों के साथ युवा चेहरों को भी अवसर मिला है।
कप्तान श्रेयस अय्यर के अनुसार, भुवनेश्वर का अनुभव भारतीय गेंदबाजी आक्रमण के लिए उपयोगी होगा। उन्होंने हाल के आईपीएल प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए अनुभवी तेज गेंदबाज की उपयोगिता पर भरोसा जताया। अय्यर का कहना था कि टीम में कई नए गेंदबाज आए हैं और ऐसे में भुवनेश्वर जैसा खिलाड़ी एक जरूरी कौशल लेकर आता है। कप्तान की टिप्पणी से संकेत मिलता है कि टीम प्रबंधन उनकी वापसी को गेंदबाजी में अनुभव जोड़ने के अवसर के रूप में देख रहा है।
न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सैंटनर ने भी भुवनेश्वर की गेंद को मूव कराने की क्षमता की सराहना की है। उनका आकलन है कि पिच में थोड़ी मदद होने पर भी वह उसका फायदा निकाल सकते हैं। सैंटनर ने भारत की सपाट पिचों पर भी उनकी स्विंग और सीम मूवमेंट हासिल करने की क्षमता का उल्लेख किया। हालांकि, यह आगामी प्रदर्शन को लेकर उनका आकलन है। किसी मैच में भुवनेश्वर कितना असर डालेंगे, यह परिस्थितियों और उनकी गेंदबाजी पर निर्भर करेगा।
भुवनेश्वर के लिए इस दौरे का एक दिलचस्प पहलू उनका पिछला अंतरराष्ट्रीय मुकाबला भी है। उन्होंने नवंबर 2022 में न्यूजीलैंड में ही भारत के लिए खेला था। अब उसी देश में उनकी गेंदबाजी को लेकर फिर उत्सुकता है। लंबे अंतराल के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लौटने वाले खिलाड़ी के सामने लय बनाए रखने और मैच की मांग के अनुसार खुद को ढालने की चुनौती रहती है। भुवनेश्वर के पास अनुभव है, लेकिन नई शुरुआत में मैदान का प्रदर्शन ही सबसे महत्वपूर्ण होगा।
टी20 क्रिकेट में शुरुआती ओवर गेंदबाज और बल्लेबाज दोनों के लिए अहम होते हैं। नई गेंद से विकेट मिलने पर बल्लेबाजी करने वाली टीम पर दबाव बनाया जा सकता है। वहीं, विकेट बचाकर तेज शुरुआत करना बल्लेबाजों की प्राथमिकता रहती है। ऐसे मुकाबले में भुवनेश्वर की लाइन, लेंथ और गेंद की दिशा बदलने की क्षमता पर नजर रहेगी। उन्हें मिलने वाली भूमिका अंतिम टीम संयोजन और कप्तान की रणनीति से तय होगी।
भारतीय दल में अर्शदीप सिंह और मयंक यादव जैसे तेज गेंदबाजी विकल्प भी शामिल हैं। इसलिए दल में चयन और अंतिम एकादश में जगह को अलग समझना जरूरी है। भुवनेश्वर की वापसी ने भारतीय आक्रमण में एक अनुभवी विकल्प जरूर जोड़ा है। अब अवसर मिलने पर उनका लक्ष्य अपनी उपयोगिता साबित करना होगा। प्रशंसकों की उम्मीदें स्विंग गेंदबाजी पर रहेंगी, जबकि टीम को उनसे परिस्थितियों के अनुरूप नियंत्रित और प्रभावी स्पेल की जरूरत होगी।