नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या की मैदान पर वापसी का इंतजार कर रहे प्रशंसकों के लिए निराशाजनक खबर सामने आई है। लगातार चोटों से जूझ रहे हार्दिक को प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में वापसी करने में अभी कई महीने लग सकते हैं। दैनिक जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक, उनकी वापसी अब सीधे इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2027 में हो सकती है। फिलहाल वह बेंगलुरु स्थित भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) में रिहैबिलिटेशन से गुजर रहे हैं।
हार्दिक पंड्या भारतीय टीम के अहम खिलाड़ियों में शामिल हैं। वह अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के साथ-साथ तेज गेंदबाजी से भी टीम को मजबूती देते हैं। ऐसे में उनका लंबे समय तक मैदान से दूर रहना टीम इंडिया के लिए चिंता का विषय बन सकता है। हालांकि, उनकी वापसी कब होगी, इसका अंतिम फैसला उनकी फिटनेस और मेडिकल टीम के आकलन पर निर्भर करेगा।
पिंडली की स्ट्रेस इंजरी से परेशान हैं हार्दिक
हार्दिक पंड्या इस समय पिंडली के अंदरूनी हिस्से में हुई स्ट्रेस इंजरी से उबर रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, उनकी चोट को देखते हुए रिकवरी की प्रक्रिया धीरे-धीरे आगे बढ़ाई जा रही है। फिलहाल उनका पूरा ध्यान अपनी फिटनेस वापस हासिल करने पर है।
स्ट्रेस इंजरी में हड्डी या उसके आसपास के हिस्से पर बार-बार पड़ने वाले दबाव से परेशानी हो सकती है। ऐसे में खिलाड़ी को दोबारा तेज दौड़ने, गेंदबाजी करने और मैच खेलने लायक बनाने के लिए चरणबद्ध तरीके से अभ्यास कराया जाता है। हार्दिक जैसे तेज गेंदबाजी करने वाले ऑलराउंडर के लिए यह प्रक्रिया खास तौर पर महत्वपूर्ण है, क्योंकि उन्हें बल्लेबाजी के साथ गेंदबाजी में भी शारीरिक क्षमता का पूरा इस्तेमाल करना पड़ता है।
दैनिक जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक, 14 अक्टूबर को डॉक्टर दिनशा पार्डीवाला ने हार्दिक की मेडिकल रिपोर्ट देखी थी। इसके बाद उनकी रिकवरी के लिए आगे की योजना बनाई गई।
बेंगलुरु के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में चल रहा इलाज
हार्दिक पंड्या फिलहाल बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में रिहैबिलिटेशन कर रहे हैं। यहां उनकी फिटनेस पर नजर रखी जा रही है और चोट पर अतिरिक्त दबाव डाले बिना धीरे-धीरे अभ्यास बढ़ाने की योजना है।
रिपोर्ट के अनुसार, हार्दिक करीब तीन सप्ताह बाद जॉगिंग शुरू कर सकते हैं। इसके बाद अगले आठ सप्ताह के दौरान उनके रनिंग लोड को धीरे-धीरे बढ़ाया जाएगा। इसका उद्देश्य शरीर को दौड़ने और क्रिकेट की शारीरिक चुनौतियों के लिए दोबारा तैयार करना है।
हालांकि, जॉगिंग शुरू कर देना या दौड़ने की क्षमता हासिल कर लेना मैच खेलने के लिए पूरी तरह फिट होने के बराबर नहीं है। क्रिकेट में वापसी से पहले खिलाड़ी को अपनी ताकत, गति, सहनशक्ति और खेल से जुड़े अभ्यासों में भी फिटनेस साबित करनी होती है।
इसी वजह से हार्दिक की वापसी की कोई निश्चित तारीख फिलहाल सामने नहीं आई है।
पहले भी चोटों से जूझ चुके हैं हार्दिक
हार्दिक पंड्या के करियर में चोटों ने कई बार बाधा डाली है। वह पहले पीठ की समस्या से परेशान रहे हैं और उनकी पीठ की सर्जरी भी हो चुकी है। इसके बाद भी फिटनेस बनाए रखना उनके लिए एक बड़ी चुनौती रहा है।
तेज गेंदबाजी करने वाले ऑलराउंडर पर बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों की जिम्मेदारी होती है। उन्हें लगातार दौड़ना, गेंदबाजी के दौरान शरीर पर पड़ने वाले दबाव को संभालना और बल्लेबाजी में आक्रामक शॉट खेलने होते हैं। ऐसे में चोट से उबरने के बाद दोबारा पूरी लय हासिल करने के लिए पर्याप्त समय और सावधानी की जरूरत होती है।
हार्दिक के मामले में भी मेडिकल टीम जल्दबाजी के बजाय चरणबद्ध रिकवरी पर जोर दे रही है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि मैदान पर लौटने के बाद चोट दोबारा उभरने का जोखिम कम रहे।
IPL 2027 से पहले वापसी मुश्किल?
दैनिक जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक, हार्दिक पंड्या की प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में वापसी IPL 2027 से पहले मुश्किल नजर आ रही है। अगर यह अनुमान सही साबित होता है, तो प्रशंसकों को उन्हें दोबारा मैदान पर देखने के लिए अगले आईपीएल सीजन तक इंतजार करना पड़ सकता है।
आईपीएल 2027 में खेलने के लिए हार्दिक को पहले रिहैबिलिटेशन पूरा करना होगा और फिर मैच फिटनेस हासिल करनी होगी। इसके बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वह किस समय मैदान पर वापसी कर सकते हैं।
यह ध्यान रखना जरूरी है कि आईपीएल 2027 को संभावित वापसी का लक्ष्य बताया जा रहा है, न कि उनकी वापसी की आधिकारिक पुष्टि की गई तारीख। रिकवरी की गति और मेडिकल टीम की सलाह के अनुसार इस समयसीमा में बदलाव भी हो सकता है।
टीम इंडिया के लिए क्यों अहम हैं हार्दिक पंड्या?
हार्दिक पंड्या भारतीय टीम के उन खिलाड़ियों में शामिल हैं, जो एक ही मैच में कई भूमिकाएं निभा सकते हैं। वह मध्यक्रम में तेजी से रन बनाने के साथ-साथ अहम मौकों पर विकेट लेने की क्षमता भी रखते हैं। उनकी मौजूदगी से टीम को बल्लेबाजी और गेंदबाजी के बीच संतुलन बनाने में मदद मिलती है।
उनकी गैरमौजूदगी में टीम प्रबंधन को अतिरिक्त बल्लेबाजी और गेंदबाजी विकल्पों पर विचार करना पड़ सकता है। हाल में भारत और वेस्टइंडीज के बीच टी20 सीरीज के दौरान भी हार्दिक की अनुपस्थिति पर चर्चा हुई। पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर ने भी उनकी उपयोगिता को रेखांकित करते हुए कहा कि टीम को उनकी भूमिका के लिए विकल्प तलाशने के बजाय संतुलित रणनीति तैयार करनी चाहिए।
हालांकि, किसी खिलाड़ी की चोट के दौरान टीम की प्राथमिकता उसके जल्द स्वस्थ होने और सुरक्षित वापसी की होनी चाहिए। हार्दिक के लिए भी यही जरूरी है कि वह पूरी फिटनेस हासिल करने के बाद ही प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में लौटें।
अब फिटनेस अपडेट पर रहेंगी सबकी नजरें
हार्दिक पंड्या की वापसी को लेकर फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि उनकी रिकवरी के लिए कोई अंतिम समयसीमा तय नहीं हुई है। जॉगिंग शुरू करने, रनिंग लोड बढ़ाने और मैच खेलने लायक फिटनेस हासिल करने के बीच कई चरण पूरे करने होंगे।
भारतीय टीम और आईपीएल में उनकी भूमिका को देखते हुए प्रशंसक जल्द उनकी वापसी की उम्मीद कर रहे हैं। लेकिन चोट की गंभीरता और रिकवरी की प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए धैर्य रखना जरूरी है।