भारतीय महिला हॉकी टीम रविवार को थाईलैंड के खिलाफ एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी में उतरेगी तो उसका इरादा शानदार जीत के साथ अपने अभियान का आगाज करने का होगा। टोक्यो ओलंपिक में पदक से चूककर चौथे स्थान पर रहने के बाद भारत का यह पहला टूर्नामेंट है। 2016 में भारत ने जीता था खिताब और तीन साल पहले उपविजेता रही थी।

कप्तान और गोलकीपर सविता ने कहा कि टीम चुनौती के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, 'टीम का फोकस इस समय अच्छी शुरुआत पर है। यह ओलंपिक के बाद हमारा पहला टूर्नामेंट है और पहले मैच से पूर्व बेचैनी रहती ही है।' एक पूल की प्रतियोगिता में भारत के अलावा चीन, कोरिया, जापान और मलयेशिया भी खेल रहे हैं।
अपने विरोधियों के बारे में सविता ने कहा, 'हमें मेजबान कोरिया से कड़ी चुनौती मिलेगी। इसके अलावा चीन या एशियाई खेल स्वर्ण पदक विजेता जापान को भी हलके में नहीं ले सकते। यहां पहुंचने के बाद हालात के अनुरूप ढलने के लिए हमने अभ्यास किया है । यह खूबसूरत स्टेडियम है और हम इस पिच पर पहले भी खेल चुके हैं। मौसम बहुत ठंडा है और इसके अनुकूल ढलना सबसे बड़ी चुनौती है।'
अगले साल एशिया कप और एशियाई खेलों से पहले सविता ने इस टूर्नामेंट को काफी महत्वपूर्ण बताया। भारत को छह दिसंबर को दूसरे मैच में मलयेशिया से और दो दिन बाद कोरिया से खेलना है ।चीन से नौ दिसंबर को और जापान से 11 दिसंबर को मैच होगा। फाइनल पूल की शीर्ष दो टीमों के बीच 12 दिसंबर को खेला जाएगा।

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