गुरुग्राम। दिल्ली-एनसीआर में आयोजित दिल्ली कैपिटल्स स्कूल कप 2026 का खिताब सेंट फ्रोबेल पास्चिम विहार ने अपने नाम कर लिया। शुक्रवार, 6 नवंबर को द गेम्स फॉरेस्ट मैदान पर खेले गए फाइनल मुकाबले में सेंट फ्रोबेल ने दो बार की अपराजित चैंपियन मॉडर्न स्कूल बाराखंभा रोड को 8 विकेट से हराकर शानदार जीत दर्ज की। इस जीत के साथ सेंट फ्रोबेल ने मॉडर्न स्कूल का लगातार दो सीजन से चला आ रहा अजेय अभियान भी समाप्त कर दिया।फाइनल मुकाबले में सेंट फ्रोबेल के गेंदबाजों और बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। पहले गेंदबाजी करते हुए टीम ने मॉडर्न स्कूल को महज 55 रन पर समेट दिया। इसके बाद लक्ष्य का पीछा करते हुए सलामी बल्लेबाज लक्ष्य नारंग ने तूफानी पारी खेलकर मुकाबले को एकतरफा बना दिया। सेंट फ्रोबेल ने केवल 3.2 ओवर में दो विकेट खोकर 58 रन बना लिए और ट्रॉफी पर कब्जा कर लिया।
55 रन पर सिमटी मॉडर्न स्कूल की टीम
फाइनल में टॉस के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी मॉडर्न स्कूल बाराखंभा रोड की टीम सेंट फ्रोबेल के गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी। विपक्षी गेंदबाजों ने शुरुआत से ही दबाव बनाया और नियमित अंतराल पर विकेट चटकाए। मॉडर्न स्कूल के बल्लेबाज बड़ी साझेदारी बनाने में नाकाम रहे।सेंट फ्रोबेल के करण शर्मा ने बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए 17 रन देकर चार विकेट हासिल किए। वहीं पार्थ भाटिया ने केवल छह रन देकर दो बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा। दोनों गेंदबाजों की अनुशासित गेंदबाजी ने मॉडर्न स्कूल की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी।पूरी टीम 15.3 ओवर में 55 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। मॉडर्न स्कूल की ओर से केवल एक बल्लेबाज दोहरे अंक तक पहुंच सका। दो सीजन तक लगातार जीत दर्ज करने वाली टीम के लिए यह फाइनल बेहद निराशाजनक रहा।
लक्ष्य नारंग ने 14 गेंदों में ठोके 48 रन
56 रन के छोटे लक्ष्य का पीछा करने उतरी सेंट फ्रोबेल की टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक बल्लेबाजी की। टीम के सलामी बल्लेबाज लक्ष्य नारंग ने मॉडर्न स्कूल के गेंदबाजों पर हमला बोल दिया।नारंग ने महज 14 गेंदों में नाबाद 48 रनों की विस्फोटक पारी खेली। उनकी इस पारी में पांच चौके और चार छक्के शामिल रहे। उन्होंने मैदान के चारों तरफ आकर्षक शॉट लगाए और विपक्षी टीम को वापसी का मौका नहीं दिया।सेंट फ्रोबेल ने 3.2 ओवर में 58/2 रन बनाकर मुकाबला आठ विकेट से अपने नाम कर लिया। नारंग की आक्रामक बल्लेबाजी इस फाइनल का सबसे बड़ा आकर्षण रही।
मॉडर्न स्कूल का दो सीजन का रिकॉर्ड टूटा
इस जीत का महत्व इसलिए भी अधिक रहा क्योंकि मॉडर्न स्कूल बाराखंभा रोड ने पिछले संस्करण और 2026 के फाइनल से पहले तक अपने सभी मुकाबले जीते थे। टीम ने लगातार दो सीजन तक कोई मैच नहीं गंवाया था।मॉडर्न स्कूल ने टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल तक अपना दबदबा बनाए रखा था। दूसरे सेमीफाइनल में उसने बिलाबॉन्ग स्कूल नोएडा को 49 रन से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। लेकिन खिताबी मुकाबले में सेंट फ्रोबेल की टीम ने उसके विजय अभियान पर विराम लगा दिया।इस प्रकार सेंट फ्रोबेल ने अपनी गेंदबाजी और आक्रामक बल्लेबाजी के दम पर टूर्नामेंट में सबसे चर्चित जीत दर्ज की।
एबीर सुदान बने टूर्नामेंट के सबसे मूल्यवान खिलाड़ी
टूर्नामेंट में व्यक्तिगत प्रदर्शन की बात करें तो बिलाबॉन्ग स्कूल नोएडा के एबीर सुदान ने बल्लेबाजी में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने पांच पारियों में कुल 421 रन बनाए। उनका स्ट्राइक रेट 249 और औसत 210 रहा। इस बेहतरीन प्रदर्शन के लिए उन्हें ऑरेंज कैप और मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर (MVP) का खिताब दिया गया।सेंट फ्रोबेल के नूर मोहम्मद 259 रनों के साथ दूसरे स्थान पर रहे। वेंकटेश्वर इंटरनेशनल स्कूल द्वारका के देवन राणा ने 255 रन बनाकर तीसरा स्थान हासिल किया। मॉडर्न स्कूल के वियान ने 252 रन बनाए, जबकि तनय चौधरी 241 रनों के साथ शीर्ष पांच बल्लेबाजों में शामिल रहे।
विनायक को मिली पर्पल कैप
गेंदबाजी में मॉडर्न स्कूल बाराखंभा रोड के विनायक ने सबसे ज्यादा 15 विकेट लेकर पर्पल कैप अपने नाम की। उनका इकॉनमी रेट 5.55 रहा।बिलाबॉन्ग स्कूल नोएडा के आरव शर्मा 14 विकेट के साथ दूसरे स्थान पर रहे। सलवान बॉयज स्कूल के दक्ष डागर ने 13 विकेट हासिल किए। सेंट फ्रोबेल के पवन बघेल 12 विकेट लेकर चौथे स्थान पर रहे, जबकि डीपीएस आरके पुरम के मृणायक ने 11 विकेट लिए।खेल भावना और अनुशासन के लिए फेयर प्ले अवॉर्ड बिलाबॉन्ग स्कूल नोएडा को दिया गया।
38 टीमों ने लिया टूर्नामेंट में हिस्सा
दिल्ली कैपिटल्स स्कूल कप 2026 का दूसरा संस्करण पहले की तुलना में बड़े स्तर पर आयोजित किया गया। इसमें कुल 38 टीमों ने हिस्सा लिया और दिल्ली-एनसीआर के चार अलग-अलग मैदानों पर 66 मुकाबले खेले गए। प्रतियोगिता की शुरुआत 9 अक्टूबर को हुई थी और 6 नवंबर को फाइनल मुकाबले के साथ इसका समापन हुआ।इस प्रतियोगिता का उद्देश्य स्कूल स्तर पर क्रिकेट प्रतिभाओं को बेहतर मंच उपलब्ध कराना है। दिल्ली कैपिटल्स की ओर से आयोजित इस टूर्नामेंट में खिलाड़ियों को पेशेवर क्रिकेट जैसा अनुभव देने पर जोर दिया गया। इसमें बीसीसीआई से मान्यता प्राप्त अंपायरों, व्यवस्थित मैच संचालन, निर्धारित किट और बेहतर खेल सुविधाओं का प्रबंध किया गया।टूर्नामेंट के जरिए दिल्ली-एनसीआर के युवा क्रिकेटरों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला। साथ ही स्कूल क्रिकेट को मजबूत करने और उभरते खिलाड़ियों को भविष्य के लिए तैयार करने की दिशा में भी प्रयास किया गया।
युवा खिलाड़ियों के लिए बना बड़ा मंच
दिल्ली कैपिटल्स स्कूल कप का दूसरा संस्करण युवा खिलाड़ियों के लिए यादगार रहा। पूरे टूर्नामेंट में बल्लेबाजी और गेंदबाजी के शानदार प्रदर्शन देखने को मिले। जहां एबीर सुदान ने बल्ले से अपना दबदबा बनाया, वहीं विनायक ने गेंदबाजी में शीर्ष स्थान हासिल किया।फाइनल में सेंट फ्रोबेल पास्चिम विहार की जीत ने प्रतियोगिता को खास बना दिया। टीम ने मजबूत प्रदर्शन करते हुए दो सीजन से अपराजित मॉडर्न स्कूल को शिकस्त दी और पहली बार खिताब जीतने की उपलब्धि हासिल की। इस जीत के साथ सेंट फ्रोबेल ने दिल्ली-एनसीआर के स्कूल क्रिकेट में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई।