Bihar बिहार: ‘मशरूम लेडी’ के नाम से प्रसिद्ध स्वर्ण संध्या भारती ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) योजना से जीवन में नया मोड़ पाया। इस योजना के तहत उन्हें 10 लाख रुपए का ऋण मिला, जिससे उन्होंने अपने घर में मशरूम उत्पादन इकाई स्थापित की और आज यह काम उनके परिवार के लिए स्थायी आय का स्रोत बन गया है।
स्वर्ण संध्या अब तक लगभग 5,000 महिलाओं को मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण दे चुकी हैं, जिससे कई महिलाओं को स्वरोजगार का अवसर मिला और वे आर्थिक रूप से सशक्त हुई हैं। उन्होंने आईएएनएस से बातचीत में बताया कि यदि यह योजना नहीं मिलती, तो उनका जीवन पहले की तरह संघर्षपूर्ण बना रहता।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की इस पहल ने उनकी तकदीर बदल दी और अब वे न केवल उत्पादन कर रही हैं, बल्कि दूसरों को प्रशिक्षण भी दे रही हैं। स्वर्ण संध्या ने महिला स्वरोजगार को बढ़ावा देने और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए इस तरह की योजनाओं को निरंतर जारी रखने की अपील की।
पीएमईजीपी योजना ने उनके जीवन में बड़ा बदलाव लाया और यह न केवल उनके लिए बल्कि हजारों अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी है।