नई दिल्ली: इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन (IOA) ने नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस एक्ट, 2025 के तहत 2026 की चुनाव प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत एथलीट्स कमीशन के चुनाव 3 नवंबर को और एग्जीक्यूटिव काउंसिल के चुनाव 5 दिसंबर को होंगे।
IOA ने दिल्ली और चंडीगढ़ के पूर्व चुनाव आयुक्त संजय कुमार श्रीवास्तव को एथलीट्स कमीशन, 'आउटस्टैंडिंग मेरिट वाले खिलाड़ियों' (SOMs) की लिस्ट और एग्जीक्यूटिव काउंसिल के चुनावों की देखरेख के लिए चुनावी अधिकारी/रिटर्निंग ऑफिसर नियुक्त किया है।
श्रीवास्तव चुनाव प्रक्रिया की देखरेख करेंगे, जिसमें वोटर लिस्ट तैयार करना, नॉमिनेशन की जांच, वोटिंग, वोटों की गिनती, नतीजों की घोषणा और इससे जुड़ी सूचनाएं जारी करना शामिल है।
पहला चरण 18 सितंबर को 'आउटस्टैंडिंग मेरिट वाले खिलाड़ियों' की लिस्ट में शामिल होने के लिए एप्लीकेशन फॉर्म जारी करने के साथ शुरू हुआ। योग्य आवेदकों से कहा गया है कि वे 18 अक्टूबर तक अपने एप्लीकेशन और ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स जमा करें।
2026-2030 के कार्यकाल के लिए IOA एथलीट्स कमीशन के चुनाव की भी घोषणा कर दी गई है, जिसके तहत वोटिंग, गिनती और नतीजों की घोषणा 3 नवंबर को होगी।
योग्य नेशनल स्पोर्ट्स फेडरेशन्स से कहा गया है कि वे 11 अक्टूबर को दोपहर 2 बजे तक अपने एथलीट्स कमीशन के ज़रिए दो एथलीट प्रतिनिधियों को नॉमिनेट करें।
एथलीट्स कमीशन में 10 चुने हुए सदस्य होंगे, जिनमें पांच पुरुष और पांच महिलाएं शामिल होंगी। नियमों में ओलंपिक-कैटेगरी के खेलों और बड़ी प्रतियोगिताओं में सफलता हासिल करने वाले एथलीटों के प्रतिनिधित्व का प्रावधान है।
IOA एग्जीक्यूटिव काउंसिल के चुनाव 5 दिसंबर को होने हैं, जबकि मौजूदा काउंसिल का कार्यकाल 10 दिसंबर को खत्म हो रहा है।
IOA की प्रेसिडेंट पी.टी. उषा ने कहा कि ये चुनाव भारतीय खेलों में गवर्नेंस, पारदर्शिता और जवाबदेही को मज़बूत करने की दिशा में एक अहम कदम हैं। उन्होंने कहा, "2026 के चुनाव भारतीय ओलंपिक मूवमेंट में बेहतर गवर्नेंस, पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने की दिशा में एक अहम पड़ाव हैं। हमारा मकसद ऐसी मजबूत, भरोसेमंद और एथलीट-केंद्रित संस्थाएं बनाना है जो ओलंपिक चार्टर और राष्ट्रीय खेल गवर्नेंस ढांचे के पूरी तरह अनुरूप हों। एक अनुभवी पूर्व चुनाव आयुक्त को चुनावी अधिकारी/रिटर्निंग ऑफिसर के तौर पर नियुक्त करना एक स्वतंत्र, पारदर्शी और भरोसेमंद चुनावी प्रक्रिया के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दिखाता है।"
उषा ने आगे कहा, "IOA चुनावी प्रक्रिया की स्वतंत्रता का पूरा सम्मान करते हुए हर जरूरी मदद देगा। एथलीट ओलंपिक मूवमेंट के केंद्र में हैं और गवर्नेंस में उनकी सार्थक भागीदारी भारतीय खेलों के भविष्य के लिए बहुत अहम है। जैसे-जैसे भारत अहमदाबाद में 2036 ओलंपिक खेलों की मेजबानी के लिए IOC के साथ लगातार बातचीत कर रहा है, मजबूत गवर्नेंस और एथलीट-केंद्रित नजरिया हमारी ओलंपिक यात्रा के लिए बुनियादी आधार बना रहेगा।"
भारत उन सात देशों में शामिल है जो जर्मनी, हंगरी, कतर, कोरिया गणराज्य, दक्षिण अफ्रीका और तुर्की के साथ मिलकर 2036 ओलंपिक खेलों की मेजबानी के लिए इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी की 'लगातार बातचीत' (continuous dialogue) प्रक्रिया में दिलचस्पी ले रहे हैं। भारत के प्रोजेक्ट के लिए अहमदाबाद को प्रस्तावित मेजबान शहर के तौर पर चुना गया है।