नागोया। जापान में आयोजित एशियाई पैरा खेल 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है। शुक्रवार, 23 अक्टूबर को पैरा एथलेटिक्स में भारत के खाते में दो और कांस्य पदक जुड़े। पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता नवदीप सिंह ने पुरुषों की भाला फेंक F40/41 स्पर्धा में तीसरा स्थान हासिल किया। वहीं, धावक राकेशभाई भट्ट ने पुरुषों की 200 मीटर T37 स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया।नवदीप ने अपने दूसरे प्रयास में 42.55 मीटर दूर भाला फेंककर पदक हासिल किया। दूसरी ओर, राकेशभाई भट्ट ने ट्रैक पर शानदार प्रदर्शन करते हुए पदक विजेताओं में अपनी जगह बनाई। इन उपलब्धियों से भारतीय पैरा एथलेटिक्स दल के अभियान को और मजबूती मिली।
नवदीप सिंह ने 42.55 मीटर भाला फेंककर जीता कांस्य
पुरुषों की भाला फेंक F40/41 स्पर्धा के फाइनल में भारत के नवदीप सिंह ने कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच कांस्य पदक अपने नाम किया।नवदीप ने अपने छह प्रयासों में से केवल दो वैध थ्रो किए। हालांकि, दूसरे प्रयास में किया गया 42.55 मीटर का थ्रो उन्हें पोडियम तक पहुंचाने के लिए पर्याप्त साबित हुआ।प्रतियोगिता के दौरान नवदीप अपने प्रदर्शन को और बेहतर बनाने की कोशिश करते रहे, लेकिन अन्य प्रयासों में वैध दूरी दर्ज नहीं करा सके।इसके बावजूद उन्होंने तीसरा स्थान हासिल करके अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपने पदकों की उपलब्धियों को आगे बढ़ाया।
ईरान के खिलाड़ी ने जीता स्वर्ण पदक
इस स्पर्धा में ईरान के बेत सादेघ ने 45.78 मीटर की शानदार थ्रो के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया।इंडोनेशिया के अनस्यारी ने 43.55 मीटर की दूरी हासिल करते हुए रजत पदक जीता। यह उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा।वहीं, नवदीप सिंह ने 42.55 मीटर की दूरी के साथ कांस्य पदक हासिल किया।भारतीय खिलाड़ी रवि रोंगाली भी इसी प्रतियोगिता में शामिल हुए थे। उन्होंने 31.64 मीटर की सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ पांचवां स्थान प्राप्त किया।इस तरह भाला फेंक स्पर्धा में भारत के दोनों खिलाड़ियों ने फाइनल में अपनी चुनौती पेश की, जिसमें नवदीप पदक जीतने में सफल रहे।
पेरिस पैरालंपिक में नवदीप ने रचा था इतिहास
नवदीप सिंह इससे पहले पेरिस पैरालंपिक 2024 में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच चुके हैं।उस प्रतियोगिता में ईरान के सादेघ बेत सयाह ने सबसे लंबी थ्रो की थी, लेकिन प्रतियोगिता के नियमों का उल्लंघन करने के कारण उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया गया थाइसके बाद नवदीप सिंह को स्वर्ण पदक प्रदान किया गया था। वह उनके खेल करियर की ऐतिहासिक उपलब्धियों में शामिल है।अब एशियाई पैरा खेलों में उन्हीं ईरानी खिलाड़ी ने स्वर्ण पदक हासिल किया, जबकि नवदीप को कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।
राकेशभाई भट्ट ने 200 मीटर दौड़ में दिखाया दम
भारत के धावक राकेशभाई भट्ट ने पुरुषों की 200 मीटर T37 स्पर्धा में कांस्य पदक हासिल किया।राकेशभाई इससे पहले 21 अक्टूबर को पुरुषों की 100 मीटर T37 स्पर्धा में भी कांस्य पदक जीत चुके हैं। उस मुकाबले में उन्होंने 11.50 सेकंड का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय निकाला था।उनके प्रदर्शन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी बधाई दी थी और उनकी गति, एकाग्रता तथा समर्पण की प्रशंसा की थी200 मीटर स्पर्धा में शुक्रवार का कांस्य पदक उनके लिए इस प्रतियोगिता की एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
रवि रोंगाली पदक जीतने से चूके
भाला फेंक F40/41 स्पर्धा में भारत के दूसरे खिलाड़ी रवि रोंगाली भी मैदान पर उतरे।रवि ने 31.64 मीटर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए पांचवां स्थान प्राप्त किया। हालांकि, वह पदक हासिल नहीं कर सके।रवि इससे पहले एशियाई पैरा खेलों में पुरुषों की शॉट पुट F40 स्पर्धा में कांस्य पदक जीत चुके हैं। इस प्रतियोगिता में उन्होंने भारत के पदक अभियान में योगदान दिया है।
भारत ने पार किया 100 पदकों का आंकड़ा
एशियाई पैरा खेलों में भारतीय दल लगातार विभिन्न खेलों में शानदार प्रदर्शन कर रहा है।शुक्रवार को भारत ने प्रतियोगिता में कुल 100 पदकों का आंकड़ा पार कर लिया। भाला फेंक, दौड़, तीरंदाजी, बैडमिंटन और टेबल टेनिस सहित कई स्पर्धाओं में भारतीय खिलाड़ियों ने पदक हासिल किए हैं।नवदीप सिंह और राकेशभाई भट्ट के कांस्य पदक इस अभियान की महत्वपूर्ण उपलब्धियां हैं।भारतीय पैरा खिलाड़ियों के प्रदर्शन से देश में पैरा खेलों के प्रति उत्साह लगातार बढ़ रहा है। अब प्रतियोगिता के शेष मुकाबलों में भी भारतीय खिलाड़ियों से शानदार प्रदर्शन की उम्मीद है।