सियोल। भारतीय टेनिस टीम का डेविस कप 2026 में सफर समाप्त हो गया है। सियोल में खेले गए क्वालीफायर के दूसरे दौर में दक्षिण कोरिया ने भारत को 3-1 से हराकर Final 8 में जगह बना ली। शनिवार को भारत ने युगल मुकाबला जीतकर वापसी की उम्मीद जरूर जगाई, लेकिन निर्णायक रिवर्स सिंगल्स में सुमित नागल की हार के साथ भारतीय चुनौती खत्म हो गई। दक्षिण कोरिया ने पहली बार डेविस कप के क्वार्टर फाइनल यानी Final 8 में प्रवेश किया है।भारत दूसरे दिन की शुरुआत 0-2 से पीछे रहते हुए कर रहा था। शुक्रवार को खेले गए दोनों शुरुआती एकल मुकाबलों में भारतीय खिलाड़ियों को हार का सामना करना पड़ा था। ऐसे में शनिवार को भारत के लिए बाकी सभी मुकाबले जीतना जरूरी था।भारतीय टीम ने दिन की शुरुआत शानदार तरीके से की। एन श्रीराम बालाजी और दक्षिणेश्वर सुरेश की जोड़ी ने दक्षिण कोरिया के नाम जी-सुंग और पार्क उई-सुंग को तीन सेट तक चले मुकाबले में 6-3, 3-6, 6-3 से हराकर भारत को मुकाबले में बनाए रखा। इस जीत के बाद स्कोर 2-1 हो गया और भारतीय खेमे की उम्मीदें एक बार फिर जिंदा हो गईं।
बालाजी और सुरेश ने दिलाई पहली जीत
युगल मुकाबले में भारतीय जोड़ी ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया। पहले सेट के चौथे गेम में भारत ने दक्षिण कोरियाई जोड़ी की सर्विस तोड़कर बढ़त हासिल की। हालांकि अगले ही गेम में कोरियाई खिलाड़ियों ने वापसी करते हुए भारतीय सर्विस तोड़ दी।बालाजी और सुरेश ने दबाव में संयम बनाए रखा और छठे गेम में एक और ब्रेक हासिल किया। इसके बाद भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी सर्विस संभालते हुए पहला सेट 6-3 से अपने नाम कर लिया।दूसरे सेट में दक्षिण कोरिया ने वापसी की। नाम जी-सुंग और पार्क उई-सुंग ने भारतीय जोड़ी पर दबाव बढ़ाया और सेट 6-3 से जीतकर मुकाबला बराबरी पर ला दिया। अब फैसला तीसरे सेट में होना था।निर्णायक सेट में दोनों जोड़ियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। भारतीय खिलाड़ियों ने महत्वपूर्ण मौकों पर बेहतर खेल दिखाया और आठवें गेम में नाम की सर्विस तोड़कर निर्णायक बढ़त हासिल की। इसके बाद बालाजी ने मैच के लिए सर्विस की और भारतीय जोड़ी ने सेट 6-3 से जीतकर मुकाबला अपने नाम कर लिया।
सुमित नागल पर टिकी थीं उम्मीदें
युगल मुकाबले में जीत के बाद भारत को टाई बराबर करने के लिए अगले रिवर्स सिंगल्स में जीत की जरूरत थी। भारत की उम्मीदें सुमित नागल पर टिकी थीं, लेकिन दक्षिण कोरिया के क्वोन सून-वू ने उन्हें वापसी का मौका नहीं दिया।क्वोन ने नागल को महज 68 मिनट में 6-1, 6-2 से हरा दिया। इस जीत के साथ दक्षिण कोरिया ने टाई में 3-1 की अजेय बढ़त हासिल कर ली और भारत का अभियान समाप्त हो गया।पहले सेट में क्वोन पूरी तरह हावी रहे। नागल अपनी सर्विस केवल एक बार बचा पाए और दबाव वाले मौकों पर तीन डबल फॉल्ट भी किए। क्वोन ने लगातार आक्रामक खेल दिखाते हुए पहला सेट 6-1 से अपने नाम किया।दूसरे सेट में नागल ने शुरुआत में अपने खेल का स्तर बढ़ाने की कोशिश की। 1-1 के स्कोर पर उन्होंने ब्रेक प्वाइंट भी बनाया, लेकिन क्वोन ने अपनी सर्विस बचा ली। इसके बाद कोरियाई खिलाड़ी ने मुकाबले पर पकड़ मजबूत कर ली। नागल ने अंतिम गेम में चार मैच प्वाइंट बचाए, लेकिन पांचवें पर क्वोन ने जीत दर्ज कर दक्षिण कोरिया को Final 8 का टिकट दिला दिया।
पहले दिन भी नागल ने खेला था लंबा मुकाबला
नागल ने शुक्रवार को दक्षिण कोरिया के ह्योन चुंग के खिलाफ तीन घंटे से अधिक समय तक मुकाबला खेला था। वह पहला सेट 6-2 से जीतने के बावजूद मैच 6-2, 4-6, 5-7 से हार गए थे। यह मुकाबला करीब तीन घंटे पांच मिनट चला था।पहले दिन दक्षिणेश्वर सुरेश को भी क्वोन सून-वू के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था। इस तरह दक्षिण कोरिया ने शुरुआती दोनों सिंगल्स जीतकर भारत पर 2-0 की बढ़त बना ली थी।शनिवार को बालाजी और सुरेश की जीत ने भारत को कुछ समय के लिए वापसी का मौका दिया, लेकिन नागल क्वोन की चुनौती पार नहीं कर सके।
दक्षिण कोरिया ने रचा इतिहास
भारत पर जीत दक्षिण कोरियाई टेनिस के लिए ऐतिहासिक रही। टीम पहली बार डेविस कप के क्वार्टर फाइनल में पहुंची है। नवंबर में इटली के बोलोग्ना में होने वाले Final 8 में दक्षिण कोरिया दुनिया की शीर्ष टीमों के खिलाफ खिताब के लिए चुनौती पेश करेगा।दक्षिण कोरिया की इस जीत में क्वोन सून-वू की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण रही। उन्होंने टाई के दौरान अपने दोनों एकल मुकाबले जीते। पहले दिन सुरेश को हराने के बाद उन्होंने शनिवार को नागल के खिलाफ निर्णायक जीत दर्ज की।
भारत का Final 8 का सपना टूटा
भारतीय टीम के पास इस मुकाबले में इतिहास बनाने का अवसर था। नए डेविस कप प्रारूप के तहत भारत पहली बार Final 8 में पहुंचने की कोशिश कर रहा था। इससे पहले भारत ने क्वालीफायर के पहले दौर में नीदरलैंड को 3-2 से हराकर दूसरे दौर में जगह बनाई थी।सियोल में हालांकि भारतीय टीम पहले दिन की दोनों हार से बने दबाव से पूरी तरह उबर नहीं पाई। युगल में शानदार जीत के बावजूद निर्णायक एकल मुकाबले में क्वोन का प्रदर्शन भारत पर भारी पड़ा।भारत की हार का मतलब है कि टीम को अब 2027 डेविस कप क्वालीफायर के पहले दौर में उतरना होगा। वहां से भारतीय टीम को एक बार फिर Final 8 की दिशा में अपना अभियान शुरू करना पड़ेगा।सियोल में मिली 3-1 की हार भारतीय टीम के लिए निराशाजनक रही, लेकिन बालाजी और सुरेश की युगल जीत सकारात्मक पहलू रही। भारत के सामने अब अगले डेविस कप अभियान से पहले एकल वर्ग में प्रदर्शन मजबूत करने और महत्वपूर्ण मुकाबलों में निरंतरता बनाए रखने की चुनौती होगी।