नई दिल्ली। भारतीय अंडर-17 महिला फुटबॉल टीम के मुख्य कोच जोआकिम एलेक्जेंडरसन ने AFC U17 महिला एशियन कप चीन 2027 क्वालिफायर के लिए 23 सदस्यीय टीम की घोषणा कर दी है। क्वालिफायर मुकाबले 5 से 11 अक्टूबर 2026 तक मलेशिया में खेले जाएंगे। भारतीय टीम को ग्रुप E में इराक, सीरिया और मेजबान मलेशिया के साथ रखा गया है। टीम 2 अक्टूबर को कुआलालंपुर पहुंचेगी और इसके बाद अंतिम तैयारियों में जुट जाएगी।
‘यंग टाइग्रेस’ के नाम से पहचानी जाने वाली भारतीय टीम के सामने इस बार एक खास उपलब्धि हासिल करने का मौका है। मौजूदा 23 सदस्यीय टीम में पिछली प्रतियोगिता में खेल चुकीं 11 खिलाड़ियों को फिर जगह मिली है। भारत का लक्ष्य पहली बार लगातार दो AFC U17 महिला एशियन कप के लिए क्वालिफाई करना होगा। पिछली बार भारतीय टीम ने टूर्नामेंट के नॉकआउट चरण तक पहुंचकर इतिहास रचा था और अब नई टीम उसी प्रदर्शन को आगे बढ़ाना चाहती है।
क्वालिफायर का प्रारूप भारत के लिए चुनौतीपूर्ण रहने वाला है क्योंकि हर ग्रुप से केवल शीर्ष पर रहने वाली टीम ही फाइनल टूर्नामेंट के लिए क्वालिफाई करेगी। AFC के मुताबिक इस बार क्वालिफायर में कुल 30 टीमें हिस्सा ले रही हैं, जिन्हें आठ ग्रुप में बांटा गया है। ग्रुप विजेता टीमें ही चीन में होने वाले मुख्य टूर्नामेंट में जगह बनाएंगी।
भारत अपने अभियान की शुरुआत 5 अक्टूबर को इराक के खिलाफ करेगा। यह मुकाबला भारतीय समयानुसार दोपहर 1:30 बजे खेला जाएगा। इसके बाद 8 अक्टूबर को इसी समय भारतीय टीम सीरिया से भिड़ेगी। ग्रुप का अंतिम और संभवतः सबसे महत्वपूर्ण मुकाबला 11 अक्टूबर को मेजबान मलेशिया के खिलाफ शाम 6:30 बजे होगा। तीनों मुकाबले सेलायांग स्थित MP सेलायांग स्टेडियम में खेले जाएंगे।
मुख्य कोच जोआकिम एलेक्जेंडरसन के नेतृत्व में भारतीय टीम ने क्वालिफायर की तैयारी कई महीनों पहले शुरू कर दी थी। टीम का प्रशिक्षण शिविर जुलाई में बेंगलुरु में शुरू हुआ था। इसके बाद खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का अनुभव देने के लिए उज्बेकिस्तान का दौरा कराया गया। ताशकंद में भारत ने मेजबान उज्बेकिस्तान के खिलाफ दो अभ्यास मुकाबले खेले और दोनों मैच गोलरहित बराबरी पर समाप्त हुए।
इसके बाद टीम ने गोवा में अपनी तैयारियां जारी रखीं। क्वालिफायर से पहले भारत ने फिलीपींस के खिलाफ दो बंद-दरवाजा अभ्यास मैच खेले। पहले मुकाबले में भारतीय टीम को 2-4 से हार का सामना करना पड़ा, लेकिन दूसरे मैच में टीम ने शानदार वापसी करते हुए फिलीपींस को 2-0 से हराया। दूसरे मुकाबले में अनुष्का कुमारी ने भारत के लिए दोनों गोल किए थे। यह क्वालिफायर से पहले टीम का अंतिम अभ्यास मुकाबला था।
कोच एलेक्जेंडरसन ने तैयारियों को लेकर संतोष जताया है। उन्होंने कहा कि गोवा में टीम को अच्छे मैदान और सुविधाओं के साथ तैयारी का मौका मिला। फिलीपींस के खिलाफ मुकाबलों से भी खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ को यह समझने में मदद मिली कि क्वालिफायर में टीम को किस तरह शुरुआत करनी चाहिए। मजबूत विरोधियों के खिलाफ अभ्यास मैचों ने भारतीय खिलाड़ियों को अपनी रणनीति और कमियों को परखने का मौका दिया।
23 सदस्यीय भारतीय टीम में तीन गोलकीपर शामिल हैं। इनमें मुन्नी, सनातोंबी देवी इरेंगबाम और सोनम घोष को जगह मिली है। डिफेंस की जिम्मेदारी अभिष्टा बसनेत, अंबालिका चानू खुदोंगबाम, दैना देवी कोंथौजम, जॉयशिनी चानू हुइड्रोम, रितु बड़ाइक और तानिया देवी तोनंबाम संभालेंगी।
मिडफील्ड में अल्वा देवी सेनजाम, बोनिफिलिया शुल्लई, जुलान नोंगमैथेम, मोनिका देवी वाइरोकपम, प्रीतिका बर्मन, रेडिमा देवी चिंगखामयुम, सिल्की देवी सोरोखैबम, थंदामोनी बास्के और याशिका हरिबाबू को शामिल किया गया है। इन खिलाड़ियों पर बीच मैदान में गेंद पर नियंत्रण रखने के साथ आक्रमण तैयार करने और डिफेंस को सहयोग देने की जिम्मेदारी होगी।
फॉरवर्ड लाइन में अनुष्का कुमारी, दीपिका कुमारी, जोया, निधि और नीरा चानू लोंगजाम को जगह मिली है। फिलीपींस के खिलाफ आखिरी अभ्यास मुकाबले में दो गोल करने वाली अनुष्का कुमारी क्वालिफायर से पहले अच्छी लय में दिखाई दी हैं। टीम को उनसे इराक, सीरिया और मलेशिया के खिलाफ आक्रमण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की उम्मीद होगी।
टीम के मुख्य कोच जोआकिम एलेक्जेंडरसन हैं, जबकि एंथनी एंड्रयूज और निवेथा रामदास सहायक कोच की भूमिका निभाएंगे। फिजल के बापू को गोलकीपिंग कोच की जिम्मेदारी दी गई है। भारतीय टीम ने पिछले कुछ महीनों में घरेलू शिविर के साथ अंतरराष्ट्रीय अभ्यास मुकाबलों के जरिए अपनी तैयारियों को मजबूत करने की कोशिश की है।
भारत के लिए ग्रुप चरण में कोई भी मुकाबला आसान नहीं होगा। केवल ग्रुप विजेता को अगले दौर में जाने का मौका मिलने के कारण हर अंक और हर गोल महत्वपूर्ण होगा। ऐसे में शुरुआती मुकाबले में इराक के खिलाफ सकारात्मक परिणाम भारतीय टीम के अभियान के लिए बेहद अहम साबित हो सकता है।
इसके बाद सीरिया और मेजबान मलेशिया के खिलाफ मैच भारतीय टीम की असली परीक्षा होंगे। घरेलू परिस्थितियों में खेल रही मलेशियाई टीम को भी अपने मैदान और समर्थकों का फायदा मिलेगा, जबकि भारत अपनी पिछली एशियन कप उपलब्धि और हालिया अभ्यास मुकाबलों से मिले अनुभव के भरोसे मैदान में उतरेगा।
यंग टाइग्रेस अब मलेशिया रवाना होने के लिए तैयार हैं। टीम का लक्ष्य साफ है—ग्रुप E में शीर्ष स्थान हासिल करना और लगातार दूसरी बार AFC U17 महिला एशियन कप के मुख्य टूर्नामेंट का टिकट हासिल करना। 5 अक्टूबर से शुरू होने वाले अभियान में भारतीय युवा महिला खिलाड़ियों की नजर इतिहास रचने पर होगी।
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