नई दिल्ली। कतर की राजधानी दोहा में होने वाली आईएसएसएफ विश्व निशानेबाजी चैंपियनशिप 2026 के लिए भारतीय निशानेबाजों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करने के उद्देश्य से भारतीय टीम के चयनित खिलाड़ियों के लिए 22 अक्टूबर से नई दिल्ली के डॉ. करणी सिंह शूटिंग रेंज में विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जाएगा। इस कैंप में राइफल, पिस्टल और शॉटगन स्पर्धाओं के खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। विश्व चैंपियनशिप का आयोजन 1 से 14 नवंबर 2026 तक दोहा में होना निर्धारित है। प्रतियोगिता में दुनिया के प्रमुख निशानेबाज पदक जीतने के लिए चुनौती पेश करेंगे।
दिल्ली में 22 अक्टूबर से शुरू होगा विशेष प्रशिक्षण शिविर
जारी विज्ञप्ति के अनुसार, विश्व चैंपियनशिप से पहले भारतीय निशानेबाजों को बेहतर अभ्यास का अवसर देने के लिए प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जा रहा है।नई दिल्ली स्थित डॉ. करणी सिंह शूटिंग रेंज में खिलाड़ियों को अपनी निशानेबाजी की तकनीक, एकाग्रता और प्रतियोगिता के दौरान दबाव से निपटने की क्षमता बेहतर बनाने का अवसर मिलेगा।इस प्रशिक्षण शिविर को अलग-अलग स्पर्धाओं के अनुसार कई चरणों में आयोजित किया जाएगा। इसका उद्देश्य खिलाड़ियों को उनके संबंधित मुकाबलों के लिए पर्याप्त अभ्यास उपलब्ध कराना है।
अलग-अलग चरणों में प्रशिक्षण लेंगे खिलाड़ी
भारतीय टीम के प्रशिक्षण कार्यक्रम के अनुसार, 10 मीटर एयर राइफल और एयर पिस्टल स्पर्धाओं के खिलाड़ी 22 से 29 अक्टूबर तक अभ्यास करेंगे।इसके अलावा पुरुषों की 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल टीम और स्कीट स्पर्धा के निशानेबाज भी इसी अवधि में प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे।वहीं, 50 मीटर राइफल और महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धाओं के खिलाड़ियों के लिए 22 से 31 अक्टूबर तक प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जाएगा।ट्रैप स्पर्धा के खिलाड़ियों का अभ्यास शिविर 28 अक्टूबर से शुरू होकर 4 नवंबर तक चलेगा।इस तरह अलग-अलग स्पर्धाओं के खिलाड़ियों को उनकी प्रतियोगिता की आवश्यकताओं के अनुसार प्रशिक्षण दिया जाएगा।
एयर राइफल टीम में इन खिलाड़ियों को मिली जगह
विश्व चैंपियनशिप के लिए चयनित भारतीय 10 मीटर एयर राइफल पुरुष टीम में पार्थ राकेश माने, हिमांशु ढिल्लों और पार्थ मखीजा को शामिल किया गया है।महिला वर्ग में शाम्भवी क्षीरसागर, सोनम उत्तम मस्कर और इलावेनिल वलारिवन भारतीय चुनौती पेश करेंगी।इन खिलाड़ियों से विश्व चैंपियनशिप में अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा को देखते हुए खिलाड़ियों के लिए तकनीकी दक्षता के साथ मानसिक मजबूती भी महत्वपूर्ण होगी।
ओलंपिक कोटा हासिल करने का भी मिलेगा मौका
दोहा में आयोजित होने वाली विश्व चैंपियनशिप भारतीय निशानेबाजों के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहां वर्ष 2028 के लॉस एंजिलिस ओलंपिक खेलों के लिए क्वालिफिकेशन प्रक्रिया की शुरुआत होगी।अंतरराष्ट्रीय निशानेबाजी खेल महासंघ (ISSF) के अनुसार, विश्व चैंपियनशिप में कुल 36 ओलंपिक कोटा स्थान दांव पर होंगे।इस प्रतियोगिता में पदक जीतने के साथ ओलंपिक कोटा हासिल करने का भी अवसर मिलेगा। ऐसे में भारतीय निशानेबाजों के लिए यह टूर्नामेंट भविष्य की ओलंपिक तैयारियों की दृष्टि से महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
दुनिया के दिग्गज निशानेबाजों से होगी टक्कर
आईएसएसएफ विश्व चैंपियनशिप में विभिन्न देशों के अनुभवी और युवा निशानेबाज हिस्सा लेंगे। प्रतियोगिता में राइफल, पिस्टल और शॉटगन की अलग-अलग स्पर्धाएं आयोजित की जाएंगी।भारतीय खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के मजबूत प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा।निशानेबाजी में बेहद मामूली अंतर भी पदक का फैसला कर सकता है। ऐसे में खिलाड़ियों की एकाग्रता, निरंतरता और मानसिक संतुलन निर्णायक भूमिका निभाते हैं।
विश्व चैंपियनशिप पर भारतीय टीम की नजर
भारतीय टीम का लक्ष्य दोहा विश्व चैंपियनशिप में प्रभावशाली प्रदर्शन करना और अधिक से अधिक पदक हासिल करना होगा।दिल्ली में आयोजित प्रशिक्षण शिविर खिलाड़ियों को अपनी तकनीकी कमजोरियों पर काम करने और प्रतियोगिता के लिए तैयार होने का महत्वपूर्ण अवसर देगा।इस बीच आईएसएसएफ ने 20 अक्टूबर को स्पष्ट किया है कि दोहा विश्व चैंपियनशिप की तैयारियां निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी हैं। महासंघ क्षेत्रीय सुरक्षा परिस्थितियों और यात्रा व्यवस्थाओं पर भी नजर रख रहा है।अब भारतीय निशानेबाजों की नजर 22 अक्टूबर से शुरू होने वाले प्रशिक्षण शिविर और उसके बाद दोहा में होने वाली प्रतिष्ठित विश्व चैंपियनशिप पर टिकी है।
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