भारतीय टीम श्रीलंका के खिलाफ मंगलवार को यहां दूसरे मैच में जीत के साथ तीन मैचों की टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट सीरीज अपने नाम करने के इरादे से उतरेगी तो उसे उम्मीद होगी कि बल्लेबाज संजू सैमसन अपनी प्रतिभा पर खरे उतरकर अपने प्रदर्शन में निरंतरता ला पाएंगे।

श्रीलंका को पहले मुकाबले में हराने के बाद भारत के विजयी संयोजन में बदलाव करने की संभावना नहीं है। हालांकि, उम्मीद है कि पृथ्वी शॉ और सूर्यकुमार यादव कम से कम यह मुकाबला जरूर खेलेंगे और भारत के सीरीज जीतने की स्थिति में उन्हें अंतिम मैच से आराम दिया जा सकता है। दोनों खिलाड़ियों को ब्रिटेन में विराट कोहली की टीम के साथ जुड़ना है। दोनों को चोटिल शुभमन गिल और वाशिंगटन सुंदर के विकल्प के तौर पर भारतीय टेस्ट टीम में शामिल किया गया है।

स्टैंड बाई खिलाड़ियों में शामिल बंगाल के सलामी बल्लेबाज अभिमन्यु ईश्वरन को मुख्य टीम में शामिल किया गया है जबकि स्टैंड बाई तेज गेंदबाज आवेश खान बायें अंगूठे में चोट के कारण स्वदेश लौटेंगे। गिल के पैर में घुटने के नीचे के अगले हिस्से में चोट है जबकि सुंदर के दायें हाथ की अंगुली में चोट है।

योजना में बदलाव होने की स्थिति में खराब फार्म से जूझ रहे मनीष पांडे पर देवदत्त पडीक्कल और रुतुराज गायकवाड़ को तरजीह दी जा सकती है। मंगलवार को नजरें सैमसन पर होंगी जिनसे काफी उम्मीदें हैं लेकिन, उन्हें जब भी भारतीय जर्सी में खेलने का मौका मिला तो वह इन उम्मीदों पर खरा उतरने में नाकाम रहे।

सैमसन को शीर्ष क्रम में बल्लेबाजी के पर्याप्त मौके मिले लेकिन, इसके बावजूद वह आठ मैचों में 13.75 की औसत से ही रन बना पाए। सामने आ रहे प्रतिभावान खिलाडि़यों को देखते हुए सैमसन की राह इस प्रदर्शन के साथ आसान नहीं होने वाली। प्रदर्शन के आधार पर रिषभ पंत ने सैमसन को काफी पीछे छोड़ दिया है जबकि इशान किशन ने भी सीमित मौके मिलने पर प्रभावी प्रदर्शन किया है।

सीमित ओवरों के क्रिकेट में लोकेश राहुल भी विकेटकीपर के रूप में विकल्प हैं और ऐसे में सैमसन के पास अपने प्रदर्शन से प्रभावित करने के लिए अधिक समय नहीं है। राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी के निदेशक राहुल द्रविड़ को भी सैमसन से काफी उम्मीदें हैं और अगर वह अगले दो मैचों में बड़ा स्कोर बनाने में विफल रहते हैं तो यह सीरीज उनके लिए अंतिम मौका साबित हो सकती है।

टीम के लिए हार्दिक पांड्या की बल्लेबाजी फार्म भी चिंता का विषय है जो श्रीलंका के खिलाफ अब तक प्रभावित करने में नाकाम रहे हैं। उन्होंने ठीक-ठाक गेंदबाजी की है लेकिन, वह पीठ की सर्जरी से पहले की तरह गेंदबाजी करने में नाकाम रहे हैं। भारतीय गेंदबाजों ने पहले मैच में शानदार प्रदर्शन किया। युजवेंद्रा सिंह चहल और वरुण चक्रवर्ती एक बार फिर प्रभावित करने की कोशिश करेंगे। ये दोनों टीम में कलाई के स्पिनर के स्थान के लिए चुनौती पेश कर रहे हैं।



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