IND vs NZ: पावरप्ले में भारत ने झटके 2 विकेट, ग्लेन फिलिप्स और फिन एलेन ने संभाला मोर्चा
ऑकलैंड। भारत और न्यूजीलैंड के बीच शुक्रवार, 30 अक्टूबर को खेले जा रहे चौथे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में शुरुआत से ही रोमांच देखने को मिला। ऑकलैंड के ईडन पार्क में खेले जा रहे इस मुकाबले में भारतीय गेंदबाजों ने पावरप्ले के दौरान दो विकेट लेकर मेजबान टीम को झटके दिए। हालांकि शुरुआती विकेट गिरने के बावजूद न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों ने आक्रामक रुख बनाए रखा। ग्लेन फिलिप्स और फिन एलेन जैसे विस्फोटक बल्लेबाजों की मौजूदगी ने भारतीय गेंदबाजों के सामने चुनौती खड़ी की। शुरुआती छह ओवर में न्यूजीलैंड ने दो विकेट के नुकसान पर 67 रन बना लिए। भारत ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया था। पांच मैचों की टी20 सीरीज में पहले तीन मुकाबले जीतकर भारतीय टीम पहले ही 3-0 की अजेय बढ़त हासिल कर चुकी है। ऐसे में टीम इंडिया की कोशिश लगातार चौथा मुकाबला जीतकर सीरीज में अपना दबदबा बनाए रखने की है। वहीं न्यूजीलैंड की टीम घरेलू मैदान पर वापसी करने के इरादे से उतरी है।
ऑकलैंड के ईडन पार्क में खेले जा रहे इस मुकाबले में भारत के कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का निर्णय लिया। भारतीय टीम की रणनीति शुरुआती ओवरों में विकेट हासिल करके न्यूजीलैंड को बड़े स्कोर तक पहुंचने से रोकने की रही।
न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही रन बनाने के अवसर तलाशे। हालांकि भारतीय गेंदबाजों ने भी लगातार दबाव बनाने का प्रयास किया और शुरुआती छह ओवरों में दो बल्लेबाजों को पवेलियन भेजने में सफलता हासिल की।
पावरप्ले समाप्त होने तक न्यूजीलैंड का स्कोर 67 रन पर दो विकेट था। छह ओवर में 67 रन बनने का मतलब है कि मेजबान टीम ने 11 रन प्रति ओवर से अधिक की गति से रन बनाए। इससे स्पष्ट है कि दो विकेट गिरने के बावजूद न्यूजीलैंड ने आक्रामक बल्लेबाजी की रणनीति नहीं छोड़ी।
टी20 क्रिकेट में शुरुआती छह ओवर बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। इस दौरान मैदान के बाहर सीमित संख्या में क्षेत्ररक्षक होने के कारण बल्लेबाजों को बड़े शॉट खेलने के अधिक अवसर मिलते हैं। न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों ने भी इन परिस्थितियों का लाभ उठाने की कोशिश की।
फिन एलेन न्यूजीलैंड के सबसे आक्रामक शीर्षक्रम बल्लेबाजों में शामिल हैं। वे शुरुआत से बड़े शॉट खेलने के लिए जाने जाते हैं। उनकी बल्लेबाजी की विशेषता तेज गेंदबाजों के खिलाफ आक्रामक रवैया और पावरप्ले के दौरान तेजी से रन बटोरने की क्षमता है।
दूसरी ओर ग्लेन फिलिप्स भी न्यूजीलैंड के मध्यक्रम के महत्वपूर्ण बल्लेबाज हैं। वे तेज बल्लेबाजी करने के साथ आवश्यकता पड़ने पर पारी संभालने की क्षमता रखते हैं। उनकी मौजूदगी न्यूजीलैंड के बल्लेबाजी क्रम को मजबूती प्रदान करती है।
फिलिप्स ने इस सीरीज के दूसरे मुकाबले में शानदार बल्लेबाजी की थी। क्राइस्टचर्च में खेले गए दूसरे टी20 में उन्होंने 43 गेंदों पर 70 रन बनाए थे। इस पारी के दौरान उनके बल्ले से चार चौके और चार छक्के निकले थे।
हालांकि उस मुकाबले में भारतीय टीम ने न्यूजीलैंड के 180 रन के जवाब में छह विकेट खोकर 181 रन बनाते हुए चार विकेट से जीत दर्ज की थी। भारत ने एक गेंद शेष रहते लक्ष्य हासिल किया था।
तीसरे टी20 मुकाबले में भी न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों ने अच्छा प्रदर्शन किया था। वेलिंगटन में खेले गए मैच में मेजबान टीम ने निर्धारित 20 ओवर में तीन विकेट खोकर 198 रन बनाए थे।
उस मुकाबले में डेरिल मिचेल ने 52 गेंदों पर नाबाद 89 रन की शानदार पारी खेली थी। वहीं फिन एलेन ने 25 गेंदों पर 40 रन बनाए थे। ग्लेन फिलिप्स ने भी 14 गेंदों में 17 रन का योगदान दिया था।
हालांकि भारतीय बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने शानदार शतक लगाकर न्यूजीलैंड की उम्मीदों पर पानी फेर दिया था। उन्होंने 38 गेंदों पर 113 रन बनाए और भारत को 13.2 ओवर में ही 199 रन के लक्ष्य तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
लगातार तीन मैच गंवाने के बाद न्यूजीलैंड के लिए चौथा मुकाबला प्रतिष्ठा की दृष्टि से महत्वपूर्ण हो गया है। मेजबान टीम के सामने सीरीज में पहली जीत हासिल करने की चुनौती है।
इसी वजह से न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों के लिए शुरुआत से सकारात्मक रवैया अपनाना जरूरी था। हालांकि भारतीय गेंदबाजों ने दो शुरुआती विकेट लेकर मेजबान टीम को पूरी तरह हावी होने का अवसर नहीं दिया।
भारत की गेंदबाजी में तेज गेंदबाज मयंक यादव की मौजूदगी भी महत्वपूर्ण है। अपनी तेज रफ्तार के कारण मयंक बल्लेबाजों के लिए चुनौती बन सकते हैं। उनकी गेंदबाजी में गति के साथ सही लाइन और लेंथ का संतुलन बेहद जरूरी है।
इसके अलावा अर्शदीप सिंह भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण के अहम सदस्य हैं। वे शुरुआती ओवरों में नई गेंद से विकेट निकालने और अंतिम ओवरों में रन गति नियंत्रित करने की क्षमता रखते हैं।
भारतीय टीम के लिए पावरप्ले में दो विकेट लेना सकारात्मक शुरुआत है, लेकिन न्यूजीलैंड की तेज रन गति को नियंत्रित करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
ईडन पार्क का मैदान अपनी अपेक्षाकृत छोटी बाउंड्री के लिए प्रसिद्ध है। यहां बल्लेबाजों को बड़े शॉट खेलने के अवसर मिलते हैं। ऐसे में गेंदबाजों को अपनी रणनीति में लगातार बदलाव करना पड़ता है।
छोटी बाउंड्री वाले मैदानों पर गेंदबाजों के लिए यॉर्कर, धीमी गेंद और सही लंबाई पर गेंदबाजी करना महत्वपूर्ण हो जाता है। एक छोटी गलती भी बल्लेबाज को बड़ा शॉट खेलने का मौका दे सकती है।
न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सैंटनर के सामने इस मुकाबले में बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में बेहतर संतुलन बनाए रखने की चुनौती है। सीरीज के शुरुआती तीन मुकाबलों में भारत ने शानदार प्रदर्शन करके बढ़त हासिल की है।
भारतीय टीम का आत्मविश्वास भी लगातार तीन जीत के बाद मजबूत है। विशेष रूप से पिछले मुकाबले में बड़े लक्ष्य का तेजी से पीछा करने से बल्लेबाजों का मनोबल बढ़ा है।
चौथे टी20 मुकाबले में भारत की ओर से ईशान किशन और मयंक यादव को मौका मिला है। टीम प्रबंधन सीरीज में अजेय बढ़त हासिल करने के बाद खिलाड़ियों की क्षमताओं का आकलन भी कर रहा है।
दूसरी ओर न्यूजीलैंड की टीम अपने घरेलू मैदान पर बेहतर प्रदर्शन करना चाहती है। इसके लिए शीर्षक्रम के साथ मध्यक्रम के बल्लेबाजों को भी महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी।
पावरप्ले में दो विकेट गंवाने के बावजूद 67 रन बनाना न्यूजीलैंड के लिए तेज शुरुआत है। हालांकि पारी को बड़े स्कोर में बदलने के लिए मध्यक्रम के बल्लेबाजों को साझेदारी बनानी होगी।
भारतीय गेंदबाजों के लिए अब बीच के ओवर महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। यदि वे नियमित अंतराल पर विकेट हासिल करते हैं, तो न्यूजीलैंड की रन गति पर दबाव बना सकते हैं।
वहीं मेजबान टीम के बल्लेबाज तेजी से रन बनाने के साथ विकेट सुरक्षित रखने का प्रयास करेंगे। मुकाबले के अगले चरण में दोनों टीमों की रणनीति निर्णायक हो सकती है।
फिलहाल उपलब्ध लाइव स्कोर अपडेट के अनुसार, न्यूजीलैंड ने पहले छह ओवरों में दो विकेट के नुकसान पर 67 रन बनाए हैं। हालांकि इस अपडेट में दोनों विकेट किस गेंदबाज ने लिए और ग्लेन फिलिप्स तथा फिन एलेन के व्यक्तिगत स्कोर की पूरी पुष्टि नहीं मिल सकी है।
ऐसे में यह मुकाबला शुरुआती विकेटों और तेज बल्लेबाजी के बीच दिलचस्प स्थिति में पहुंच गया है। भारतीय टीम की कोशिश न्यूजीलैंड को बड़े स्कोर तक पहुंचने से रोकने की होगी, जबकि मेजबान टीम अपनी तेज शुरुआत का लाभ उठाना चाहेगी।