हेमिल्टन: भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज का आखिरी मुकाबला रविवार एक नवंबर को सेडन पार्क में निर्धारित है। भारतीय टीम सीरीज में 3-1 की अजेय बढ़त बना चुकी है। अब उसकी कोशिश अंतिम मुकाबला जीतकर अंतर 4-1 करने की होगी। दूसरी ओर न्यूजीलैंड चौथे मैच की जीत के बाद एक और सफलता के साथ टी20 चरण समाप्त करना चाहेगा। सीरीज का विजेता तय हो चुका है लेकिन आखिरी मुकाबले में दोनों टीमों के लिए प्रदर्शन सुधारने और अपने संयोजन परखने का अवसर है। 
भारत ने शुरुआती तीन मुकाबले जीतकर सीरीज अपने नाम कर ली थी। पहले मैच में उसने न्यूजीलैंड के 225 रन के जवाब में लक्ष्य हासिल किया। दूसरे मुकाबले में भी भारतीय टीम ने सफल रनचेज किया जबकि तीसरे मैच की जीत ने उसे अजेय बढ़त दिलाई। हालांकि ऑकलैंड में चौथे टी20 का परिणाम अलग रहा। वहां न्यूजीलैंड ने बड़ा स्कोर खड़ा करने के बाद भारतीय बल्लेबाजी को दबाव में डाल दिया। इस हार के बाद अंतिम मुकाबला भारत के लिए वापसी का मौका है। 
चौथे मैच में न्यूजीलैंड ने सात विकेट पर 259 रन बनाए थे। जवाब में भारत नौ विकेट पर 172 रन तक पहुंच सका और उसे 87 रन से हार मिली। इस परिणाम ने मेजबान टीम को सीरीज की पहली जीत दिलाई। भारतीय टीम के सामने चुनौती गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों विभागों में बेहतर प्रदर्शन करने की होगी। बड़े लक्ष्य का पीछा करते समय शुरुआती विकेट बचाना महत्वपूर्ण रहेगा। वहीं पहले गेंदबाजी मिलने पर न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों को खुलकर खेलने से रोकना जरूरी होगा। 
न्यूजीलैंड के लिए ग्लेन फिलिप्स सबसे महत्वपूर्ण बल्लेबाजों में शामिल हैं। उन्होंने ऑकलैंड में 49 गेंदों पर 107 रन बनाकर मुकाबले की दिशा बदल दी थी। उनकी आक्रामक पारी ने भारतीय गेंदबाजों के सामने मुश्किल खड़ी की। फिलिप्स के साथ माइकल ब्रेसवेल ने भी उपयोगी योगदान दिया था। अंतिम मैच में भारतीय आक्रमण की कोशिश इन बल्लेबाजों को बड़ी साझेदारी करने से रोकने की होगी। न्यूजीलैंड अपने मध्यक्रम की इसी लय को बरकरार रखते हुए घरेलू दर्शकों के सामने जीत दोहराना चाहेगा। 
फिलिप्स के लिए यह मुकाबला व्यक्तिगत उपलब्धि के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। अंतिम मैच से पहले उनके खाते में सीरीज के 276 रन हैं। वह 56 रन और बनाकर एक द्विपक्षीय टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज में फिल सॉल्ट के 331 रन का आंकड़ा पार कर सकते हैं। हालांकि यह संभावित उपलब्धि है और इसे हासिल हुआ रिकॉर्ड नहीं कहा जा सकता। भारतीय गेंदबाजों के खिलाफ उनकी पारी तय करेगी कि वह इस मुकाम तक पहुंचते हैं या नहीं।
भारतीय बल्लेबाजी में शुरुआती ओवर महत्वपूर्ण होंगे। पिछले मुकाबले में न्यूजीलैंड ने शुरुआत में विकेट लेकर दबाव बनाया था। अंतिम टी20 में भारत मजबूत साझेदारी के साथ पारी आगे बढ़ाना चाहेगा। कप्तान श्रेयस अय्यर और मध्यक्रम के बल्लेबाजों की भूमिका भी अहम रहेगी। सीरीज पहले ही जीत लेने के कारण टीम प्रबंधन के पास अलग संयोजन आजमाने का विकल्प है। हालांकि संभावित बदलावों को अंतिम एकादश की घोषणा से पहले निश्चित नहीं माना जा सकता। 
न्यूजीलैंड की गेंदबाजी में मिचेल सैंटनर और जैकब डफी पर निगाहें रहेंगी। सैंटनर सीरीज में प्रभावी रहे हैं जबकि डफी ने चौथे मैच में भारतीय बल्लेबाजों पर दबाव बनाया। मेजबान टीम के लिए पावरप्ले में विकेट लेना फिर महत्वपूर्ण हो सकता है। दूसरी ओर भारत चाहेगा कि बल्लेबाज परिस्थितियों को समझकर आक्रामकता और विकेट बचाने के बीच संतुलन रखें। छोटे प्रारूप में कुछ अच्छे ओवर मैच का रुख बदल सकते हैं इसलिए दोनों पक्ष शुरुआत से नियंत्रण हासिल करना चाहेंगे। 
सेडन पार्क की परिस्थितियां भी मुकाबले में भूमिका निभाएंगी। उपलब्ध पिच रिपोर्ट में सतह को बल्लेबाजी के अनुकूल बताया गया है। मैदान की अपेक्षाकृत छोटी बाउंड्री बल्लेबाजों को बड़े शॉट खेलने के अवसर दे सकती हैं। ऐसे में गेंदबाजों के लिए सटीक लाइन, लेंथ और गति में बदलाव उपयोगी हो सकते हैं। हालांकि पिच का वास्तविक व्यवहार मैच के दौरान ही स्पष्ट होगा। केवल पूर्वानुमान के आधार पर बड़े स्कोर या किसी टीम की जीत तय नहीं की जा सकती। 
इस मुकाबले के साथ दौरे का टी20 चरण समाप्त होगा और इसके बाद ध्यान वनडे सीरीज की ओर जाएगा। भारत के लिए अंतिम मैच में जीत पिछली हार के बाद सकारात्मक वापसी होगी जबकि न्यूजीलैंड लगातार दूसरी सफलता से अपना आत्मविश्वास बढ़ाना चाहेगा। फिलहाल सीरीज में भारत की बढ़त 3-1 है। मैच का परिणाम, अंतिम स्कोर और प्रमुख व्यक्तिगत प्रदर्शन की पुष्टि आधिकारिक स्कोरकार्ड आने पर ही की जानी चाहिए। अंतिम एकादश और टॉस की अपुष्ट जानकारी को इस पूर्वावलोकन में शामिल नहीं किया गया है।
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