Mumbai मुंबई। रायपुर में इंटरनेशनल मास्टर्स लीग 2025 के फाइनल के दौरान एक ऐसा तीखा वाकया हुआ, जब युवराज सिंह और टीनो बेस्ट के बीच पिच के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। दोनों के बीच तनाव बढ़ने पर वेस्टइंडीज मास्टर्स के कप्तान ब्रायन लारा को बीच-बचाव कर उन्हें अलग करना पड़ा। यहां तक कि अंबाती रायुडू को भी बेस्ट को शांत करने की कोशिश करते देखा गया, लेकिन तेज गेंदबाज काफी गुस्से में थे।
झड़प तब शुरू हुई, जब टीनो बेस्ट ने अपना ओवर पूरा किया और संभवतः चोट के कारण मैदान छोड़ने का प्रयास किया। हालांकि, युवराज सिंह ने अंपायर से इस मुद्दे को उठाया, जिसके कारण बिली बोडेन ने बेस्ट को वापस मैदान पर बुलाया। यह फैसला वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज को पसंद नहीं आया, जो हताश होकर युवराज की ओर दौड़ पड़े। दोनों खिलाड़ी आमने-सामने खड़े थे और पीछे हटने से इनकार कर रहे थे, लेकिन लारा ने स्थिति को शांत करने के लिए कदम बढ़ाया। मौखिक झड़प के तुरंत बाद, युवराज सिंह ने बेस्ट की गेंद पर एक लंबा छक्का लगाया और अपना बल्ला वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज की ओर तान दिया।
दिग्गज सचिन तेंदुलकर की कप्तानी वाली इंडिया मास्टर्स ने रोमांचक फाइनल में वेस्टइंडीज मास्टर्स को 6 विकेट से हराकर 2025 में पहली बार इंटरनेशनल मास्टर्स लीग टी20 (IMLT20) का खिताब जीता। 149 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए अंबाती रायडू ने 74 रनों की शानदार पारी खेली और भारत को 17 गेंदें शेष रहते जीत दिलाई। सचिन तेंदुलकर ने 18 गेंदों पर 25 रन बनाकर एक छोटी सी पारी खेली।
झड़प तब शुरू हुई, जब टीनो बेस्ट ने अपना ओवर पूरा किया और संभवतः चोट के कारण मैदान छोड़ने का प्रयास किया। हालांकि, युवराज सिंह ने अंपायर से इस मुद्दे को उठाया, जिसके कारण बिली बोडेन ने बेस्ट को वापस मैदान पर बुलाया। यह फैसला वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज को पसंद नहीं आया, जो हताश होकर युवराज की ओर दौड़ पड़े। दोनों खिलाड़ी आमने-सामने खड़े थे और पीछे हटने से इनकार कर रहे थे, लेकिन लारा ने स्थिति को शांत करने के लिए कदम बढ़ाया। मौखिक झड़प के तुरंत बाद, युवराज सिंह ने बेस्ट की गेंद पर एक लंबा छक्का लगाया और अपना बल्ला वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज की ओर तान दिया।
दिग्गज सचिन तेंदुलकर की कप्तानी वाली इंडिया मास्टर्स ने रोमांचक फाइनल में वेस्टइंडीज मास्टर्स को 6 विकेट से हराकर 2025 में पहली बार इंटरनेशनल मास्टर्स लीग टी20 (IMLT20) का खिताब जीता। 149 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए अंबाती रायडू ने 74 रनों की शानदार पारी खेली और भारत को 17 गेंदें शेष रहते जीत दिलाई। सचिन तेंदुलकर ने 18 गेंदों पर 25 रन बनाकर एक छोटी सी पारी खेली।