नई दिल्ली:  विराट कोहली और गौतम गंभीर भारतीय क्रिकेट के ऐसे दो नाम हैं, जिन्होंने साथ मिलकर टीम को यादगार जीत दिलाईं और आईपीएल में आमने-सामने आने पर तीखी तकरार भी की। दोनों के विवादों की तस्वीरें खूब चर्चा में रहीं। हालांकि, उनके रिश्ते को केवल दुश्मनी की कहानी कहना अधूरा होगा। मैदान पर बहस के बाद दोनों सार्वजनिक रूप से गले मिलते और हंसी-मजाक करते भी दिखाई दिए। उनके संबंधों को समझने के लिए शुरुआती सहयोग, आईपीएल की प्रतिद्वंद्विता और बाद की मुलाकातों को एक साथ देखना जरूरी है। 
इस कहानी का एक यादगार पड़ाव वर्ष 2009 का है। श्रीलंका के खिलाफ कोलकाता के ईडन गार्डन्स में कोहली ने अपना पहला वनडे शतक लगाया था। उस मुकाबले में गंभीर के साथ उनकी 224 रन की साझेदारी भारत की जीत का आधार बनी। गंभीर ने युवा कोहली की उपलब्धि को सम्मान देते हुए अपना प्लेयर ऑफ द मैच पुरस्कार उन्हें सौंप दिया था। यह घटना दोनों के बीच सहयोग की मिसाल बनी। बाद के विवादों के दौरान भी इस पुराने पल का जिक्र बार-बार हुआ। 
वर्ष 2013 के आईपीएल में दोनों के बीच बड़ा विवाद देखने को मिला। उस समय कोहली रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और गंभीर कोलकाता नाइट राइडर्स की कप्तानी कर रहे थे। मुकाबले के दौरान कोहली के आउट होने के बाद दोनों के बीच तीखी बहस हुई। दोनों एक-दूसरे की ओर बढ़े और साथी खिलाड़ियों को बीच में आकर उन्हें अलग करना पड़ा। यह घटना आईपीएल के चर्चित विवादों में शामिल हो गई। हालांकि, बहस और बीचबचाव की इस घटना को वास्तविक मारपीट की पुष्टि के रूप में पेश करना सही नहीं होगा। 
इसके करीब दस साल बाद, एक मई 2023 को लखनऊ के इकाना स्टेडियम में फिर तनावपूर्ण दृश्य सामने आए। इस बार बेंगलुरु और लखनऊ सुपर जायंट्स आमने-सामने थीं। गंभीर लखनऊ के मेंटर थे और कोहली बेंगलुरु की ओर से खेल रहे थे। मुकाबले के दौरान कोहली तथा लखनऊ के तेज गेंदबाज नवीन-उल-हक के बीच कहासुनी हुई। मैच खत्म होने के बाद हाथ मिलाने के दौरान भी तनाव दिखाई दिया और विवाद आगे बढ़ गया। 
इसके बाद कोहली और गंभीर के बीच आमने-सामने बहस हुई। मैदान पर मौजूद खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ ने हस्तक्षेप कर दोनों को अलग किया। घटना के वीडियो में नाराजगी और तीखी बातचीत साफ दिखाई दी। हालांकि, किसने किससे क्या कहा, इसे लेकर सामने आए अलग-अलग दावों को प्रमाणित संवाद नहीं माना जा सकता। उपलब्ध घटनाक्रम से इतना स्पष्ट है कि मैच की प्रतिस्पर्धा समाप्त होने के बाद भी तनाव बना रहा और बीचबचाव की जरूरत पड़ी। 
आईपीएल प्रशासन ने इस घटना पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की। गंभीर और कोहली पर उनकी मैच फीस का सौ प्रतिशत जुर्माना लगाया गया। दोनों ने आचार संहिता के अनुच्छेद 2.21 के तहत लेवल-दो का उल्लंघन स्वीकार किया। नवीन-उल-हक पर मैच फीस का पचास प्रतिशत जुर्माना लगाया गया और उन्होंने लेवल-एक का उल्लंघन स्वीकार किया। आधिकारिक कार्रवाई ने स्पष्ट किया कि मामले को खेल की आचार संहिता के उल्लंघन के तौर पर लिया गया था। वर्ष 2024 में अलग तस्वीर सामने आई। 29 मार्च को बेंगलुरु और कोलकाता के आईपीएल मुकाबले के दौरान गंभीर तथा कोहली ने हाथ मिलाया और एक-दूसरे को गले लगाया। उस समय गंभीर कोलकाता टीम के मेंटर थे। मैदान पर उनकी सहज मुलाकात ने पुराने विवादों के बीच संबंधों का दूसरा पहलू दिखाया। यह दृश्य इसलिए भी चर्चा में रहा क्योंकि पिछले वर्ष हुई बहस की तस्वीरें लोगों के जेहन में मौजूद थीं। 
सितंबर 2024 में बीसीसीआई की ओर से साझा बातचीत में भी दोनों सहज दिखाई दिए। उन्होंने क्रिकेट, अपने अनुभवों और टेस्ट प्रारूप के महत्व पर चर्चा की। गंभीर ने भारतीय क्रिकेट में कोहली के योगदान और उनकी कप्तानी में मजबूत गेंदबाजी इकाई तैयार होने की प्रशंसा की। इस बातचीत में आपसी सम्मान सामने आया। इसलिए उनकी कहानी को स्थायी दुश्मनी की तरह देखने के बजाय मैदान की प्रतिस्पर्धा, अनुशासनहीनता की घटनाओं और बाद में दिखे सौहार्द के पूरे क्रम में समझना ज्यादा तथ्यपूर्ण है।
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