इंग्लैंड ने श्रीलंका को 55 रन से हराया, रत्नायके का शतक नहीं दिला सका जीत
लाहौर: इंग्लैंड ने वनडे त्रिकोणीय सीरीज के आखिरी लीग मुकाबले में श्रीलंका को 55 रन से हरा दिया। गद्दाफी स्टेडियम में 29 अक्टूबर को खेले गए मैच में इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में पांच विकेट पर 386 रन बनाए। जवाब में श्रीलंकाई टीम 45.1 ओवर में 331 रन पर ऑलआउट हो गई। बेन डकेट की बड़ी शतकीय पारी और लियाम डॉसन की प्रभावी गेंदबाजी इंग्लैंड की जीत का आधार बनी।
हालांकि, इस परिणाम से फाइनल की तस्वीर नहीं बदली। श्रीलंका पहले ही खिताबी मुकाबले में जगह बना चुका था, जबकि इंग्लैंड शुरुआती तीनों मैच हारकर दौड़ से बाहर हो गया था। ऐसे में इंग्लैंड के लिए यह सम्मान बचाने वाली जीत रही। फाइनल में 31 अक्टूबर को श्रीलंका और मेजबान पाकिस्तान का मुकाबला होना है।
इंग्लैंड की पारी के सबसे बड़े नायक डकेट रहे। उन्होंने 132 गेंदों पर 167 रन बनाए, जिसमें 24 चौके शामिल थे। टॉम बैंटन ने भी 74 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली। दोनों सलामी बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 163 रन जोड़कर बड़े स्कोर की मजबूत नींव रखी। श्रीलंका को शुरुआती सफलता मिलने तक इंग्लैंड अपनी पारी को अच्छी स्थिति में पहुंचा चुका था।
श्रीलंका ने लक्ष्य का पीछा करते हुए संघर्ष किया, लेकिन लगातार बड़ी साझेदारियां कायम नहीं रख सका। पवन रत्नायके ने 77 गेंदों पर 118 रन बनाकर उम्मीदें जीवित रखीं। कुसल मेंडिस ने 89 और अविष्का फर्नांडो ने 48 रन का योगदान दिया। रत्नायके का शतक टीम को लक्ष्य तक नहीं पहुंचा सका। इंग्लैंड के लिए डॉसन ने 49 रन देकर चार विकेट लिए, जबकि सोनी बेकर को दो सफलताएं मिलीं। डकेट को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। श्रीलंका इसी सीरीज में इंग्लैंड के खिलाफ पहले मुकाबले में असाधारण लक्ष्य का पीछा कर चुका था। 22 अक्टूबर के मैच में उसने 430 रन का लक्ष्य एक गेंद शेष रहते दो विकेट से हासिल किया था। उस जीत के बाद इस मुकाबले में भी उसके बल्लेबाजों से बड़े लक्ष्य का पीछा करने की उम्मीद थी। लेकिन इस बार इंग्लैंड ने श्रीलंकाई चुनौती रोक दी।
फाइनल से पहले श्रीलंका के लिए यह परिणाम प्रदर्शन की समीक्षा का अवसर है। हालांकि, टीम के पिछले मुकाबलों में हासिल परिणाम उसकी क्षमता भी दिखाते हैं। उसने 27 अक्टूबर को पाकिस्तान को आठ विकेट से हराया था। उस मैच में श्रीलंकाई गेंदबाजों ने मेजबान टीम को 110 रन पर समेट दिया था और बल्लेबाजों ने लक्ष्य केवल दो विकेट गंवाकर हासिल कर लिया था। इंग्लैंड की विदाई जीत के साथ हुई, लेकिन पहले तीन मुकाबलों की हार उसके लिए निर्णायक साबित हुई। दूसरी ओर, श्रीलंका के पास आखिरी लीग मैच की निराशा पीछे छोड़कर खिताब जीतने का अवसर है। अब उसका ध्यान पाकिस्तान के खिलाफ उस प्रदर्शन को दोहराने पर होगा, जिसने पिछले मुकाबले में उसे स्पष्ट बढ़त दिलाई थी।