कॉमनवेल्थ कबड्डी चैंपियनशिप में बड़ा उलटफेर, युगांडा ने केन्या को हराया
अहमदाबाद : 30 अक्टूबर 2026। कॉमनवेल्थ कबड्डी चैंपियनशिप 2026 के महिला वर्ग में शुक्रवार को जबरदस्त रोमांच देखने को मिला। युगांडा की महिला कबड्डी टीम ने सेमीफाइनल में मजबूत प्रतिद्वंद्वी केन्या को आखिरी मिनट तक चले रोमांचक मुकाबले में 23-21 से हराकर फाइनल में जगह बना ली। वहीं भारतीय महिला टीम ने दूसरे सेमीफाइनल में श्रीलंका को एकतरफा मुकाबले में 39-14 से शिकस्त देकर खिताबी मुकाबले में प्रवेश किया। अब शनिवार, 31 अक्टूबर को भारत और युगांडा की महिला टीमें चैंपियनशिप की ट्रॉफी के लिए आमने-सामने होंगी।गुजरात के अहमदाबाद स्थित वीर सावरकर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में शुक्रवार का दिन महिला कबड्डी के नाम रहा। पहले सेमीफाइनल में युगांडा और केन्या के बीच बेहद कड़ा मुकाबला देखने को मिला। दोनों टीमों ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया और एक-दूसरे को खुलकर अंक हासिल करने का मौका नहीं दिया।केन्या की टीम ग्रुप चरण में शानदार प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल तक पहुंची थी। उसने अपने चारों लीग मुकाबले जीते थे और ग्रुप बी में शीर्ष स्थान हासिल किया था। ऐसे में केन्या को मजबूत प्रतिद्वंद्वी माना जा रहा था, लेकिन युगांडा ने निर्णायक मुकाबले में बेहतरीन खेल दिखाते हुए उसे बाहर कर दिया।युगांडा की ओर से नाकायोंगो शिरात और नालवोगा नाहिया ने शानदार प्रदर्शन किया। दोनों खिलाड़ियों ने आठ-आठ अंक हासिल किए। खास बात यह रही कि नाहिया ने दूसरे हाफ में स्थानापन्न खिलाड़ी के रूप में मैदान पर उतरने के बाद अपने सभी आठ अंक जुटाए। उनके प्रदर्शन ने युगांडा को मुकाबले में बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मुकाबले के अंतिम मिनटों में दोनों टीमों के बीच अंतर बेहद कम रह गया था। केन्या ने वापसी करने का प्रयास किया, लेकिन युगांडा ने दबाव में संयम बनाए रखा। अंतिम क्षणों में महत्वपूर्ण अंक हासिल करके युगांडा ने 23-21 से मुकाबला अपने नाम कर लिया।इस जीत के साथ युगांडा ने प्रतियोगिता के फाइनल में प्रवेश कर लिया और केन्या का खिताब जीतने का सपना टूट गया। पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करने वाली केन्याई टीम के लिए सेमीफाइनल की हार निराशाजनक रही।दूसरी ओर, भारतीय महिला कबड्डी टीम ने सेमीफाइनल में अपना प्रभावशाली प्रदर्शन जारी रखा। श्रीलंका के खिलाफ भारतीय खिलाड़ियों ने शुरुआत से ही मजबूत पकड़ बनाई और 39-14 से जीत दर्ज की। भारतीय टीम ने आक्रमण और रक्षण दोनों विभागों में संतुलित प्रदर्शन किया।भारतीय टीम ने ग्रुप चरण में भी अपने सभी चार मुकाबले जीते थे। उसने मलेशिया को 73-13, सिंगापुर को 32-16, युगांडा को 41-18 और नाइजीरिया को 38-10 से हराया था। इन जीतों के साथ भारत ग्रुप ए में शीर्ष स्थान पर रहा और सेमीफाइनल में जगह बनाई थी।भारतीय टीम की जीत में साक्षी का प्रदर्शन बेहद महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने कुल 11 अंक हासिल किए, जिनमें आठ रेड अंक और तीन टैकल अंक शामिल थे। कप्तान निधि शर्मा ने भी शानदार खेल दिखाते हुए 12 रेड में 10 अंक जुटाए। इनमें दो बोनस अंक शामिल थे। भारतीय डिफेंस में रितु ने चार और सुमन ने तीन टैकल अंक हासिल किए।
भारतीय टीम ने श्रीलंका के खिलाफ कुल 21 रेड अंक और 12 टैकल अंक हासिल किए। इसके अलावा भारतीय खिलाड़ियों ने श्रीलंकाई टीम को तीन बार ऑलआउट किया। इससे भारत की बढ़त लगातार मजबूत होती गई। दूसरी ओर श्रीलंका की दिलुक्षना ने छह अंक हासिल किए, लेकिन वह टीम को हार से नहीं बचा सकीं।युगांडा और केन्या के मुकाबले की बात करें तो पहले हाफ में युगांडा ने 12-9 की बढ़त बना ली थी। मुकाबला खत्म होने से सात मिनट पहले तक युगांडा 18-12 से आगे था। हालांकि, इसके बाद केन्या ने शानदार वापसी की और मुकाबले को बेहद रोमांचक बना दिया।केन्या की लावेंडा ओधियाम्बो ने 25 रेड में 16 अंक हासिल किए, जिनमें छह बोनस अंक शामिल थे। उन्होंने दूसरे हाफ में अकेले 11 अंक जुटाए। अंतिम सात मिनट में केन्या ने युगांडा के पांच अंकों के मुकाबले नौ अंक हासिल किए। हालांकि, युगांडा ने अपनी शुरुआती बढ़त बचाए रखी और दो अंकों के अंतर से मैच जीत लिया।युगांडा की कप्तान नालुबेगा ओलिविया ने तीन टैकल अंक हासिल किए। टीम ने मैच में 17 रेड अंक और चार टैकल अंक जुटाए। इसके अलावा एक ऑलआउट और पांचों डू-ऑर-डाई रेड में सफलता उसके लिए निर्णायक साबित हुई।
अब फाइनल में भारत और युगांडा के बीच दूसरी बार मुकाबला होगा। इससे पहले ग्रुप चरण में दोनों टीमें 25 अक्टूबर को आमने-सामने आई थीं। उस मुकाबले में भारत ने युगांडा को 41-18 से हराया था।हालांकि, सेमीफाइनल में केन्या जैसी मजबूत टीम को हराने के बाद युगांडा का आत्मविश्वास बढ़ा होगा। भारतीय टीम को फाइनल में विपक्षी खिलाड़ियों की रेड और डिफेंस दोनों से सावधान रहना होगा।भारतीय कप्तान निधि शर्मा ने फाइनल में पहुंचने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि टीम पहले भी युगांडा के खिलाफ खेल चुकी है, लेकिन फाइनल में विपक्षी टीम अपनी रणनीति बदल सकती है। इसलिए खिताबी मुकाबला चुनौतीपूर्ण होने की उम्मीद है।कॉमनवेल्थ कबड्डी चैंपियनशिप का यह पहला संस्करण है। प्रतियोगिता में महिला वर्ग की 10 और पुरुष वर्ग की 13 टीमें भाग ले रही हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कबड्डी के विस्तार के लिहाज से इस आयोजन को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेष रूप से अफ्रीकी देशों की महिला टीमों ने अपने प्रदर्शन से ध्यान आकर्षित किया है।अब सभी की नजर शनिवार, 31 अक्टूबर को शाम 7:30 बजे खेले जाने वाले महिला फाइनल पर रहेगी। भारत जहां अपना अपराजित अभियान जारी रखते हुए खिताब जीतना चाहेगा, वहीं युगांडा के सामने ग्रुप चरण में मिली हार का हिसाब बराबर करने का अवसर होगा। मुकाबले का प्रसारण स्टार स्पोर्ट्स और लाइव स्ट्रीमिंग जियोहॉटस्टार पर उपलब्ध होगी।