शिमला। हिमाचल प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राज्य का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित करने के लिए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बड़ा कदम उठाया है। शनिवार को शिमला के होटल पीटरहॉफ में आयोजित राज्यस्तरीय 'हिम रत्न-2026' समारोह में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के 419 खिलाड़ियों को सम्मानित करते हुए कुल 17 करोड़ 85 लाख रुपये की पुरस्कार राशि वितरित की। इस आयोजन में अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को नकद पुरस्कार देकर उनकी उपलब्धियों को सम्मान दिया गया।समारोह में मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों की मेहनत, अनुशासन और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि इनके जरिए युवाओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और अनुशासन का भी विकास होता है। प्रदेश सरकार खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं और प्रोत्साहन उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। सरकार का उद्देश्य है कि हिमाचल की प्रतिभाएं राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपनी अलग पहचान बनाएं।
419 खिलाड़ियों को मिली पुरस्कार राशि
हिम रत्न-2026 समारोह में कुल 419 खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया। इनमें 51 खिलाड़ी ऐसे रहे, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश और देश का गौरव बढ़ाया। वहीं, राष्ट्रीय स्तर पर शानदार उपलब्धियां हासिल करने वाले 368 खिलाड़ियों को भी पुरस्कार प्रदान किए गए।पुरस्कार राशि के वितरण में अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के लिए 13 करोड़ 55 लाख रुपये निर्धारित किए गए, जबकि राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को 4 करोड़ 30 लाख रुपये दिए गए। इस तरह कुल 17 करोड़ 85 लाख रुपये की राशि खिलाड़ियों को प्रदान की गई।प्रदेश सरकार ने नई खेल नीति के तहत खिलाड़ियों को मिलने वाली पुरस्कार राशि में 150 से 300 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की है। इसका उद्देश्य खिलाड़ियों को उनकी उपलब्धियों के अनुरूप आर्थिक सम्मान देना और उन्हें भविष्य में भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करना है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर चार वर्षों में दूसरी बार इस तरह का बड़ा सम्मान समारोह आयोजित किया गया।
सावन बरवाल को 2.50 करोड़, सीमा कुमारी को डेढ़ करोड़
समारोह में एशियाई खेलों में शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। पुरुष मैराथन में रजत पदक जीतने वाले हिमाचल के धावक सावन बरवाल को मुख्यमंत्री ने 2.50 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि का चेक प्रदान किया। वहीं, 10 हजार मीटर दौड़ में कांस्य पदक हासिल करने वाली एथलीट सीमा कुमारी को 1.50 करोड़ रुपये दिए गए।भारतीय महिला कबड्डी टीम की एशियाई खेलों में स्वर्णिम सफलता में योगदान देने वाली हिमाचल की खिलाड़ियों को भी बड़ा सम्मान मिला। टीम की कप्तान पुष्पा राणा, ज्योति ठाकुर, भावना ठाकुर और पूर्व कप्तान रितु नेगी को एक-एक करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई।इसके अलावा भारतीय महिला क्रिकेट टीम की तेज गेंदबाज रेणुका ठाकुर को भी एक करोड़ रुपये का चेक दिया गया। इन खिलाड़ियों की उपलब्धियां हिमाचल प्रदेश में खेल प्रतिभाओं की मजबूती को दर्शाती हैं। सरकार का मानना है कि इन खिलाड़ियों की सफलता से प्रदेश के दूसरे युवा भी खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित होंगे।
खेल पुरस्कारों की राशि में किया गया बड़ा बदलाव
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार ने खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए पुरस्कार राशि में ऐतिहासिक वृद्धि की है। नई खेल नीति के तहत ओलंपिक, शीतकालीन ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को अब 5 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। पहले यह राशि 3 करोड़ रुपये थी। इसी तरह रजत पदक विजेताओं को 3 करोड़ और कांस्य पदक विजेताओं को 2 करोड़ रुपये दिए जाएंगे।एशियाई खेलों और पैरा एशियाई खेलों में भी पुरस्कार राशि में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की गई है। इन प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को 4 करोड़ रुपये, रजत पदक विजेताओं को 2.50 करोड़ रुपये और कांस्य पदक जीतने वालों को 1.50 करोड़ रुपये देने का प्रावधान किया गया है।मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि टीम स्पर्धाओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को भी पुरस्कार राशि का लाभ मिलेगा। टीम इवेंट में प्रत्येक खिलाड़ी को निर्धारित कुल पुरस्कार राशि का कम से कम 25 प्रतिशत देने का प्रावधान किया गया है। इसके लिए राज्य मंत्रिमंडल की मंजूरी भी मिल चुकी है।
कोच और रेफरी को भी मिलेगा प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री ने खेलों में खिलाड़ियों के साथ प्रशिक्षकों और रेफरी के योगदान को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि किसी खिलाड़ी की सफलता के पीछे उसके कोच की मेहनत और मार्गदर्शन की बड़ी भूमिका होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय स्तर के कोच और अंतरराष्ट्रीय रेफरी को भी प्रोत्साहित करने का निर्णय लिया गया है।सरकार की ओर से राष्ट्रीय स्तर के कोच और अंतरराष्ट्रीय रेफरी को तीन-तीन लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की गई है। इससे खेल प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं के संचालन से जुड़े विशेषज्ञों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।खेल मंत्री यादविंद्र गोमा ने समारोह को हिमाचल प्रदेश के खेल इतिहास का गौरवपूर्ण दिन बताया। उन्होंने कहा कि हिमाचल भले ही क्षेत्रफल और आबादी के लिहाज से छोटा राज्य है, लेकिन यहां के खिलाड़ियों के सपने बड़े हैं। प्रदेश सरकार खेल प्रतिभाओं की पहचान करने और उन्हें बेहतर मंच उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है।
खेलो हिमाचल अभियान की होगी शुरुआत
मुख्यमंत्री ने युवाओं को नशे से दूर रखने और खेल गतिविधियों से जोड़ने के लिए 'खेलो हिमाचल अभियान' शुरू करने की भी घोषणा की। इस अभियान का शुभारंभ 20 नवंबर को धर्मशाला से किया जाएगा। इसके तहत क्रिकेट, वॉलीबॉल और कबड्डी जैसी प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा।अभियान में 15 से 30 वर्ष तक के युवा हिस्सा ले सकेंगे। प्रतियोगिताएं उपमंडल, जिला और राज्य स्तर पर आयोजित की जाएंगी। राज्य स्तर पर विजेता टीम को 21 लाख रुपये, दूसरे स्थान पर रहने वाली टीम को 15 लाख रुपये और तीसरे स्थान पर आने वाली टीम को 10 लाख रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी।जिला स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली टीम को 2 लाख रुपये, दूसरे स्थान पर रहने वाली टीम को 1.50 लाख रुपये और तीसरे स्थान पर आने वाली टीम को 1 लाख रुपये दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने अभियान की आधिकारिक वेबसाइट का शुभारंभ भी किया और इसका शुभंकर जारी किया।
खेल सुविधाओं और बुनियादी ढांचे पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में खेलों के विकास के लिए आधुनिक बुनियादी ढांचे का निर्माण किया जा रहा है। खिलाड़ियों को केवल आर्थिक पुरस्कार देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें अभ्यास, प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराना भी जरूरी है।इसी उद्देश्य से हमीरपुर जिले के नादौन में लगभग 170 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक इंडोर स्टेडियम विकसित किया जा रहा है। इस स्टेडियम में तैराकी, बैडमिंटन, वॉलीबॉल, टेनिस, टेबल टेनिस और बॉक्सिंग सहित लगभग 14 खेलों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है।इसके अलावा प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में खेल स्टेडियमों का निर्माण और मौजूदा सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। सरकार ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के खिलाड़ियों को समान अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दे रही है।मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों को सरकारी क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराने के लिए खेल विभाग में पद सृजित करने की बात भी कही। प्रदेश में सरकारी नौकरियों में खिलाड़ियों के लिए खेल कोटे के तहत तीन प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है। सरकार का प्रयास है कि खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले युवाओं को सम्मान के साथ रोजगार के अवसर भी मिलें।समारोह में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धनीराम शांडिल, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह सहित खेल विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने सभी सम्मानित खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उम्मीद जताई कि वे भविष्य में भी देश और प्रदेश का नाम रोशन करेंगे।