जापान पर रोमांचक जीत के बाद BCCI का बड़ा बयान क्रिकेट रिश्तों का नया अध्याय
नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के सचिव देवजीत सैकिया ने भारत और जापान के बीच खेले गए ऐतिहासिक टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले को दोनों देशों के क्रिकेट संबंधों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। बुधवार को उन्होंने कहा कि यह मुकाबला केवल मैदान पर मिली जीत तक सीमित नहीं था, बल्कि भारत-जापान की दोस्ती और जापान सहित पूर्वी एशिया में क्रिकेट के विस्तार के लिहाज से भी महत्वपूर्ण रहा।भारत और जापान के बीच यह ऐतिहासिक मुकाबला मंगलवार, 22 सितंबर को जापान के तोचिगी प्रीफेक्चर स्थित सानो इंटरनेशनल क्रिकेट ग्राउंड में खेला गया। दोनों देशों की पुरुष टीमों के बीच यह पहला टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला था। मैच को भारत और जापान के बीच राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ के समारोह की शुरुआत से भी जोड़ा गया था। BCCI और जापान क्रिकेट एसोसिएशन ने इसे ‘सुजुकी कप’ के रूप में आयोजित किया।
बारिश और गीली आउटफील्ड के कारण मुकाबले को पांच-पांच ओवर का कर दिया गया। भारतीय टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी की, लेकिन जापानी गेंदबाजों ने विश्व चैंपियन बल्लेबाजी क्रम को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। भारत पांच ओवर में चार विकेट खोकर केवल 32 रन बना सका। कप्तान श्रेयस अय्यर ने 16 रन बनाकर भारतीय पारी में सबसे बड़ा योगदान दिया।33 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए जापान ने भी भारत को कड़ी चुनौती दी। मुकाबला अंतिम ओवर तक पहुंच गया और जापान को आखिरी छह गेंदों में आठ रन की जरूरत थी। भारत ने अक्षर पटेल को गेंद सौंपी। जापानी बल्लेबाज लक्ष्य के बेहद करीब पहुंच गए, लेकिन भारतीय टीम ने दबाव में मुकाबला बचा लिया। जापान पांच ओवर में तीन विकेट पर 30 रन बना सका और भारत ने मैच दो रन से जीत लिया।
मैच में भारतीय गेंदबाजों की भूमिका अहम रही। वाशिंगटन सुंदर ने दो विकेट लिए, जबकि अक्षर पटेल ने अंतिम ओवर में लक्ष्य का बचाव करते हुए भारत की जीत सुनिश्चित की। बेहद कम स्कोर वाले मुकाबले में जापान ने जिस तरह भारत को आखिरी गेंद तक चुनौती दी, उसने वहां क्रिकेट की बढ़ती संभावनाओं की ओर भी ध्यान खींचा।देवजीत सैकिया ने भारतीय टीम को जीत की बधाई देते हुए कहा कि इस मैच का महत्व स्कोर और नतीजे से कहीं अधिक है। उनके मुताबिक भारत और जापान के बीच क्रिकेट संबंधों में इस मुकाबले ने एक नया अध्याय जोड़ा है। उन्होंने जापान में मौजूद दर्शकों के उत्साह का उल्लेख करते हुए उम्मीद जताई कि इस तरह के आयोजन जापान और आसपास के देशों में क्रिकेट को लोकप्रिय बनाने में मदद करेंगे।
BCCI ने मैच की घोषणा करते समय भी कहा था कि यह मुकाबला क्रिकेट को उसके पारंपरिक क्षेत्रों से बाहर नए दर्शकों तक पहुंचाने का अवसर है। बोर्ड ने जापान क्रिकेट एसोसिएशन के साथ मिलकर वहां क्रिकेट को मजबूत करने और आने वाले वर्षों में इस संबंध को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई थी।यह मैच दोनों देशों के बीच खेल सहयोग बढ़ाने वाली ‘Sport 75’ पहल से भी जुड़ा है। BCCI के मुताबिक यह पहल भारत-जापान राजनयिक संबंधों के 75 साल पूरे होने के अवसर पर खेलों के माध्यम से लोगों के बीच संपर्क और सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आगे बढ़ाई गई है।
सैकिया ने मैच के आयोजन को आगे बढ़ाने में ICC चेयरमैन जय शाह की पहल का भी उल्लेख किया। उनका कहना था कि ऐसे मुकाबले क्रिकेट को नए क्षेत्रों में पहुंचाने के लिए महत्वपूर्ण हैं। जापान में बेसबॉल जैसे खेलों की मजबूत मौजूदगी के बीच क्रिकेट अभी उभरता हुआ खेल है। भारत जैसी प्रमुख क्रिकेट टीम के वहां खेलने से स्थानीय दर्शकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का क्रिकेट करीब से देखने का अवसर मिला।इस मुकाबले का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी रहा कि जापान ने मौजूदा टी20 विश्व चैंपियन भारत के खिलाफ कड़ी चुनौती पेश की। भारत ने मार्च 2026 में न्यूजीलैंड को हराकर ICC पुरुष टी20 विश्व कप का खिताब बरकरार रखा था। ऐसे में जापान का भारतीय टीम को 32 रन पर रोकना और फिर लक्ष्य से केवल दो रन दूर रहना उसके लिए उल्लेखनीय प्रदर्शन रहा।
भारत के लिए यह मुकाबला एशियाई खेलों से पहले तैयारियों का हिस्सा भी था। BCCI ने सितंबर की शुरुआत में ही जापान के खिलाफ टी20I और एशियन गेम्स के लिए भारतीय टीम की घोषणा की थी। श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली टीम में अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर, संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा और जसप्रीत बुमराह जैसे खिलाड़ी शामिल किए गए थे।मैच के आखिरी ओवर में एक गेंद को वाइड नहीं दिए जाने को लेकर भी चर्चा हुई। इस फैसले पर सोशल मीडिया और क्रिकेट प्रशंसकों के बीच सवाल उठे। बाद में मैच से जुड़ी अंपायरिंग व्याख्या भी सामने आई, जिसमें गेंद की लाइन और बल्लेबाज की स्थिति के आधार पर फैसले को समझाया गया।
भारत-जापान मुकाबले ने इस तरह मैदान के रोमांच के साथ एक व्यापक संदेश भी दिया। जापान ने मजबूत भारतीय टीम के खिलाफ प्रतिस्पर्धी प्रदर्शन किया, जबकि BCCI के लिए यह क्रिकेट को नए बाजारों और दर्शकों तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण आयोजन रहा।अब BCCI और जापान क्रिकेट एसोसिएशन के बीच भविष्य के सहयोग पर भी निगाहें रहेंगी। बोर्ड पहले ही कह चुका है कि वह जापान में क्रिकेट के विकास के लिए JCA के साथ काम जारी रखना चाहता है। ऐसे में सानो में खेला गया पहला टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला आने वाले वर्षों में दोनों देशों के बीच और क्रिकेट गतिविधियों की शुरुआत साबित हो सकता है।