BCCI ने खोजा टीम इंडिया की कमजोरी का हल, शुभदीप घोष को मिली बड़ी जिम्मेदारी

Update: 2026-07-28 16:07 GMT

भारतीय क्रिकेट टीम: खराब फील्डिंग को लेकर लगातार उठ रहे सवालों के बीच भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने बड़ा फैसला लिया है। बीसीसीआई ने भारतीय सीनियर पुरुष टीम के नए क्षेत्ररक्षण कोच के रूप में शुभदीप घोष की नियुक्ति कर दी है। हाल के मुकाबलों में टीम इंडिया के खिलाड़ियों द्वारा कैच छोड़ने और मैदान पर गलतियों के कारण कई अहम मैच गंवाने के बाद बोर्ड ने यह कदम उठाया है।

बीसीसीआई ने पूर्व क्षेत्ररक्षण कोच टी दिलीप का अनुबंध आगे नहीं बढ़ाने का फैसला किया है। उनकी जगह अब 57 वर्षीय शुभदीप घोष भारतीय टीम के खिलाड़ियों की फील्डिंग क्षमता को बेहतर बनाने की जिम्मेदारी संभालेंगे। माना जा रहा है कि श्रीलंका दौरे से पहले यह बदलाव टीम के प्रदर्शन को सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

शुभदीप घोष का क्रिकेट और कोचिंग का लंबा अनुभव है। वह असम और रेलवे के लिए प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेल चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने कई स्तरों पर भारतीय टीमों के साथ काम किया है। घोष भारतीय सीनियर महिला टीम, अंडर-19 टीम और 2023 एशियन गेम्स में हिस्सा लेने वाली भारतीय पुरुष टीम के सपोर्ट स्टाफ का हिस्सा रह चुके हैं। हाल ही में हुए जिम्बाब्वे दौरे पर भी वह भारतीय टीम के साथ जुड़े थे।

टीम इंडिया की फील्डिंग पिछले कुछ समय से चिंता का विषय बनी हुई है। आयरलैंड और इंग्लैंड दौरों पर भारतीय खिलाड़ियों ने कई आसान कैच छोड़े, जिसका असर मैच के नतीजों पर पड़ा। इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे वनडे मुकाबले में जो रूट का कैच छोड़ना भारतीय टीम को भारी पड़ा था। उस जीवनदान के बाद रूट ने शानदार पारी खेलते हुए इंग्लैंड को जीत दिलाई थी।

यूके दौरे पर भारतीय टीम को टी20 और वनडे सीरीज में हार का सामना करना पड़ा था। बल्लेबाजी और गेंदबाजी के साथ-साथ खराब फील्डिंग भी हार के प्रमुख कारणों में शामिल रही। कई मौकों पर टीम इंडिया ने महत्वपूर्ण समय पर कैच छोड़े और रन रोकने में भी गलतियां कीं। ऐसे में बीसीसीआई ने फील्डिंग विभाग को मजबूत करने के लिए नया बदलाव किया है।

टी दिलीप के अलावा टीम इंडिया के असिस्टेंट कोच रयान टेन डोशेट ने भी भारतीय टीम से अलग होने का फैसला किया है। रयान साल 2024 से भारतीय टीम के साथ जुड़े हुए थे। उन्हें शुरुआत में फील्डिंग कोच की भूमिका के लिए जोड़ा जाना था, लेकिन बाद में उन्हें असिस्टेंट कोच की जिम्मेदारी दी गई। हालांकि, उन्होंने टीम छोड़ने के पीछे निजी कारणों का हवाला दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक वह आईपीएल फ्रेंचाइजी कोलकाता नाइट राइडर्स के साथ जुड़ सकते हैं।

अब शुभदीप घोष के सामने सबसे बड़ी चुनौती भारतीय खिलाड़ियों की फील्डिंग में निरंतर सुधार लाना होगी। आधुनिक क्रिकेट में एक कैच या एक रन बचाना भी मैच का रुख बदल सकता है। यही वजह है कि टीमें फील्डिंग को बेहद गंभीरता से ले रही हैं।

भारतीय टीम का अगला बड़ा दौरा श्रीलंका का है, जहां 15 अगस्त से दो मैचों की टेस्ट सीरीज खेली जानी है। इस दौरे से शुभदीप घोष की नई भूमिका की शुरुआत होगी। टीम प्रबंधन को उम्मीद है कि उनके अनुभव और तकनीकी समझ से भारतीय खिलाड़ियों की फील्डिंग में सुधार देखने को मिलेगा।

बीसीसीआई का यह फैसला साफ संकेत देता है कि बोर्ड टीम इंडिया की छोटी-छोटी कमजोरियों को दूर करने पर ध्यान दे रहा है। अब सभी की नजरें शुभदीप घोष पर होंगी कि वह भारतीय टीम की फील्डिंग को किस तरह नई ऊंचाई तक पहुंचाते हैं।

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