गुवाहाटी। असम क्रिकेट एसोसिएशन (ACA) ने रणजी ट्रॉफी 2026-27 सीजन के शुरुआती दो मुकाबलों के लिए सीनियर पुरुष टीम की घोषणा कर दी है। असम ने बल्लेबाज डेनिश दास को टीम की कमान सौंपी है। 15 सदस्यीय टीम में युवा खिलाड़ियों के साथ घरेलू क्रिकेट का अच्छा अनुभव रखने वाले कई क्रिकेटरों को शामिल किया गया है। असम अपने अभियान की शुरुआत पंजाब और त्रिपुरा के खिलाफ मुकाबलों से करेगा।रणजी ट्रॉफी का नया सीजन 11 अक्टूबर से शुरू होने वाला है। शुरुआती मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन के इरादे से असम क्रिकेट एसोसिएशन ने संतुलित टीम चुनने की कोशिश की है। डेनिश दास को पहले दो मुकाबलों के लिए कप्तानी की जिम्मेदारी देना टीम प्रबंधन का अहम फैसला माना जा रहा है।
असम की घोषित टीम में सिबशंकर रॉय, राजवीर सिंह, निबीर डेका, ऋषभ दास और स्वरूपम पुरकायस्थ जैसे अनुभवी घरेलू क्रिकेटरों को जगह मिली है। इनके अनुभव का फायदा टीम को लंबे प्रारूप में मिलने की उम्मीद होगी। रणजी ट्रॉफी में बल्लेबाजों के धैर्य के साथ गेंदबाजों की फिटनेस और लंबे स्पेल डालने की क्षमता महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में टीम चयन में अलग-अलग भूमिकाओं के खिलाड़ियों को शामिल किया गया है।डेनिश दास पिछले कुछ समय से असम के घरेलू क्रिकेट सेटअप का हिस्सा रहे हैं। अब उन्हें सीनियर पुरुष टीम की कप्तानी सौंपकर एसोसिएशन ने उन पर भरोसा जताया है। कप्तान के रूप में उनके सामने शुरुआती मुकाबलों में टीम को मजबूत शुरुआत दिलाने की जिम्मेदारी होगी। चार दिवसीय क्रिकेट में कप्तानी के दौरान गेंदबाजों का सही इस्तेमाल, परिस्थितियों के अनुसार फील्डिंग सजाना और बल्लेबाजी क्रम से जुड़े फैसले महत्वपूर्ण होते हैं।
असम के लिए शुरुआती मुकाबले इसलिए भी अहम होंगे क्योंकि रणजी ट्रॉफी जैसे लंबे घरेलू टूर्नामेंट में शुरुआती चरण में हासिल किए गए अंक आगे की राह तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जीत के साथ-साथ पहली पारी की बढ़त और ड्रॉ मुकाबलों से मिलने वाले अंक भी टीमों की स्थिति पर असर डालते हैं।पंजाब के खिलाफ असम का मुकाबला चुनौतीपूर्ण रहने की उम्मीद है। पंजाब घरेलू क्रिकेट की मजबूत टीमों में शामिल रहा है और उसके पास विभिन्न प्रारूपों का अनुभव रखने वाले खिलाड़ी मौजूद रहते हैं। ऐसे में असम के बल्लेबाजों को बड़ा स्कोर बनाने के साथ गेंदबाजों को नियमित अंतराल पर विकेट निकालने की चुनौती होगी।
इसके बाद असम को त्रिपुरा का सामना करना है। पूर्वोत्तर की दोनों टीमों के बीच मुकाबले में घरेलू परिस्थितियों और एक-दूसरे के खिलाड़ियों के बारे में जानकारी भी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। असम की कोशिश शुरुआती दोनों मैचों से अधिकतम अंक हासिल करके प्रतियोगिता में मजबूत शुरुआत करने की होगी।टीम में सिबशंकर रॉय की मौजूदगी बल्लेबाजी को अनुभव प्रदान करेगी। घरेलू क्रिकेट में लंबे समय से खेल रहे सिबशंकर विभिन्न परिस्थितियों में बल्लेबाजी का अनुभव रखते हैं। ऋषभ दास भी असम के लिए घरेलू क्रिकेट में खेलते रहे हैं और शीर्ष क्रम में टीम को स्थिरता देने की क्षमता रखते हैं।
स्वरूपम पुरकायस्थ की मौजूदगी टीम को एक उपयोगी विकल्प देती है। लंबे प्रारूप में ऐसे खिलाड़ी अहम होते हैं जो जरूरत के अनुसार अलग-अलग भूमिकाएं निभा सकें। निबीर डेका और राजवीर सिंह से भी टीम को बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद होगी।रणजी ट्रॉफी भारतीय घरेलू क्रिकेट की सबसे प्रतिष्ठित प्रतियोगिताओं में शामिल है। इस टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने के अवसर बढ़ जाते हैं। भारतीय टेस्ट टीम तक पहुंचने के लिए भी रणजी ट्रॉफी में लगातार प्रदर्शन को महत्वपूर्ण पैमाना माना जाता रहा है।
असम के कई खिलाड़ियों के लिए 2026-27 का सीजन व्यक्तिगत रूप से भी अहम रहेगा। युवा खिलाड़ियों के पास अनुभवी क्रिकेटरों के साथ खेलते हुए अपनी क्षमता दिखाने का मौका होगा, जबकि सीनियर खिलाड़ियों से टीम को दबाव वाली परिस्थितियों में संभालने की उम्मीद रहेगी।चार दिवसीय मुकाबलों में फिटनेस और निरंतरता बड़ी भूमिका निभाती है। बल्लेबाजों को लंबे समय तक क्रीज पर टिककर पारी बनाने की जरूरत होती है, जबकि गेंदबाजों को लगातार कई स्पेल करने पड़ सकते हैं। इसलिए शुरुआती मुकाबलों में खिलाड़ियों की फिटनेस और कार्यभार प्रबंधन पर भी टीम प्रबंधन की नजर रहेगी।कप्तान डेनिश दास के सामने टीम के अनुभवी और युवा खिलाड़ियों के बीच बेहतर तालमेल बनाने की जिम्मेदारी होगी। शुरुआती दो मैचों में उनके नेतृत्व और व्यक्तिगत प्रदर्शन दोनों पर निगाहें रहेंगी। घरेलू क्रिकेट में कप्तानी का दबाव अलग होता है क्योंकि मुकाबले कई दिनों तक चलते हैं और परिस्थितियां हर सत्र में बदल सकती हैं।
असम क्रिकेट एसोसिएशन ने फिलहाल पहले दो मुकाबलों के लिए ही टीम घोषित की है। ऐसे में इन मैचों में खिलाड़ियों का प्रदर्शन आगे के मुकाबलों के लिए टीम चयन में भी महत्वपूर्ण हो सकता है। अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी अपनी जगह मजबूत करना चाहेंगे, जबकि टीम प्रबंधन जरूरत के अनुसार अगले चरण में बदलाव कर सकता है।11 अक्टूबर से शुरू होने वाले रणजी ट्रॉफी अभियान में असम की नजर मजबूत शुरुआत पर रहेगी। डेनिश दास की कप्तानी में उतरने वाली 15 सदस्यीय टीम के सामने पहला लक्ष्य पंजाब और त्रिपुरा के खिलाफ बेहतर प्रदर्शन कर अंक जुटाना होगा। अनुभवी खिलाड़ियों और नई कप्तानी के संयोजन के साथ असम की टीम नए घरेलू सीजन में अपनी छाप छोड़ने के इरादे से मैदान पर उतरेगी।