नागोया: मंगलवार को दीप्ति जीवनजी ने पैरा एथलेटिक्स की महिलाओं की 400 मीटर T20 कैटेगरी में 56.36 सेकंड का समय निकालकर स्वर्ण पदक जीता और एक नया गेम्स रिकॉर्ड बनाया।
दीप्ति ने अपना स्वर्ण पदक सफलतापूर्वक बरकरार रखा। उन्होंने 2022 के 56.59 सेकंड के समय में सुधार करते हुए 2026 में 56.36 सेकंड का समय निकाला — यानी 0.23 सेकंड का सुधार किया।
तेलंगाना की रहने वाली 23 वर्षीय दीप्ति, पैरा वर्ल्ड चैंपियनशिप में दो बार पदक जीत चुकी हैं, जिसमें 2024 का स्वर्ण पदक भी शामिल है। वह इसी इवेंट में पैरालंपिक कांस्य पदक विजेता भी हैं।
दीप्ति ने पैरा एथलेटिक्स की दुनिया में अपनी एक खास पहचान बनाई है, जबकि उन्हें बौद्धिक अक्षमता (intellectual impairment) जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। 15 साल की उम्र में, स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) के कोच एन. रमेश ने एक राज्य-स्तरीय एथलेटिक्स मीट के दौरान पहली बार दीप्ति को देखा था।
उनकी क्षमता को पहचानते हुए, रमेश ने उन्हें अपने मार्गदर्शन में लिया और ट्रेनिंग देना शुरू किया। पैरा एथलेटिक्स में उनके सफर की शुरुआत 2019 में हांगकांग में आयोजित एशियन यूथ चैंपियनशिप से हुई, जहां उन्होंने कांस्य पदक जीता। अपनी बौद्धिक अक्षमता के कारण, उन्हें अपनी उम्र की अन्य लड़कियों की तरह अपनी भावनाओं को व्यक्त करने में कठिनाई होती है, लेकिन इसके बावजूद दीप्ति अपने खेल में बेहतरीन प्रदर्शन करने के लिए दृढ़ रहीं।
दीप्ति ने कड़ी मेहनत से ट्रेनिंग जारी रखी और 2019 से 2022 के बीच एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (AFI) द्वारा आयोजित कई इवेंट्स में हिस्सा लिया। उनकी मेहनत तब रंग लाई जब उन्होंने गुवाहाटी में आयोजित 'खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2020' में 100 मीटर और 200 मीटर, दोनों इवेंट्स में स्वर्ण पदक जीते।
दीप्ति की सफलता का सिलसिला 'नेशनल जूनियर एंड यूथ चैंपियनशिप' में भी जारी रहा, जहां उन्होंने कई पदक जीते। उनकी इन उपलब्धियों की बदौलत उन्हें 'खेलो इंडिया एथलीट' का दर्जा मिला। उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि एशियन पैरा गेम्स 2023 में रही, जहाँ उन्होंने गेम्स रिकॉर्ड और एशियन रिकॉर्ड तोड़कर इतिहास रच दिया। इसके बाद, वर्ल्ड चैंपियनशिप 2024 में उन्होंने 55.07 सेकंड का समय निकालकर एक वर्ल्ड रिकॉर्ड भी बनाया।
उनके इस शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें गोल्ड मेडल मिला, जिसने पैरा एथलेटिक्स की दुनिया में एक उभरते हुए सितारे के रूप में उनकी जगह पक्की कर दी।