फुटबॉल को खत्म करने की साजिश का आरोप किराया विवाद पर आदित्य ठाकरे का हमला
250% किराया वृद्धि के खिलाफ उठी आवाज
मुंबई: इंडियन सुपर लीग (ISL) की टीम मुंबई सिटी FC के घरेलू मैदान को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। क्लब के होम ग्राउंड मुंबई फुटबॉल एरिना, अंधेरी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के किराए में कथित तौर पर 250 फीसदी बढ़ोतरी की खबर सामने आने के बाद शिवसेना (UBT) नेता और मुंबई फुटबॉल एसोसिएशन के अध्यक्ष आदित्य ठाकरे ने कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने इसे मुंबई में फुटबॉल को कमजोर करने की कोशिश बताया।
मुंबई सिटी FC को आने वाले ISL सीजन के लिए अपने घरेलू मुकाबलों के आयोजन में मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अंधेरी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का प्रबंधन करने वाली संस्था की ओर से क्लब को पिछले किराए की तुलना में करीब 250 फीसदी ज्यादा भुगतान करने का प्रस्ताव दिया गया है।
किराया बढ़ोतरी पर भड़के आदित्य ठाकरे
आदित्य ठाकरे ने इस मामले पर चिंता जताते हुए कहा कि मुंबई जैसे शहर में जहां पहले से ही खेल मैदानों की कमी है, वहां फुटबॉल गतिविधियों को बढ़ावा देने के बजाय ऐसी नीतियां खेल को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि मुंबई में फुटबॉल के मैदान लगातार कम होते जा रहे हैं और अगर खेल सुविधाओं पर दबाव बढ़ता रहा तो इसका असर खिलाड़ियों और युवाओं पर पड़ेगा।
मुंबई सिटी FC के सामने बढ़ी चुनौती
मुंबई सिटी FC पिछले कई वर्षों से अंधेरी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स स्थित मुंबई फुटबॉल एरिना को अपना घरेलू मैदान के रूप में इस्तेमाल करता रहा है। क्लब को अब बढ़े हुए किराए के कारण वैकल्पिक मैदान की तलाश करनी पड़ सकती है।
अगर क्लब को नया मैदान चुनना पड़ता है तो इससे खिलाड़ियों की तैयारी, प्रशंसकों की पहुंच और मैच आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं पर असर पड़ सकता है।
फुटबॉल इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर पहले भी विवाद
मुंबई में फुटबॉल मैदानों को लेकर पहले भी विवाद सामने आते रहे हैं। बांद्रा के नेविल डिसूजा फुटबॉल ग्राउंड को लेकर भी खिलाड़ियों, कोचों और फुटबॉल प्रेमियों ने विरोध जताया था। आदित्य ठाकरे ने उस मुद्दे पर भी मैदानों को बचाने की मांग उठाई थी।
फुटबॉल से जुड़े लोगों का कहना है कि मुंबई जैसे शहर में खेल के लिए उपलब्ध जगह सीमित है, ऐसे में मौजूदा मैदानों को संरक्षित करना जरूरी है।
क्लब और प्रशासन के बीच बातचीत जारी
फिलहाल मुंबई सिटी FC और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों के बीच बातचीत जारी होने की जानकारी सामने आई है। क्लब की कोशिश है कि आगामी सीजन के लिए घरेलू मैदान की समस्या का समाधान निकाला जा सके।
फुटबॉल प्रशंसकों की नजर अब इस बात पर है कि किराया विवाद का समाधान किस तरह निकलता है और क्या मुंबई सिटी FC अपने पुराने मैदान पर ही मुकाबले खेल पाएगी।