नई दिल्ली : क्रिकेट में अक्सर कहा जाता है कि "बैट्समैन मैच जिताते हैं, लेकिन गेंदबाज टूर्नामेंट जिताते हैं।" एक फाइनल मुकाबले में यही कहावत पूरी तरह सच साबित हुई, जब एक टीम ने महज 29 रन पर अपने 8 विकेट गंवा दिए, लेकिन इसके बावजूद मुकाबला 6 रन से जीतकर खिताब अपने नाम कर लिया।
यह मैच क्रिकेट इतिहास के सबसे रोमांचक और असाधारण फाइनल मुकाबलों में गिना जा सकता है, जहां बल्लेबाजों के पूरी तरह फ्लॉप होने के बाद गेंदबाजों ने ऐसी वापसी कराई कि विरोधी टीम जीत के करीब पहुंचकर भी ट्रॉफी से चूक गई।
बल्लेबाजी पूरी तरह रही फ्लॉप
फाइनल में पहले बल्लेबाजी करते हुए टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। शुरुआती ओवरों में ही विकेटों की झड़ी लग गई और स्कोरबोर्ड पर सिर्फ 29 रन थे, तब तक 8 बल्लेबाज पवेलियन लौट चुके थे।
ऐसा लग रहा था कि टीम बेहद कम स्कोर पर सिमट जाएगी और विपक्ष के लिए लक्ष्य हासिल करना आसान होगा।
हालांकि निचले क्रम के बल्लेबाजों ने संघर्ष करते हुए कुछ महत्वपूर्ण रन जोड़कर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाने की कोशिश की। हर अतिरिक्त रन बाद में निर्णायक साबित हुआ।
गेंदबाजों ने पलट दिया पूरा मैच
छोटे लक्ष्य का पीछा करने उतरी विपक्षी टीम आत्मविश्वास से भरी नजर आ रही थी, लेकिन गेंदबाजों ने शुरुआत से ही आक्रामक लाइन और लेंथ के साथ दबाव बनाना शुरू कर दिया।
नई गेंद से लगातार विकेट गिरने लगे और बल्लेबाज खुलकर खेलने में असफल रहे। विपक्षी टीम नियमित अंतराल पर विकेट गंवाती रही, जिससे रन गति भी लगातार गिरती गई।
गेंदबाजों ने सटीक यॉर्कर, स्विंग और अनुशासित गेंदबाजी के दम पर बल्लेबाजों को कोई मौका नहीं दिया। शानदार फील्डिंग और कैचों ने भी टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई।
छह रन से दर्ज की यादगार जीत
मुकाबले का रोमांच आखिरी ओवर तक बना रहा। विपक्षी टीम जीत के बेहद करीब पहुंच गई थी, लेकिन अंतिम क्षणों में गेंदबाजों ने संयम बनाए रखा और मैच को 6 रन से अपने नाम कर लिया।
जीत के बाद खिलाड़ियों और समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। बल्लेबाजी में संघर्ष करने वाली टीम ने गेंदबाजी के दम पर ऐसा कारनामा किया, जिसकी लंबे समय तक चर्चा होती रहेगी।
गेंदबाज बने जीत के असली हीरो
इस मुकाबले ने एक बार फिर साबित कर दिया कि क्रिकेट सिर्फ बड़े स्कोर का खेल नहीं है। यदि गेंदबाज अनुशासित और आक्रामक प्रदर्शन करें तो बेहद छोटे लक्ष्य का भी सफलतापूर्वक बचाव किया जा सकता है।
फाइनल में गेंदबाजों ने दबाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए टीम को अविश्वसनीय जीत दिलाई और ट्रॉफी अपने नाम कर ली।