3 साल पहले जिस कोच के साथ हुआ था विवाद, अब उसी के साथ इंग्लैंड जानें की तयारी में मिताली राज, भारतीय कप्तान ने बताया- कैसे बनेगी बात?

मिताली राज और रमेश पोवार के बीच 2018 के वर्ल्ड कप के दौरान विवाद हो गया था. पोवार उस वक्त भी टीम के कोच थे, लेकिन फिर उन्होंने इस्तीफा दे दिया था.

Update: 2021-05-30 14:06 GMT

जनता से रिश्ता वेबडेस्क। भारतीय महिला क्रिकेट टीम (Indian Women Cricket Team) अगले कुछ दिनों में फिर से इंटरनेशनल क्रिकेट खेलते हुए दिखेगी. 2 जून को मिताली राज (Mithali Raj) और हरमनप्रीत कौर (Harmanpreet Kaur) की कप्तानी वाली टेस्ट, वनडे और टी20 टीम इंग्लैंड दौरे पर रवाना होगी. यहां टीम इंडिया इंग्लैंड के खिलाफ एक टेस्ट मैच के साथ ही वनडे और टी20 सीरीज भी खेलेगी. इस सीरीज के साथ ही भारतीय टीम के नए कोच रमेश पोवार (Ramesh Powar) के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत होगी. पोवार को हाल ही में कोच नियुक्त किया गया था. पोवार के दूसरे कार्यकाल में सबसे ज्यादा नजर भारतीय कप्तान मिताली राज के साथ उनके तालमेल पर रहेगी, जो कि 3 साल पहले विवादों के केंद्र में था. हालांकि, मिताली ने कहा है कि कोच के साथ कड़वे अतीत को वे पीछे छोड़ चुकी हैं और देश के आगे व्यक्तिगत पसंद-नापसंद के मायने नहीं.

पोवार को इसी महीने अगले दो साल के लिए टीम का मुख्य कोच नियुक्त किया गया था. पूर्व भारतीय स्पिनर को डब्ल्यूवी रमन की जगह ये जिम्मेदारी दी गई थी, जिनका कार्यकाल मार्च में खत्म हो गया था और उन्हें दोबारा नहीं चुना गया. रमन से पहले पोवार ही टीम के कोच थे. 2018 में उन्होंने ये पद संभाला था, लेकिन कुछ ही महीनों में विवाद के कारण उन्हें इसे छोड़ना पड़ा था.
हमेशा अतीत में नहीं रह सकतेः मिताली
इंग्लैंड दौरे से पहले फिलहाल मिताली समेत पूरी भारतीय टीम इस समय मुंबई में क्वारंटीन में हैं. पोवार के पिछले कार्यकाल का कुछ ही महीनों में बेहद नकारात्मक अंदाज में अंत हुआ था, जहां मिताली और पोवार ने एक-दूसरे पर कई आरोप जड़े थे. अब नया सफर शुरू करने से पहले मिताली ने इस बारे में साफ किया कि वे इसे पीछे छोड़ चुकी हैं. समाचार एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए दिग्गज भारतीय बल्लेबाज ने कहा,
"हम हमेशा अतीत में नहीं रह सकते. मैं इतने सालों तक खेल चुकी हूं, मेरे अंदर कोई अहंकार नहीं है और मैं अपनी व्यक्तिगत पसंद-नापसंद को ज्यादा तवज्जो नहीं देती. मैंने ऐसा कभी नहीं किया है.
देश के आगे पसंद-नापसंद के नहीं मायने
मिताली ने देश को आगे रखने की बात करते हुए कहा, "21 साल इतनी सारी चुनौतियों से गुजरने के लिये काफी लंबा समय होता है. जब भारत के लिये खेलने की बात आती है तो आप अपने देश की सेवा करते हो इसलिये व्यक्तिगत मुद्दों को मैं ज्यादा तवज्जो नहीं देती. हम कड़वे नहीं हो सकते और कड़वाहट को आगे नहीं ले जा सकते. मैं कभी भी आक्रामक नहीं रही हूं और न ही मैं अतीत को वर्तमान तक ले जाती हूं. वरना मैं इस खेल में इतने लंबे समय तक नहीं बनी रहती जिसमें हमेशा खुद को खोजने और सुधार करने की जरूरत होती है.''
वर्ल्ड कप के दौरान हुआ था विवाद
पोवार को 2018 में ही भारतीय टीम का कोच नियुक्त किया गया था. उनके नेतृत्व में ही भारतीय टीम ने उस साल हुए टी20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल तक का सफर तय किया था. तब सेमीफाइनल मैच में पोवार ने टीम की सबसे अनुभवी बल्लेबाज मिताली को टीम में शामिल नहीं किया था. भारतीय टीम ये मैच हार गई थी. इसके बाद मिताली ने बीसीसीआई को पत्र लिख कर पोवार पर आरोप लगाया था कि पोवार ने मेरे करियर को खत्म करने और मुझे अपमानित करने के लिए ऐसा किया है. पोवार ने पलटवार करते हुए कहा था, 'मिताली काफी नखरे दिखाती है और टीम में विवाद पैदा करती है.'


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