नई दिल्‍ली: ब्रम्‍हांड के अंदर असंख्‍य रहस्‍य छिपे हुए हैं. ये रहस्‍य जब तस्‍वीरों के जरिए सामने आते हैं तो कई बार इंसान के लिए उन्‍हें पचा पाना भी संभव नहीं होता है. लेटेस्‍ट से लेटेस्‍ट टेक्‍नॉलॉजी मौजूद होने के बावजूद कई बार इन तस्‍वीरों को लेना आसान नहीं होता है. इस बार तो आकाशगंगाओं की जो तस्‍वीर सामने आई है, उसे लेना लगभग असंभव ही था क्‍योंकि इन आकाशगंगाओं की स्थिति भी बड़ी अजीब थी और कमाल की बात है कि वे डांस भी कर रही हैं.

नाच रही थीं दोनों आकाशगंगाएं
ब्रम्‍हांड में कई आकाशगंगाएं हैं. लेकिन इस बार इनकी जो तस्‍वीर सामने आई है उसे लेना असंभव ही था. जाहिर है विज्ञान ऐसी चीज है जो असंभव को संभव बना देती है और एक बार फिर यह बात इस हैरतअंगेज तस्‍वीर के जरिए साबित हो गई है. हबल टेलीस्‍कोप के जरिए जो तस्‍वीर ली गई है, उसमें 2 आकाशगंगाएं न केवल नाचती हुई दिख रही हैं, बल्कि वे ऐसी स्थिति में थीं, जिसे एक फ्रेम में लेना असंभव था. ये आकाशगंगाएं एक-दूसरे के ऊपर अलग-अलग दिशाओं में थीं, वे नाच भी रही थीं और उनके हिस्‍से तीनों दिशाओं में फैले भी हुए थे. कुल मिलाकर ऐसी जटिल सरंचना को एक तस्वीर में लेना आसान नहीं था.
परफेक्‍ट टाइम पर परफेक्‍ट शॉट
हबल टेलीस्‍कोप से इन आकाशगंगा की दूरी करीब 32 करोड़ प्रकाश वर्ष दूर थी. वे अपनी-अपनी गुरुत्वाकर्षण शक्ति की वजह से आपस में बंधी हैं और तेजी से घूम रही हैं. हबल टेलिस्कोप ने करोड़ों प्रकाश वर्ष की दूरी से न केवल इन दोनों आकाशगंगाओं की तस्वीर ली, बल्कि इतने परफेक्‍ट समय पर ली कि इसमें दोनों आकाशगंगाओं के थ्री डायमेंशन डिटेल्स भी कैप्चर हो गईं.
बहुत मुश्किल था ऐसी तस्‍वीर लेना
इन आकाशगंगा के नाम पोलर-रिंग गैलेक्सी आईसी 1559 (Polar Ring Galaxy IC 1559) और एनजीसी 169 (NGC 169) हैं. एक साथ इन दोनों को आर्प 282 (Arp 282) कहा जाता है. यानी हाल्टन आर्प्स एटलस ऑफ पिक्यूलियर गैलेक्सीज.
नासा के अधिकारियों ने अपने बयान में कहा है कि वैसे तो आकाशगंगाओं का इस तरह से आपस में मिलकर नाचना बड़ी बात नहीं है. लेकिन हबल के लिए ऐसी तस्‍वीर लेना बहुत मुश्किल था. क्योंकि ये दोनों आकाशगंगाएं अलग तरह से आपस में मिली हुई थीं.
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