क्‍या आप जानते हैं कि हमारी पृथ्‍वी का केंद्र बिंदु यानी इनर कोर कैसा है। अक्‍सर लोग यह प्रश्‍न करते हैं कि धरती के नीचे पाताल जैसा कुछ है। पाताल की अवधारणा लोगों की दिमाग में बैठी है। हालांकि, वैज्ञानिकों को इन सवालों के जवाब काफी हद तक मिल गए हैं। अब यह गुत्‍थी काफी हद तक सुलझ गई है। अभी तक यह अनुमान लगाया जा रहा था कि पृथ्‍वी का इनर कोर ठोस है, जिसके बाहर तरल मौजूद है। एक शोध में यह खुलासा हुआ है कि यह पूरी तरह से ठोस नहीं है।

पृथ्‍वी के कुछ हिस्सों पर तरल पदार्थ मौजूद
फिजिक्स आफ द अर्थ एंड प्लैनेटरी इंटीरियर्स नाम की पत्रिका में यह अध्‍ययन प्रकाशित हुआ है। इसमें कहा गया है कि पृथ्‍वी का केंद्र बिंदु कई जगहों पर ठोस है, जबकि कुछ जगहों पर नरम है। इस कुछ हिस्सों पर तरल पदार्थ मौजूद है। इसका मतलब है कि यह पूरी तरह ठोस नहीं है। ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी आफ ब्रिस्टल की जेसिका इरविंग के अनुसार पृथ्‍वी के केंद्र को लेकर लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह ठोस गोला नहीं है बल्कि एक 'नई दुनिया' हो सकती है।
पृथ्‍वी का केंद्र खोखला है
जूल्स वर्ने ने 1864 में बताया था कि पृथ्‍वी का केंद्र खोखला है। हालांकि, वैज्ञानिकों ने इस सिद्धांत को 1950 में खारिज कर दिया था। उन्‍होंने बताया था कि पृथ्वी के इनर कोर में अत्यधिक तापमान और दबाव के कारण यहां पहुंचना मुश्किल है। हालिया रिसर्च हवाई इंस्टीट्यूट आफ जियोफिजिक्स एंड प्लैनेटोलाजी के भू-भौतिक विज्ञानी रेट बटलर और उनकी टीम ने की है। इसके लिए उन्होंने भूकंपों से उठने वाली भूगर्भीय तरंगों की जांच की।
कुछ तरंगे धरती के इनर कोर से टकराकर लौट आईं
इस अध्‍ययन में यह बात सामने आई कि इनमें से कुछ तरंगे धरती के इनर कोर से टकराकर लौट आईं, जबकि कुछ उसे आर-पार कर गईं। इससे यह स्‍पष्‍ट हो जाता है कि धरती का केंद्र पूरी तरह से कठोर नहीं है, बल्कि इसके कुछ स्थानों पर तरल पदार्थ भी मौजूद है। इन नतीजों ने वैज्ञानिकों को हैरान कर दिया। कई बार जांच करने पर भी उन्हें एक जैसे परिणाम ही मिले। अध्‍ययन में दावा किया जा रहा है कि यहां एक अलग तरह की दुनिया मौजूदा हो सकती है।
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