जनता से रिश्ता। हर व्यक्ति रोज अपना सबसे ज्यादा समय अपने कार्यस्थल पर बिताता है। यदि कार्यस्थल यानी ऑफिस या व्यवसायिक स्थल का वास्तु ठीक हो तो व्यक्ति को काम करने के लिए सकारात्मक उर्जा मिलती है। यदि कार्यस्थल का वास्तु सही हो तो वहां काम करने वाला व्यक्ति दोगुनी उर्जा से काम करने लगता है। वास्तु नियम के पालन से उसे हर कार्य में सफलता मिलने लगते हैं।

-हमेशा अपने ऑफिस का केन्द्र स्थान हमेशा खाली रखना चाहिए, इसे ब्रह्म स्थान भी कहा जाता है। इस स्थान पर कोई खंबा, स्तंभ, कील आदि नहीं लगाना चाहिए।
– कम्पयूटर हमेशा दक्षिण-पूर्व या पूर्व दिशा में रखें।
– जो सामान जल्दी बेचना चाहते हों उसे वायव्य कोण अर्थात उत्तर-पश्चिम दिशा में रखें तो शीघ्र बिकेगा।
– ऑफिस की सजावट में कभी भी कांटेदार पौधे नहीं लगाने चाहिए।
– अगर ऑफिस में वेटिंग रुम बनाना हो, तो हमेशा वायव्य कोण में ही बनाना चाहिए।
– आपके केबिन में पीठ के पीछे कोई खुली खिडकी अथवा दरवाजा नहीं होना चाहिए।
– स्वीच बोर्ड या दक्षिण-पूर्व या दक्षिण दिशा में रखें।
– अगर आपके व्यवसाय में बाधा आ रही हो तो अशोक वृ्क्ष के 9 पत्ते कच्चे सूत में बाँधकर बंदनवार के जैसे बाँध दें।
पत्ते सूखने पर उसे बदलते रहें।


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