Mahashivratri ज्योतिष न्यूज़ : आज यानी 26 फरवरी दिन बुधवार को देशभर में महाशिवरात्रि का उत्सव मनाया जा रहा है जो कि महादेव और पार्वती को समर्पित है। इस पावन दिन पर भक्त भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए उनकी विधिवत पूजा करते हैं और व्रत आदि भी रखते हैं माना जाता है कि ऐसा करने से प्रभु की कृपा प्राप्त होती है।
महाशिवरात्रि पर भक्त मंदिरों में जाकर भगवान के दर्शन व पूजन करते हैं ऐसे में आज हम आपको सभी 12 ज्योतिर्लिंग में से सबसे पहले यानी सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के बारे में विस्तार से बता रहे हैं। मान्यता है कि सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के दर्शन व पूजन से भक्तों की सारी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं, तो आइए जानते हैं।
पहला ज्योतिर्लिंग है सोमनाथ—
आपको बता दें कि 12 ज्योतिर्लिंग में पहला ज्योतिर्लिंग सोमनाथ है जो कि गुजरात में स्थित है। गुजरात के सोमनाथ मंदिर में महाशिवरात्रि के अवसर पर भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिलती है। गुजरात के सौराष्ट्र में स्थित सोमनाथ ज्योतिर्लिंग दुनियाभर में प्रसिद्ध है। महाशिवरात्रि के मौके पर सोमनाथ मंदिर सुबह 4 बजे से लगातार 42 घंटे तक भक्तों के लिए खुला रहेगा। जिससे अधिक से अधिक भक्त सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के दर्शन प्राप्त कर सकेंगे।
मान्यता है कि सोमनाथ ज्योतिर्लिंग की स्थापना स्वयं चंद्रदेव ने की थी, उन्हीं के नाम से इस ज्योतिर्लिंग का नाम सोमनाथ पड़ा। इससे जुड़ी कथा ये है कि चंद्रमा का विवाह दक्ष प्रजापति की 27 कन्याओं से हुआ था। चंद्रमा अपनी पत्नियों में से सिर्फ रोहिणी को ही अधिक प्रेम करते थे। इससे क्रोधित होकर दक्ष प्रजापति ने चंद्रमा को क्षय रोग होने का श्राप दे दिया।
इस श्राप से मुक्ति के लिए चंद्रमा ने धरतीपर आकर शिवलिंग की स्थापना की और तपस्या करने लगे। प्रसन्न होकर शिवजी ने उन्हें श्रापमुक्त कर दिया। तभी से ये शिवलिंग यहां स्थापित है। चंद्रमा का ही एक नाम नाथ सोम है, उन्हीं के नाम पर इस ज्योतिर्लिंग का नाम सोमनाथ पड़ा।