शक संवत 1948, भाद्रपद, कृष्ण, सप्तमी, गुरुवार, विक्रम संवत् 2083। तदनुसार अंग्रेजी तारीख 3 सितंबर सन् 2026 ई॰। सूर्य दक्षिणायन, उत्तर गोल, वर्षा ऋतु। राहुकाल दोपहर 01 बजकर 30 मिनट से 03 बजकर 00 मिनट तक। सप्तमी तिथि अगले दिन तड़के 02 बजकर 25 मिनट (4 सितंबर) तक उपरांत अष्टमी तिथि का आरंभ।

कृत्तिका नक्षत्र अगले दिन मध्यरात्रि 12 बजकर 29 मिनट (4 सितंबर) तक उपरांत रोहिणी नक्षत्र का आरंभ। व्याघात योग सायं 06 बजकर 33 मिनट तक उपरांत हर्षण योग का आरंभ। विष्टि करण दोपहर 03 बजकर 27 मिनट तक उपरांत बव करण का आरंभ। चन्द्रमा प्रातः 07 बजकर 25 मिनट तक मेष राशि पर उपरांत वृषभ राशि पर संचार करेगा।

 सूर्योदय का समय: प्रातः 06:00 बजे

सूर्यास्त का समय: सायं 06:41 बजे

चंद्रोदय का समय: रात्रि 10:33 बजे

चंद्रास्त का समय: दोपहर 11:57 बजे (4 सितंबर)

सूर्य और चंद्रमा की राशियां

सूर्य देव: सिंह राशि में स्थित हैं

चन्द्र देव: मेष राशि में (प्रातः 07:25 बजे तक), फिर वृषभ राशि में प्रवेश

आज का शुभ मुहूर्त 3 सितंबर 2026 :

ब्रह्म मुहूर्त : सुबह में 03 बजकर 55 मिनट से सुबह 04 बजकर 41 मिनट तक रहेगा।

अभिजीत मुहूर्त : दोपहर 11 बजकर 55 मिनट से 12 बजकर 46 मिनट तक रहेगा।

अमृत काल : रात्रि 10 बजकर 12 मिनट से रात्रि 11 बजकर 43 मिनट तक रहेगा।

आज का चौघड़िया मुहूर्त 3 सितंबर 2026 :

शुभ (उत्तम) : सुबह 06 बजकर 00 मिनट से 07 बजकर 35 मिनट तक।

रोग (सामान्य) : सुबह 07 बजकर 35 मिनट से 09 बजकर 10 मिनट तक।

उद्वेग (सामान्य) : सुबह 09 बजकर 10 मिनट से 10 बजकर 45 मिनट तक।

चर (सामान्य) : सुबह 10 बजकर 45 मिनट से दोपहर 12 बजकर 20 मिनट तक।

आज का अशुभ मुहूर्त 3 सितंबर 2026 :

राहुकाल : दोपहर 01 बजकर 30 मिनट से 03 बजकर 00 मिनट तक रहेगा।

गुलिक काल : सुबह 09 बजकर 00 मिनट से 10 बजकर 30 मिनट तक रहेगा।

यमगंड : सुबह 06 बजकर 00 मिनट से 07 बजकर 30 मिनट तक रहेगा।

आज का उपाय : आज गुरुवार के दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा करें, उन्हें पीले फूल एवं चने की दाल-गुड़ अर्पित करें तथा केले के वृक्ष का पूजन करें।

 

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