अंग्रेजी तारीख 05 मई 2026 ई.। सूर्य उत्तरायण, उत्तर गोल, वसंत ऋतु। राहुकाल: दोपहर 03:30 से 04:30 बजे तक। चतुर्थी तिथि: पूरी रात रहेगी। ज्येष्ठा नक्षत्र: दोपहर 12 बजकर 55 मिनट तक रहेगा, इसके बाद मूल नक्षत्र शुरू होगा। शिव योग: रात 12 बजकर 17 मिनट (06 मई) तक है। चंद्रमा: दोपहर 12 बजकर 55 मिनट तक वृश्चिक राशि में और फिर धनु राशि में संचार करेगा।
महत्वपूर्ण विवरण
तिथि
कृष्ण चतुर्थी – पूरी रात तक
योग शिव – रात 12:17 बजे (06 मई) तक, फिर सिद्ध
करण बव – शाम 06:37 बजे तक
करण बालव – पूरी रात तक
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
सूर्योदय का समय
प्रातः 05:37 बजे
सूर्यास्त का समय सायं 06:59 बजे
चंद्रोदय का समय रात 10:35 बजे
चंद्रास्त का समय प्रातः 07:39 बजे
आज के व्रत त्योहार एकदंत संकष्टी चतुर्थी
आज का शुभ मुहूर्त 05 मई 2026 :
अभिजीत मुहूर्त
दोपहर 11 बजकर 51 मिनट से 12 बजकर 45 मिनट तक।
अमृत काल आज कोई नहीं है।
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04 बजकर 08 मिनट से 04 बजकर 52 मिनट तक।
आज का अशुभ मुहूर्त 05 मई 2026 :
राहुकाल
दोपहर 03:30 से 04:30 बजे तक
गुलिक काल दोपहर 12:00 से 01:30 बजे तक
यमगंड सुबह 09:00 से 10:30 बजे तक
आज का नक्षत्र
ज्येष्ठा नक्षत्र: दोपहर 12:55 बजे तक, फिर मूल
स्थान: 16°40’ वृश्चिक राशि से 30°00’ वृश्चिक राशि तक
नक्षत्र स्वामी: बुधदेव
राशि स्वामी: मंगलदेव
देवता: इंद्र (देवताओं के राजा)
प्रतीक: कुंडल, छाता या ताबीज
गुण: इस नक्षत्र में जन्मे लोग बहुत बुद्धिमान, चतुर योजनाकार और साहसी होते हैं। ये हाजिरजवाब और स्वाभिमानी होते हैं तथा संकट के समय बहुत सहजता से काम करते हैं। इनमें अपने लक्ष्य के प्रति कठोर अनुशासन होता है।