गुरूवार, 5 मार्च 2026 को चैत्र कृष्ण द्वितीया तिथि है। आज चंद्रदेव कन्या राशि और उत्तरफाल्गुनी नक्षत्र में विराजमान रहेंगे, जबकि सूर्यदेव कुंभ राशि में स्थित हैं। आज के दिन की सामान्य विशेषताएं विनम्रता, बुद्धिमानी और कड़ी मेहनत को दर्शाती हैं। उत्तरफाल्गुनी नक्षत्र के देवता अर्यमा मित्रता और एकजुटता का प्रतीक हैं, इसलिए आज अपनों के साथ मिलजुलकर काम करना लाभकारी रहेगा।

शूल और गंड योग के दौरान अपने व्यवहार में सहजता बनाए रखें और क्रोध को सुधार के संकेत के रूप में देखें। दिन के सही संचालन और महत्वपूर्ण कार्यों के लिए दोपहर 12:09 बजे से 12:56 बजे तक के अभिजीत मुहूर्त का उपयोग करना शुभ रहेगा। राहुकाल के समय सावधानी बरतें।

महत्वपूर्ण विवरण

तिथि कृष्ण द्वितीया सायं 05:03 बजे तक, फिर तृतीया

योग

शूल – प्रातः 07:46 बजे तक, फिर गंड

करण गरज – सायं 05:03 बजे तक

करण

वणिज – प्रातः 05:24 बजे तक (6 मार्च), फिर विष्टि

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति

सूर्योदय का समय प्रातः 06:42 बजे

सूर्यास्त का समय सायं 06:23 बजे

चंद्रोदय का समय सायं 08:17 बजे

चंद्रास्त का समय प्रातः 07:32 बजे

सूर्य और चंद्रमा की राशियां

सूर्य देव: कुंभ राशि में स्थित हैं

चन्द्र देव: कन्या राशि में स्थित हैं

आज के शुभ मुहूर्त

अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:09 बजे से दोपहर 12:56 बजे तक

अमृत काल प्रातः 03:11 बजे से प्रातः 04:52 बजे (6 मार्च) तक

आज के अशुभ समय

राहुकाल दोपहर 02:00 बजे से दोपहर 03:28 बजे तक

गुलिकाल प्रातः 09:37 बजे से प्रातः 11:05 बजे तक

यमगण्ड प्रातः 06:42 बजे से प्रातः 08:10 बजे तक

आज का नक्षत्र

आज चंद्रदेव उत्तरफाल्गुनी नक्षत्र में विराजमान रहेंगे।

उत्तरफाल्गुनी नक्षत्र: प्रातः 08:17 बजे तक

सामान्य विशेषताएं: विनम्र, व्यावहारिक, मेहनती, बेहतरीन वक्ता, बुद्धिमान, भरोसेमंद दोस्त, मददगार, उदार, ईमानदार, सच्चा हृदय, परोपकारी, कभी-कभी क्रोधी, समृद्ध और काम के प्रति समर्पित।

नक्षत्र स्वामी: सूर्यदेव

राशि स्वामी: सूर्यदेव और बुधदेव

देवता: अर्यमा (मित्रता और एकजुटता के देवता)

 

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