चंद्रोदय का समय: रात्रि 08:30 बजेअंग्रेजी तारीख 1 जून 2026 ई.। सूर्य उत्तरायण, उत्तर गोल, ग्रीष्म ऋतु। राहुकाल सुबह 07:30 से 09:00 बजे तक। प्रतिपदा तिथि सायं 04 बजकर 37 मिनट तक उपरांत द्वितीया तिथि का आरंभ। ज्येष्ठा नक्षत्र सायं 07 बजकर 08 मिनट तक उपरांत मूल नक्षत्र का आरंभ। सिद्ध योग प्रातः 06 बजकर 19 मिनट तक उपरांत साध्य योग का आरंभ। कौलव करण सायं 04 बजकर 37 मिनट तक उपरांत तैतिल करण का आरंभ। चंद्रमा सायं 07 बजकर 08 मिनट तक वृश्चिक राशि पर उपरांत धनु राशि पर संचार करेगा।
महत्वपूर्ण विवरण
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा सायं 04:37 बजे तक, फिर द्वितीया
योग सिद्ध प्रातः 06:19 बजे तक, फिर साध्य
करण कौलव सायं 04:37 बजे तक
करण तैतिल पूरी रात (अगले दिन सूर्योदय तक)
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
सूर्योदय का समय प्रातः 05:24 बजे
सूर्यास्त का समय
सायं 07:14 बजे
चंद्रोदय का समय रात्रि 08:30 बजे
चंद्रास्त का समय प्रातः 05:35 बजे (2 जून)
आज के व्रत त्योहार कृष्ण पक्ष प्रारंभ।
आज का शुभ मुहूर्त 1 जून 2026 :
अभिजीत मुहूर्त
दोपहर 11 बजकर 51 मिनट से 12 बजकर 47 मिनट तक।
अमृत काल प्रातः 09 बजकर 16 मिनट से प्रातः 11 बजकर 03 मिनट तक
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 3 बजकर 52 मिनट से 4 बजकर 38 मिनट तक
आज का अशुभ मुहूर्त 1 जून 2026 :
सुबह 07:30 से 09:00 बजे तक राहुकाल रहेगा।
दोपहर 01:30 से 03:00 बजे तक गुलिक काल रहेगा।
सुबह 10:30 से दोपहर 12:00 बजे तक यमगंड रहेगा।
आज का नक्षत्र
आज चंद्रदेव ज्येष्ठा नक्षत्र में विराजमान रहेंगे।
ज्येष्ठा नक्षत्र: सायं 07:08 बजे तक
स्थान: 16°40’ वृश्चिक राशि से 30°00’ वृश्चिक राशि तक
नक्षत्र स्वामी: बुधदेव
राशि स्वामी: मंगलदेव
देवता: इंद्र (देवताओं के राजा)
प्रतीक: कुंडल, छाता या ताबीज
सामान्य विशेषताएं: इस नक्षत्र में जन्मे लोग बुद्धिमान, चतुर योजनाकार और साहसी होते हैं। ये व्यावहारिक और तार्किक होने के साथ-साथ अत्यंत स्वाभिमानी और हाजिरजवाब भी होते हैं। संकट के समय में बेहतर काम करने की इनमें अद्भुत क्षमता होती है और ये अपने लक्ष्य के प्रति पूरी तरह समर्पित रहते हैं।
आज का उपाय : आज भगवान शिव का जल से अभिषेक करें और सफेद चंदन का तिलक लगाएं। सोमवार के दिन जरूरतमंदों को दूध या मिश्री का दान करना बहुत अच्छा माना जाता है। यह दान धार्मिक कार्यों के सुंदर और सफल संपादन के लिए अत्यंत श्रेष्ठ फलदायी माना जाता है।