अंग्रेजी तारीख 25 अप्रैल 2026 ई.। सूर्य उत्तरायण, उत्तर गोल, वसंत ऋतु। राहुकाल सुबह 09:00 से 10:30 बजे तक। नवमी तिथि सायं 06 बजकर 27 मिनट तक उपरांत दशमी तिथि का आरंभ। अश्लेषा नक्षत्र रात्रि 08 बजकर 04 मिनट तक उपरांत मघा नक्षत्र का आरंभ। गण्ड योग रात्रि 11 बजकर 43 मिनट तक उपरांत वृद्धि योग का आरंभ। बालव करण प्रातः 06 बजकर 50 मिनट तक उपरांत कौलव करण का आरंभ। चंद्रमा रात्रि 08 बजकर 04 मिनट तक कर्क राशि पर उपरांत सिंह राशि पर संचार करेगा।

महत्वपूर्ण विवरण

तिथि

शुक्ल नवमी – सायं 06:27 बजे तक, फिर दशमी

योग गण्ड – रात्रि 11:43 बजे तक, फिर वृद्धि

करण बालव – प्रातः 06:50 बजे तक

करण कौलव – सायं 06:27 बजे तक

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति

सूर्योदय का समय

प्रातः 05:46 बजे

सूर्यास्त का समय सायं 06:53 बजे

चंद्रोदय का समय दोपहर 01:09 बजे

चंद्रास्त का समय रात्रि 02:31 बजे (26 अप्रैल)

आज के व्रत त्योहार सीता नवमी

आज का शुभ मुहूर्त 25 अप्रैल 2026 :

अभिजीत मुहूर्त

दोपहर 11 बजकर 53 मिनट से 12 बजकर 46 मिनट तक

अमृत काल सायं 06 बजकर 29 मिनट से रात्रि 08 बजकर 04 मिनट तक

ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 18 मिनट से 5 बजकर 02 मिनट तक

आज का अशुभ मुहूर्त 25 अप्रैल 2026 :

राहुकाल

सुबह 09:00 से 10:30 बजे तक

गुलिक काल सुबह 06:00 से 07:30 बजे तक

यमगंड दोपहर 01:30 से 03:30 बजे तक

आज का नक्षत्र

आज चंद्रदेव अश्लेषा नक्षत्र में विराजमान रहेंगे।

अश्लेषा नक्षत्र: रात्रि 08:04 बजे तक

नक्षत्र स्वामी: बुधदेव

राशि स्वामी: चंद्रदेव

देवता: नाग (सर्प देवता)

प्रतीक: कुंडली मार कर बैठा हुआ सर्प

सामान्य विशेषताएं: खुशमिजाज व्यक्तित्व, जीवन के प्रति उत्साह, कुशाग्र बुद्धि, तीव्र स्मरण शक्ति, चतुर, प्रभावशाली वक्ता और रहस्यमयी।

सीता नवमी 2026

नवमी तिथि प्रारंभ

24 अप्रैल, शाम 07:21 बजे

नवमी तिथि समाप्त 25 अप्रैल, शाम 06:27 बजे

मध्याह्न पूजा मुहूर्त सुबह 11:01 से दोपहर 01:38 बजे तक

वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को माता सीता के प्राकट्य उत्सव के रूप में मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जनकपुत्री माता सीता का जन्म इसी पावन तिथि पर हुआ था। इस दिन भगवान राम और माता सीता की संयुक्त पूजा करने से घर में सुख-शांति और लक्ष्मी का स्थाई वास होता है। विशेष रूप से सुहागिन महिलाओं के लिए यह दिन वैवाहिक सुख और सौभाग्य प्रदान करने वाला माना गया है।

आज का उपाय : आज माता सीता और भगवान राम को पीले फूल अर्पित करें। शनिवार के दिन निर्धन व्यक्तियों को भोजन कराना जीवन के सही संचालन में सहायक होता है और शनि देव की कृपा बनी रहती है।

 

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