अंग्रेजी तारीख 24 अप्रैल 2026 ई.। सूर्य उत्तरायण, उत्तर गोल, वसंत ऋतु। राहुकाल सुबह 10:30 से दोपहर 12:00 बजे तक। अष्टमी तिथि सायं 07 बजकर 21 मिनट तक उपरांत नवमी तिथि का आरंभ। पुष्य नक्षत्र रात्रि 08 बजकर 14 मिनट तक उपरांत अश्लेषा नक्षत्र का आरंभ। शूल योग रात्रि 01 बजकर 24 मिनट (25 अप्रैल) तक उपरांत गण्ड योग का आरंभ। विष्टि करण प्रातः 08 बजकर 01 मिनट तक उपरांत बव करण का आरंभ। चंद्रमा दिन रात कर्क राशि पर संचार करेगा।

महत्वपूर्ण विवरण

तिथि

शुक्ल अष्टमी – सायं 07:21 बजे तक, फिर नवमी

योग शूल – रात्रि 01:24 बजे (25 अप्रैल) तक, फिर गण्ड

करण विष्टि – प्रातः 08:01 बजे तक

करण बव – सायं 07:21 बजे तक

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति

सूर्योदय का समय:

प्रातः 05:47 बजे

सूर्यास्त का समय: सायं 06:52 बजे

चंद्रोदय का समय: दोपहर 12:05 बजे

चंद्रास्त का समय: रात्रि 01:56 बजे (25 अप्रैल)

आज के व्रत त्योहार- बगुलामुखी जयंती।

आज का शुभ मुहूर्त 24 अप्रैल 2026 :

अभिजीत मुहूर्त

दोपहर 11 बजकर 53 मिनट से 12 बजकर 46 मिनट तक

अमृत काल दोपहर 02 बजकर 01 मिनट से 03 बजकर 35 मिनट तक

ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 19 मिनट से 5 बजकर 03 मिनट तक

आज का अशुभ मुहूर्त 24 अप्रैल 2026 :

राहुकाल

सुबह 10:30 से दोपहर 12:00 बजे तक

गुलिक काल सुबह 07:30 से 09:00 बजे तक

यमगंड दोपहर 03:30 से 04:30 बजे तक

आज का नक्षत्र

आज चंद्रदेव पुष्य नक्षत्र में विराजमान रहेंगे।

पुष्य नक्षत्र: रात्रि 08:14 बजे तक

नक्षत्र स्वामी: शनिदेव

राशि स्वामी: चंद्रदेव

देवता: बृहस्पति (देवगुरु)

प्रतीक: गाय का थन (पोषण का प्रतीक)

सामान्य विशेषताएं: परोपकारी, दूसरों की देखभाल करने वाले, परिश्रमी, धैर्यवान, शांत स्वभाव, न्यायप्रिय, आध्यात्मिक और दार्शनिक।

आज का उपाय : आज माता लक्ष्मी की उपासना करें और उन्हें मखाने की खीर का भोग लगाएं। शुक्रवार के दिन सफेद मिठाई या चावल का दान करना जीवन के सही संचालन में सुख-समृद्धि और मानसिक शांति प्रदान करता है।



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