शक संवत 1948, श्रावण, शुक्ल, नवमी, शुक्रवार, विक्रम संवत् 2083। तदनुसार अंग्रेजी तारीख 21 अगस्त सन् 2026 ई॰। सूर्य दक्षिणायन, उत्तर गोल, वर्षा ऋतु। राहुकाल सुबह 10 बजकर 30 मिनट से दोपहर 12 बजकर 00 मिनट तक। नवमी तिथि रात्रि 11 बजकर 36 मिनट तक उपरांत दशमी तिथि का आरंभ।
अनुराधा नक्षत्र प्रातः 11 बजकर 53 मिनट तक उपरांत ज्येष्ठा नक्षत्र का आरंभ। वैधृति योग अगले दिन तड़के 05 बजकर 18 मिनट (22 अगस्त) तक उपरांत विषकुम्भ योग का आरंभ। बालव करण प्रातः 10 बजकर 25 मिनट तक उपरांत कौलव करण का आरंभ। चन्द्रमा दिन रात वृश्चिक राशि पर संचार करेगा।
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
सूर्योदय का समय: प्रातः 05:53 बजे
सूर्यास्त का समय: सायं 06:55 बजे
चंद्रोदय का समय: दोपहर 02:12 बजे
चंद्रास्त का समय: मध्यरात्रि 12:10 बजे (22 अगस्त)
सूर्य और चंद्रमा की राशियां
सूर्य देव: सिंह राशि में स्थित हैं
चन्द्र देव: वृश्चिक राशि में स्थित हैं
आज का शुभ मुहूर्त 21 अगस्त 2026 :
ब्रह्म मुहूर्त : सुबह में 03 बजकर 55 मिनट से सुबह 04 बजकर 41 मिनट तक रहेगा।
अभिजीत मुहूर्त : दोपहर 11 बजकर 58 मिनट से 12 बजकर 50 मिनट तक रहेगा।
अमृत काल : का समय अगले दिन तड़के 04 बजकर 56 मिनट से प्रातः 06 बजकर 44 मिनट (22 अगस्त) तक रहेगा।
आज का चौघड़िया मुहूर्त 21 अगस्त 2026 :
चर (सामान्य) : सुबह 05 बजकर 53 मिनट से 07 बजकर 31 मिनट तक।
लाभ (उन्नति) : सुबह 07 बजकर 31 मिनट से 09 बजकर 09 मिनट तक।
अमृत (सर्वोत्तम) : सुबह 09 बजकर 09 मिनट से 10 बजकर 46 मिनट तक।
काल (सामान्य) : सुबह 10 बजकर 46 मिनट से दोपहर 12 बजकर 24 मिनट तक।
आज का अशुभ मुहूर्त 21 अगस्त 2026 :
राहुकाल : सुबह 10 बजकर 30 मिनट से दोपहर 12 बजकर 00 मिनट तक रहेगा।
गुलिक काल : सुबह 07 बजकर 30 मिनट से 09 बजकर 00 मिनट तक रहेगा।
यमगंड : दोपहर 03 बजकर 30 मिनट से शाम 05 बजकर 00 मिनट तक रहेगा।
आज का उपाय : आज शुक्रवार के दिन लक्ष्मी जी के मंदिर में जाकर उन्हें कमल या लाल गुलाब का फूल अर्पित करें, श्री सूक्त का पाठ करें और मिश्री का भोग लगाएं।