Utpanna Ekadashi पर राहुकाल का साया, जानें शुभ मुहूर्त

Update: 2025-11-14 11:49 GMT
Utpanna Ekadashi ज्योतिष न्यूज़मार्गशीर्ष मास चल रहा है. इस माह में उत्पन्ना एकादशी पड़ती है. इसे पहली एकादशी कहा जाता है. पौराणिक कथाओं के अनुसार, उत्पन्ना एकादशी के दिन जगत के पालनहार भगवान श्रीहरि विष्णु के शरीर से एक कन्या उत्पन्न हुई थी, जिसने ‘मुर’ राक्षस का वध किया था. उस समय भगवान विष्णु ने प्रसन्न होकर कन्या से कहा था कि वो उनके शरीर एकादशी के दिन उत्पन्न हुई है, इसलिए उसका नाम एकादशी होगा.
भगवान ने एकादशी देवी को ये वरदान भी दिया था कि उनके साथ ही उनकी भी पूजा की जाएगी. देवी एकादशी के जन्म के कारण मार्गशीर्ष मास की उत्पन्ना एकादशी और अधिक विशेष हो जाती है. इस दिन विधि-विधान से भगवान विष्णु के साथ देवी लक्ष्मी और देवी एकादशी का पूजन किया जाता है. इस दिन व्रत भी किया जाता है. इस दिन पूजन और व्रत करने से सभी पापों का नाश होता है. जीवन में खुशहाली आती है.
उत्पन्ना एकादशी पर राहुकाल का समय
इस साल उत्पन्ना एकादशी 15 नवंबर को है. इस दिन राहूकाल लग रहा है. ये वो समय होता है जब शुभ काम करने से बचना चाहिए. इस दौरान किए काम का शुभ परिणाम प्राप्त नहीं होता. पंचांग के अनुसार, उत्पन्ना एकादशी के दिन राहुकाल सुबह 9 बजकर 25 मिनट से शुरू होगा. ये सुबह 10 बजकर 45 मिनट तक रहने वाला है. इस समय कोई भी शुभ काम या पूजन न करें.
उत्पन्ना एकादशी शुभ मुहूर्त
उत्पन्ना एकादशी के दिन अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 44 मिनटपर शुरू होगा. ये मुहूर्त 12 बजकर 27मिनट तक रहेगा. विजय मुहूर्त दोपहर1 बजकर 53 मिनटपर शुरू होगा. ये मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 36 मिनट तक रहेगा. गोधूलि मुहूर्त शाम5 बजकर 27मिनट पर शुरू होगा. ये मुहूर्त शाम5 बजकर 54 मिनट तक रहेगा. इन सभी मुहूर्तों में उत्पन्ना एकादशी की पूजा की जा सकती है.
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