वैदिक ज्‍योतिष में शनि को सबसे क्रूर ग्रह माना जाता है। जो कि हम सभी के कर्मों का फल प्रदान करते हैं। इस वजह से 9 ग्रहों के परिवार में उन्‍हें न्‍यायाधीश की उपाधि भी दी गई है। इस साल शनिदेव 23 मई, रविवार को को अपनी ही राशि मकर में वक्री चाल से चलना आरंभ करेंगे और 11 अक्‍टूबर तक वक्री अवस्‍था में ही रहेंगे। ज्‍योतिष में ऐसा माना जाता है कि शनि जब वक्री होते हैं तो सभी राशियों को मुश्किल हालातों का सामना करना पड़ता है। मगर कुछ राशियों पर वितरीत प्रभाव बहुत ज्‍यादा होते हैं। आज हम आपको उन 5 राशियों के बारे में बताने जा रहे हैं जो जिनको शनि इस साल सबसे ज्‍यादा परेशान करने वाले हैं।

मेष राशि पर शनि के व्रकी होने का प्रभाव
मंगल और शनि दोनों को एक-दूसरे का घोर विरोधी माना जाता है और मंगल की राशि मेष होने की वजह से काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। शनि के मकर में वक्री होने की वजह से आपके परिवार में तो सब कुछ सामान्‍य रहेगा, लेकिन इस वक्‍त में आपको अपने घर वालों से किसी प्रकार के विवाद में पड़ने से बचना चाहिए। इस वक्‍त आपकी आय में वृद्धि होगी तो उसके साथ ही आपके खर्चे भी बहुत बढ़ जाएंगे। इस वक्‍त आपका स्‍वास्‍थ्‍य सामान्‍य रहेगा, लेकिन आपको खानपान पर विशेष रूप से ध्‍यान देने की जरूरत है। उपाय के तौर पर हर शनिवार को हनुमान चालीसा का पाठ करें।
कन्‍या राशि पर शनि के व्रकी होने का प्रभाव
कुछ मामलों में शनि के वक्री होने के आप पर विपरीत प्रभाव हो सकते हैं। आपको इस वक्‍त बच्‍चों का विशेष रूप से ध्‍यान रखना चाहिए और बड़ों का खास तौर पर सम्‍मान करना चाहिए। आर्थिक मामलों में यह दौर आपके लिए थोड़ी सी परेशानी बढ़ाने वाला हो सकता है। इस वक्‍त आपको किसी नए प्रॉजेक्‍ट में पैसा लगाने से बचना चाहिए, वरना आपको नुकसान हो सकता है। सेहत के मामले में यह वक्‍त आपको तनाव देने वाला हो सकता है। कोरोना के संक्रमण से बचाव करें और अच्‍छा आहार लें। उपाय के तौर पर हरी या नीली रंग की बोतल से पानी पिएं। लक्ष्मी स्‍त्रोत का पाठ करें।
तुला राशि पर शनि के व्रकी होने का प्रभाव
शनि के वक्री होने से आपकी राशि वालों को दांपत्‍य के मामलों में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इस वक्‍त भगवान में आपकी आस्‍था बढ़ जाएगी और साथ ही आपको अपने से बड़ों का आदर करना चाहिए और अपने पार्टनर के साथ भी वक्‍त बिताना चाहिए। कार्यक्षेत्र में कोई भी कठोर फैसले लेने से बचें और अपनी सीनियर व सहयोगियों का सम्‍मान करें। पेट को लेकर परेशानी हो सकती है। इस वक्‍त आपके लिए हल्‍हा आहार लेना सही रहेगा। किसी भी प्रकार के धूम्रपान या फिर नशे से दूर रहें। शनि की प्रिय वस्‍तुओं का दान करने से लाभ होगा।
वृश्चिक राशि पर शनि के व्रकी होने का प्रभाव
मंगल की दूसरी राशि वृश्चिक वालों को शनि से सावधान रहने की जरूरत है। शनि के वक्री होने से आपके परिवार वालों के साथ विवाद बढ़ सकते हैं। बेहतर होगा कि इस वक्‍त मुद्दों को तूल देने की बजाए बातों को नजरंदाज करें। खासकर छोटे भाई-बहनों की बातों का बुरा न मानें। पैसों के मामले में भी यह वक्‍त थोड़ा सा मुश्किल भरा हो सकता है। अपने पैसों को इस वक्‍त बचाकर चलें। परिवार में बड़े सदस्‍यों का पूरा सम्‍मान करें और तबियत खराब होने पर डॉक्‍टर की सलाह के बिना दवाई न लें। जिन लोगों के पास किसी बात का आधा-अधूरा ज्ञान हो उनसे बहस न करें और कार्यक्षेत्र में अपने पास एक पाइराइट रखें।
धनु राशि पर शनि के व्रकी होने का प्रभाव
आपके ऊपर शनि की साढ़ेसाती इस वक्‍त आखिरी दौर में है, इसलिए आपको इस वक्‍त कोई भी बड़ा फैसला लेने से बचना चाहिए। किसी भी मामले में इस वक्‍त कोई नया आरंभ न करें। चूंकि शनि आपकी कुंडली के दूसरे भाव में वक्री होने जा रहे हैं इसलिए इस वक्‍त किसी प्रकार का फालतू खर्च करने से बचें। पैसे का सही जगह इस्‍तेमाल करना सबसे जरूरी है। इस वक्‍त सेहत को लेकर लापरवाही करना आपको भारी पड़ सकता है। कोई भी ऐसा काम न करें कि आपको लेने के देने पड़ जाएं। उपाय के तौर पर दाएं हाथ में रक्षासूत्र पहनें और हर शनिवार को शनि मंदिर में जाकर दर्शन करें।


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