जनता से रिश्ता वेबडेस्क:  सफला एकादशी 9 जनवरी को है। इस दिन भगवान विष्णु जी का आशीर्वाद पाने के लिए सफला एकादशी का व्रत रखा जाएगा। हिन्दू पंचांग के अनुसार, पौष मास कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को सफला एकादशी कहा जाता है। शास्त्रों में एकादशी व्रत के नियम बताए गए हैं। इस दिन कुछ विशेष कार्यों को नहीं करना चाहिए। आइए जानते हैं एकादशी तिथि के नियम-

एकादशी पर भूलकर न करें ये काम
शास्त्रों में सभी 24 एकादशियों में चावल खाने को वर्जित बताया गया है। ऐसी मान्यता है कि एकादशी के दिन चावल खाने से मनुष्य रेंगने वाले जीव की योनि में जन्म लेता है इसलिए इस दिन भूलकर भी चावल का सेवन न करें।
एकादशी का व्रत भगवान विष्णु की आराधना और उनके प्रति समर्पण के भाव को दिखाता है। एकादशी के दिन खान-पान और व्यवहार में संयम और सात्विकता का पालन करना चाहिए।
एकादशी के दिन संयम के साथ पति-पत्नी को ब्रह्राचार्य का पालन करना चाहिए इसलिए इस दिन शारीरिक संबंध नहीं बनना चाहिए।
सभी तिथियों में एकादशी कि तिथि बहुत शुभ मानी गई है। एकादशी का लाभ पाने के लिए इस दिन किसी को कठोर शब्द नहीं कहना चाहिए। लड़ाई-झगड़ा से बचना चाहिए।
एकादशी का दिन भगवान की आराधना का दिन होता है इसलिए इस दिन सुबह जल्दी उठ जाना चाहिए और शाम के वक्त सोना भी नहीं चाहिए। इसके अलावा इस दिन न तो क्रोध करना चाहिए और न ही झूठ बोलना चाहिए।
सफला एकादशी के दिन करें ये काम
एकादशी व्रत के दिन दान अवश्य करना चाहिए।
एकादशी व्रत पर अगर संभव हो तो गंगा स्नान करना शुभ होता है।
विवाह के लिए एकादशी के दिन केसर, केला या हल्दी का दान करें।
एकादशी का व्रत करने से इच्छाएं पूरी होती हैं और साथ ही भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी जी भी प्रसन्न होती हैं।
प्रत्येक एकादशी का व्रत रखने पर धन, मान-सम्मान, अच्छी सेहत, ज्ञान, संतान सुख, पारिवारिक सुख,और मनोवांछित फल मिलते हैं।
एकादशी का व्रत करने से हमारे पूर्वजों को स्वर्ग में जगह मिलती है।


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