धार्मिक | प्रदोष व्रत भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त करने के लिए रखा जाता है। हर महीने दो बार, कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को यह व्रत किया जाता है। चैत्र माह 2025 में प्रदोष व्रत का खास महत्व है क्योंकि यह शिवभक्तों के लिए शुभ फलदायक माना जाता है।
चैत्र माह में प्रदोष व्रत की तिथि और शुभ मुहूर्त
चैत्र मास में दो प्रदोष व्रत पड़ेंगे:
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कृष्ण पक्ष प्रदोष व्रत – 26 मार्च 2025, बुधवार
- व्रत का समय: सूर्योदय से प्रदोष काल तक
- पूजा मुहूर्त: शाम 06:30 बजे से 08:30 बजे तक
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शुक्ल पक्ष प्रदोष व्रत – 9 अप्रैल 2025, बुधवार
- व्रत का समय: सूर्योदय से प्रदोष काल तक
- पूजा मुहूर्त: शाम 06:40 बजे से 08:50 बजे तक
प्रदोष व्रत की विधि
- सुबह स्नान कर व्रत का संकल्प लें।
- दिनभर फलाहार करें और भगवान शिव का ध्यान करें।
- शाम के समय शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र और धतूरा अर्पित करें।
- “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें।
- भगवान शिव की आरती करें और प्रसाद बांटें।
प्रदोष व्रत के लाभ
- जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
- नकारात्मक शक्तियों से रक्षा होती है।
- दांपत्य जीवन में प्रेम बढ़ता है।
- सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
अगर आप शिव कृपा प्राप्त करना चाहते हैं, तो चैत्र मास में प्रदोष व्रत का पालन जरूर करें। यह व्रत विशेष रूप से उनकी इच्छाओं को पूरा करता है जो शिव भक्ति में लीन रहते हैं।