Pradosh Vrat 2024 Niyam: हिन्दू धर्म में प्रदोष व्रत का बहुत अधिक महत्व होता है. इस व्रत को करने से महिलाओं को सुखी वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद प्राप्त होता है और बिगड़े हुए काम भी जल्दी बनने शुरू हो जाते हैं. प्रदोष व्रत भगवान शिव को समर्पित एक महत्वपूर्ण व्रत है. कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 29 अक्टूबर दिन मंगलवार को सुबह 10 बजकर 31 मिनट पर शुरू होगी और 30 अक्टूबर दिन बुधवार को दोपहर में 1 बजकर 15 मिनट पर समाप्त होगी |
प्रदोष व्रत के दिन क्या करें
प्रदोष काल में शिवलिंग की पूजा करना अति आवश्यक है.
शिवलिंग पर बिल्व पत्र चढ़ाएं.
ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप करें.
शिव पुराण का पाठ करें.
आप पूरे दिन निराहार रह सकते हैं या फलाहार कर सकते हैं.
गरीबों को दान करें.
शिव मंदिर में जाकर दर्शन करें और शिव जी का ध्यान करें.
प्रदोष व्रत के दिन क्या न करें
मांस-मछली का सेवन न करें और शाकाहारी भोजन ही करें.
प्याज और लहसुन का सेवन न करें क्योंकि ये तमोगुणी होते हैं.
शराब और नशीले पदार्थों का सेवन न करें. ये शिव जी को प्रिय नहीं हैं.
झूठ न बोलें और किसी का बुरा न सोचें. साथ ही कलेश करने से बचें.
प्रदोष व्रत का पारण
महिलाएं प्रदोष काल के बाद व्रत का पारण कर सकती हैं. पारण के समय फल, दूध या अन्य शुद्ध भोजन ग्रहण कर सकती हैं.
प्रदोष व्रत के दिन करें ये उपाय
महिलाएं अपने वैवाहिक जीवन में खुशहाली लाने, वंश वृद्धि बढ़ाने और सुख समृद्धि बनाए रखने के लिए दूध में केसर मिलाकर प्रदोष काल में शिवलिंग पर अर्पित करें और जौ के आटे को भगवान शिव के चरणों में अर्पित कर इसकी रोटियां बनाएं. फिर इन रोटियों को गाय के बछड़े को खिलाएं. इससे घर में धन संपत्ति में वृद्धि होगी और इनकम की स्थिति भी सुधरेगी. इससे आपकी सभी परेशानियां खत्म हो जाएंगी |