Navratri Mahanavami ज्योतिष न्यूज़: पंचांग की गणना के अनुसार, इस वर्ष आश्विन शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि 19 अक्तूबर 2026 को सुबह 10 बजकर 51 मिनट पर आरंभ होगी और 20 अक्तूबर को दोपहर 12 बजकर 50 मिनट तक रहेगी। यही वजह है कि कुछ लोग 18 अक्तूबर को तो कुछ लोग 20 अक्तूबर को महानवमी मनाएंगे। नवरात्रि का पावन पर्व मां दुर्गा की उपासना और साधना का विशेष समय होता है।
इस पवित्र नौ दिनों के सफर के बाद आखिरी दिन यानी महानवमी का बहुत अधिक धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अगर आप इस अंतिम दिन कुछ विशेष और आसान उपाय कर लेते हैं, तो पूरे साल मां दुर्गा और मां लक्ष्मी की असीम कृपा आपके परिवार पर बनी रहती है। आइए इस लेख में सरल भाषा में जानते हैं कि वे चार अचूक उपाय कौन से हैं जिन्हें आपको जरूर करना चाहिए।
कन्या पूजन और आदरपूर्वक विदाई
नवरात्रि के आखिरी दिन दो से दस वर्ष की कन्याओं को घर बुलाकर उनके चरण धोना सबसे बड़ा पुण्य माना जाता है।
इसके बाद उन्हें हलवा, पूरी और चने का भोग लगाएं और विदाई के समय लाल चुनरी, फल व शृंगार का सामान भेंट कर आशीर्वाद लें।
मुख्य द्वार पर तोरण और स्वस्तिक का विधान
घर में साल भर सकारात्मक ऊर्जा और बरकत बनाए रखने के लिए अंतिम दिन मुख्य द्वार पर आम या अशोक के पत्तों का तोरण लगाएं।
इसके दोनों तरफ कुमकुम या सिंदूर से स्वस्तिक का चिन्ह बनाने से नकारात्मक शक्तियां हमेशा दूर रहती हैं।
माता रानी को शृंगार सामग्री और फूल अर्पित करना
अखंड सौभाग्य और आर्थिक उन्नति के लिए महानवमी के दिन मां दुर्गा को लाल कमल या गुलाब का फूल अर्पित करें।
इसके साथ ही सुहाग की संपूर्ण सामग्री चढ़ाएं, जिसे बाद में घर की महिलाएं प्रसाद के रूप में उपयोग कर सकती हैं।
Tags: