Lord Ganesha Bhog:   कृष्ण और शुक्ल पक्ष में पड़ने वाली चतुर्थी तिथि पर भगवान गणेश की विशेष पूजा की जाती है। साथ ही सभी संकटों से मुक्ति पाने के लिए व्रत भी किया जाता है। आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को कृष्णपिङ्गल संकष्टी चतुर्थी के नाम से जाना जाता है। इस बार यह पर्व 25 जून को मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यता है कि संकष्टी चतुर्थी पर गणपति बप्पा की पूजा-अर्चना और व्रत करने से जातक को जीवन में सुख और शांति की प्राप्ति होती है। साथ ही भगवान गणेश जी का आशीर्वाद मिलता है।
कृष्णपिङ्गल संकष्टी चतुर्थी के दिन शिव परिवार के साथ गणपति बप्पा पूजा करें। इस दौरान देशी घी का दीपक जलाकर आरती करें। इसके बाद प्रभु को प्रिय चीजों का भोग लगाएं। गणेश जी मोदक का भोग जरूर लगाएं। ऐसा माना जाता है कि इससे भगवान गणेश जी प्रसन्न होते हैं और सभी मुरादें पूरी होती हैं।
इसके अलावा गणपति बप्पा को लड्डु भी प्रिय है। ऐसे में उन्हें लड्डु का भोग लगाकर प्रसन्न किया जा सकता है। साथ ही खीर, फल और मिठाई का भोग लगाना फलदायी साबित होता है।
भोग मंत्र (Bhog Mantra)
त्वदीयं वस्तु गोविन्द तुभ्यमेव समर्पये। गृहाण सम्मुखो भूत्वा प्रसीद परमेश्वर।।
इस मंत्र का अर्थ है कि हे भगवान जो भी मेरे पास है। वो आपका दिया हुआ है। मैं आपको दिया हुआ अर्पित करता हूं। मेरे इस भोग को आप स्वीकार करें।
पंचांग के अनुसार, आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि की शुरुआत 25 जून को देर रात 01 बजकर 23 मिनट पर होगी। वहीं, इसका समापन 25 जून को रात 11 बजकर 10 मिनट पर होगा। ऐसे में 25 जून को कृष्णपिङ्गल संकष्टी चतुर्थी का पर्व मनाया जाएगा।
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