Religion Desk धर्म डेस्क : वैदिक पंचांग के अनुसार इस वर्ष अधिक मास में भानु सप्तमी 07 जून को मनाई जाएगी। यह दिन सूर्य देव की उपासना और उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन विधि-विधान से सूर्य देव की पूजा करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है और रुके हुए कार्यों में सफलता मिलने की संभावना बढ़ती है।
धार्मिक परंपराओं में सूर्य देव को जीवन, ऊर्जा और स्वास्थ्य का प्रमुख स्रोत माना गया है। मान्यता है कि भानु सप्तमी के दिन उनकी आराधना करने से साधक के बिगड़े हुए कार्य पूरे होते हैं और जीवन में सुख-शांति बनी रहती है। इस दिन विशेष रूप से सूर्य को अर्घ्य देने और मंत्रों के जाप का महत्व बताया गया है।
पंचांग के अनुसार, अधिक मास में आने वाली यह भानु सप्तमी विशेष फलदायी मानी जाती है। भक्तजन इस दिन प्रातःकाल स्नान कर सूर्य देव को जल अर्पित करते हैं और उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए व्रत एवं पूजा-अर्चना करते हैं।
धार्मिक जानकारों के अनुसार, इस दिन सूर्य मंत्रों का जाप, तांबे के पात्र से जल अर्पण और ध्यान करने से मानसिक शांति मिलती है तथा आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। कई श्रद्धालु इस दिन दान-पुण्य भी करते हैं, जिसे शुभ फलदायक माना गया है।
मान्यता यह भी है कि सूर्य उपासना से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में सुधार होता है और व्यक्ति के जीवन में ऊर्जा एवं उत्साह का संचार होता है। खासकर यह दिन उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है जो लंबे समय से किसी कार्य में बाधा या असफलता का सामना कर रहे हैं।
भानु सप्तमी पर भक्तजन विशेष पूजा-पाठ कर सूर्य देव से आशीर्वाद प्राप्त करने का प्रयास करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन की गई साधना का प्रभाव अधिक शुभ और शीघ्र फल देने वाला माना जाता है।
कुल मिलाकर, भानु सप्तमी का यह पर्व श्रद्धा, आस्था और सूर्य उपासना का प्रतीक माना जाता है, जो व्यक्ति के जीवन में सकारात्मकता और ऊर्जा का संचार करने वाला दिन माना जाता है।