जानिए क्यों पड़ता है सूर्य ग्रहण ?

भारत में सूर्य ग्रहण ( Solar Eclipse ) खत्म होने वाला है। भारत में सूर्य ग्रहण शाम 4 बजकर 29 मिनट से शुरू हुआ

Update: 2022-10-25 13:01 GMT

जनता से रिश्ता वेबडेस्क।    भारत में सूर्य ग्रहण ( Solar Eclipse ) खत्म होने वाला है। भारत में सूर्य ग्रहण शाम 4 बजकर 29 मिनट से शुरू हुआ। यह शाम 6 बजकर 9 मिनट पर खत्म होगा। इससे करीब 12 घंटे पहले भारत में सूतक काल सुबह 4 बजे से ही शुरू हो चुका है। करीब 27 साल बाद ऐसा हुआ है कि दिवाली के दूसरे दिन सूर्य ग्रहण लगा है। इससे पहले यह खगोलीय घटना 24 अक्टूबर 1995 को दिवाली के दूसरे दिन हुई थी। आज आंशिक सूर्य ग्रहण पड़ रहा है। ग्रहण की वजह से गोवर्धन पूजा आज की जगह कल 26 अक्टूबर को और भैया दूज का त्योहार परसों 27 अक्टूबर को मनाया जाएगा। ग्रहण में भोजन करने से पहले खाने-पीने के सामान में तुलसी के पत्ते रखने चाहिए। दिल्ली के बिरला मंदिर के पुजारी लाल चंद शर्मा ने कहा कि आज इस सदी का सबसे बड़ा सूर्य ग्रहण लगेगा। सूतक अभी चल रहा है। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को छोड़कर किसी को भी ग्रहण के दौरान न यात्रा करनी चाहिए, न खाना चाहिए और न ही सोना चाहिए। हमें अपने घरों में शांतिपूर्वक रहना चाहिए।

ग्रहण के बाद कब खुलेंगे मंदिर
ग्रहण आज शाम 6.09 बजे खत्म हो जाएगा। इसके बाद मंदिरों में साफ-सफाई होगी। कुछ में यज्ञ-हवन भी होगा। फिर पूजा पाठ के बाद आरती की जाती है। यानी 06.09 बजे के बाद मंदिर खुल जाएंगे।
ग्रहण के बाद क्या करें
- ग्रहण के बाद कपड़ों सहित स्नान करना चाहिए।
- ग्रहण के बाद आसन, गोमुखी व मंदिर में बिछा हुआ कपड़ा सभी को धो दें। गोमूत्र या गंगाजल का छिड़काव पूरे घर में करें। ऐसा करने से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है।
- सूतक काल लगते ही तुलसी या कुश मिश्रित जल को खाने-पीने की चीजों में रखना चाहिए। लेकिन इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि तुलसी दल या कुश को ग्रहण के बाद निकाल देना चाहिए। कहते हैं ग्रहण का असर तुलस दल ले लेता है और आपकी चीजों को दूषित नहीं होने देता । इसलिए ग्रहण समाप्त होने के बाद इसे निकाल लेना चाहिए।
- ग्रहण के बाद गरीबों में दान करना अच्छा माना जाता है। ग्रहण के बाद अनाज से लेकर कपड़ों का मंदिर में दान करना चाहिए। राशि के अनुसार दान की वस्तुए देना और भी शुभ रहता है।
- ग्रहण खत्म होने के बाद देवी देवताओं के दर्शन जरूर केरं।
- माता लक्ष्मी के पूजन की चौकी भी ग्रहण काल के समाप्त होने के बाद ही उठाई जाएगी।
क्यों पड़ता है सूर्य ग्रहण ?
खगोलशास्त्र के अनुसार, सूर्य चंद्रमा और पृथ्वी जब एक ही सीध पर आ जाते हैं तो चंद्रमा की छाया पृथ्वी पर पड़ती है। दूसरे शब्दों में यह कह सकते हैं कि चंद्रमा पृथ्वी के कुछ हिस्से पर कुछ देर के लिए सूर्य की रोशनी बाधित करता है। इसे ही सूर्य ग्रहण कहते हैं।
- किस शहर में कितने बजे है ग्रहण
लखनऊ- शाम 04:36 बजे से शाम 05:29 बजे
अहमदाबाद - शाम 04:38 बजे से शाम 06:06 बजे
पटना- शाम 04:42 बजे से शाम 05:14 बजे
भोपाल- शाम 04:42 बजे से शाम 05:47 बजे
मुंबई - शाम 04:49 बजे से शाम 06:09 बजे
नागपुर - शाम 04:49 बजे से शाम 05:42 बजे
शिमला- शाम 4 बजकर 23 मिनट से 5 बजकर 39 मिनट तक
अमृतसर- शाम 4 बजकर 19 मिनट से 5 बजकर 48 मिनट तक
हैदराबाद- 04 बजकर 58 मिनट से 05 बजकर 48 मिनट तक
बैंगलोर- 05 बजकर 12 मिनट से 05 बजकर 56 मिनट तक
पुणे- 04 बजकर 51 मिनट से 06 बजकर 06 मिनट तक
किस राशि पर पड़ेगा प्रभाव-
साल का अंतिम सूर्य ग्रहण तुला राशि में लग रहा है। जिसके कारण इस राशि वालों के लिए यह घटना बेहद खास मानी जात रही है। इसके अलावा ग्रहण का असर चित्रा व स्वाती नक्षत्र पर सबसे ज्यादा रहेगा।

न्यूज़ क्रेडिट: livehindustan

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