जानें सूर्य देवता की पूजा के दौरान किन- किन बातों का ध्यान रखना चाहिए
ज्योतिष में भगवान सूर्य को नवग्रहों का राजा कहा गया है.
जनता से रिश्ता वेबडेस्क। ज्योतिष में भगवान सूर्य को नवग्रहों का राजा कहा गया है. सूर्य देव की पूजा करने से जीवन में यश और वैभव की प्राप्ति होती है. हर काम में सफलता हासिल होती है. ग्रंथों के अनुसार, प्रतिदिन सूर्य देवता को जल अर्पित करने से मान-सम्मान की प्राप्ति होती है. इस दौरान मंत्रों का उच्चारण करने से भाग्य का उदय होता है और जीवन में तरक्की मिलती है. आइये जानते हैं पंडित इंद्रमणि घनस्याल से सूर्य देवता की पूजा के दौरान किन- किन बातों का ध्यान रखना होता है.
सूर्य देवता की पूजा से लाभ
भगवान सूर्य देवता की पूजा और उपासना का विशेष महत्व है. भगवान सूर्य को तेज और सकारात्मक शक्ति का देवता भी कहते हैं. धार्मिक शास्त्रों के अनुसार, जीवन में सफलता पाने के लिए सूर्य देवता को रोजाना सुबह जल अर्पित करने के साथ ही मंत्रों का उच्चारण करना चाहिए. ऐसा करने से सभी कष्टों का निवारण होता है और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है.
सूर्य देवता के मंत्र
सूर्य देव का वैदिक मंत्र
ऊँ आकृष्णेन रजसा वर्तमानो निवेशयन्नमृतं मर्त्यण्च । हिरण्य़येन सविता रथेन देवो याति भुवनानि पश्यन ।।
सूर्य तांत्रोक्त मंत्र
ॐ घृणि: सूर्यादित्योम, ऊँ घृणि: सूर्य आदित्य श्री, ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं स: सूर्याय: नम:, ऊँ ह्रीं ह्रीं सूर्याय नम:।।
सूर्य प्रार्थना मंत्र
ग्रहाणामादिरादित्यो लोक लक्षण कारक:। विषम स्थान संभूतां पीड़ां दहतु मे रवि।।
सूर्य देवता की पूजा के नियम
सूर्य देवता की विधि विधान से पूजा करने के कई नियम हैं. सूर्योदय से पहले आपको बिस्तर छोड़ देना चाहिए. इसके बाद स्नान करने के बाद सूर्य देव को जल अर्पित करना चाहिए. इस दौरान सूर्य देवता के मंत्रों का जाप करना चाहिए. रविवार को सूर्य देव की विशेष पूजा होती है. रविवार को व्रत रखकर सुबह और संध्या को सूर्य देव को अर्घ्य देना चाहिए. इससे सूर्य देव प्रसन्न होते हैं और भक्तों को आशीर्वाद देते हैं.