Kaal Sarp Dosh जानिए इससे छुटकारा पाने के उपाय

Update: 2025-02-16 13:13 GMT
Kaal Sarp Dosh ज्योतिष न्यूज़: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुंडली में ग्रहों की स्थिति एक समय अंतराल के दौरान बदलती रहती है जिससे कुछ योग बनते हैं. इनमें कुछ योग शुभ होते हैं तो कुछ योग अशुभ होते हैं. कुंडली में बने इन ग्रहों का शुभ व अशुभ प्रभाव व्यक्ति के जीवन पर भी पड़ता है. इन्हीं में से एक कालसर्प योग है जिसे ज्योतिष शास्त्र में एक अशुभ योग माना गया है. जिस व्यक्ति की कुंडली में कालसर्प योग होता है उसे आर्थिक, मानसिक और शारीरिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है.
कब और कैसे बनता है कालसर्प दोष?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब किसी व्यक्ति की कुंडली में राहु और केतु के बीच सभी ग्रह आ जाते हैं तब कालसर्प दोष बनता है. ज्योतिष शास्त्र में राहु का सांप का मुख और केतु को सांप की पूंछ माना गया है. जिन जातकों की कुंडली में कालसर्प दोष होता है उन्हें राहु और केतु के भी अशुभ प्रभाव का सामना करना पड़ता है.
कालसर्प दोष के लक्षण (Kaal Sarp Dosha Lakshan)
यदि कोई व्यक्ति कालसर्प दोष से पीड़ित है तो उसके विवाह में देरी होती है और विवाह के योग बनते-बनते रह जाते हैं.
वहीं कालसर्प दोष के कारण संतान न होने की समस्या का भी सामना करना पड़ता है.
कालसर्प दोष होने पर पारिवारिक कलह और मानसिक तनाव हमेशा बना रहता है.
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कालसर्प दोष होने पर व्यक्ति की निर्णय लेने की क्षमता भी कमजोर हो जाती है.
नौकरी में परेशानियां व शिक्षा के क्षेत्र में आ रही रुकावटें भी कालसर्प दोष का लक्षण हो सकता है.
कालसर्प दोष से बचने के उपाय (Kaal Sarp Dosh Upay)
अगर कोई व्यक्ति कालसर्प दोष से पीड़ित है तो उसे ज्योतिष में बताए गए कुछ उपाय जरूर करने चाहिए. ताकि समय रहते इस दोष से छुटकारा पाया जा सके. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सोमवार व शनिवार के दिन शिवलिंग का काले तिल व गंगाजल से अभिषेक करना चाहिए. इसके अलावा तिल का दान करने से भी कालसर्प दोष का अशुभ प्रभाव कम होता है. कालसर्प दोष से छुटकारा पाने के लिए व्यक्ति को दिन में दो बार हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई सभी जानकारियां सामाजिक और धार्मिक आस्थाओं पर आधारित हैं. India.Com इसकी पुष्टि नहीं करता. इसके लिए किसी एक्सपर्ट की सलाह अवश्य लें.
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